CWG, Asian Games से पहले मैरी कॉम की सलाह — ओवरकॉन्फिडेंस छोड़ो और गोल्ड पर फोकस करो
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में मैरी कॉम ने खिलाड़ियों को ओवरकॉन्फिडेंस से बचने और गोल्ड पर फोकस करने की सलाह दी. वहीं पुलेला गोपीचंद ने रोजमर्रा की जिंदगी में खेल और फिटनेस को शामिल करने पर जोर दिया.
भारतीय बॉक्सिंग की दिग्गज खिलाड़ी मैरी कॉम (Mary Kom) ने युवा खिलाड़ियों को अहम सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि भारतीय बॉक्सर्स को ओवरकॉन्फिडेंस से बचना चाहिए और अपना पूरा ध्यान गोल्ड मेडल जीतने पर रखना चाहिए.
मैरी कॉम ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के दौरान मौजूद थीं, जहां उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की.
मैरी कॉम ने कहा कि खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य को अपने दिल में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई बार खिलाड़ी इंटरव्यू में कह देते हैं कि वे एशियन गेम्स या कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जरूर जीतेंगे.
लेकिन अगर बाद में ऐसा नहीं होता, तो यह अच्छा नहीं लगता. इसलिए खिलाड़ियों को ज्यादा बोलने के बजाय चुपचाप मेहनत करनी चाहिए और अपने प्रदर्शन से जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाले हर खिलाड़ी का एक ही लक्ष्य होना चाहिए, देश के लिए गोल्ड जीतना.
यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल पहल का हिस्सा था. इसकी शुरुआत दिसंबर 2024 में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की थी.
आज यह एक बड़ा जन आंदोलन बन चुका है. देशभर में 2.63 लाख से ज्यादा स्थानों पर 28 लाख से अधिक लोग इसमें भाग ले चुके हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में 700 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया.

मैरी कॉम ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के दौरान मौजूद थीं. (image: SAI)
मैरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था. वह ऐसा करने वाली कर्णम मल्लेश्वरी के बाद दूसरी भारतीय महिला बनीं.
उन्होंने 2014 एशियन गेम्स और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीते हैं. उनका करियर भारतीय खेलों के लिए प्रेरणा है.
मैरी कॉम ने कहा कि उनके समय में खेलों के लिए सुविधाएं बहुत सीमित थीं. जो भी थोड़ी बहुत मदद मिलती थी, उसी में उन्होंने मेहनत की और खुद को साबित किया.
आज के खिलाड़ियों के पास बेहतर सुविधाएं हैं. सरकार की योजनाएं जैसे टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम और खेलो इंडिया खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, कोचिंग और बेहतर प्रशिक्षण दे रही हैं.
उनका मानना है कि इन पहलों से खिलाड़ियों को तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है.
मैरी कॉम ने छत्तीसगढ़ में चल रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG 2026) की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण मंच है.
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बहुत प्रतिभा छिपी हुई है, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल पाता. इस तरह के आयोजन से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने ग्रामीण और जनजातीय खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ाए.
मैरी कॉम ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोग बहुत मेहनती होते हैं. उनके पास प्राकृतिक ताकत और सहनशक्ति होती है. अगर उन्हें सही समर्थन मिले, तो वे देश के लिए जल्दी पदक जीत सकते हैं.
हैदराबाद में आयोजित इसी अभियान के एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद मुख्य अतिथि थे.
इस कार्यक्रम में 1000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. इसमें 10 और 20 किलोमीटर की साइकिल राइड, वार्मअप सेशन, जुम्बा और अन्य गतिविधियां शामिल थीं.
गोपीचंद ने कहा कि खेलों को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है. इससे शरीर मजबूत होता है और अनुशासन विकसित होता है.
उन्होंने छात्रों को खेल अपनाने के लिए प्रेरित किया और IIT हैदराबाद द्वारा फिटनेस को बढ़ावा देने की सराहना की.

आज ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम एक बड़ा जन आंदोलन बन चुका है. देशभर में 2.63 लाख से ज्यादा स्थानों पर 28 लाख से अधिक लोग इसमें भाग ले चुके हैं. (image: SAI)
‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ का आयोजन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (MYAS) द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI), इंडियन रोप स्किपिंग फेडरेशन, योगासन भारत, राहगिरी फाउंडेशन, MY Bikes और MY Bharat के सहयोग से किया जाता है.
यह साइक्लिंग अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित किया जाता है. इसमें SAI के क्षेत्रीय केंद्र, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOEs), SAI प्रशिक्षण केंद्र (STCs), खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (KISCEs) और खेलो इंडिया केंद्र (KICs) शामिल होते हैं.
इस पहल का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में फिटनेस अपनाने के लिए प्रेरित करना है.
मैरी कॉम और पुलेला गोपीचंद जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के संदेश यह दिखाते हैं कि भारत में खेल और फिटनेस को लेकर सोच बदल रही है.
आज लक्ष्य सिर्फ भाग लेना नहीं है, बल्कि जीतना है. और जीत के लिए जरूरी है मेहनत, अनुशासन और सही सोच.
भारत अब खेलों में एक नई दिशा की ओर बढ़ रहा है.
(images: Sports Authority of India - SAI)




