15 मई का इतिहास: क्रांतिकारी सुखदेव का जन्म और McDonald's की शुरुआत
15 मई: जानें क्यों है इतिहास में खास! आज ही के दिन हुआ था लुई तेरहवें का राजतिलक, क्रांतिकारी सुखदेव का जन्म, मैकडोनाल्ड्स की शुरुआत और फील्ड मार्शल करिअप्पा का निधन. साथ ही जानें, क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस.
हर दिन अपने साथ इतिहास की कोई न कोई अहम कहानी लेकर आता है. 15 मई भी कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक पलों का गवाह बना है, जिनका असर भारत ही नहीं, पूरी दुनिया पर पड़ा है. आइए, जानें देश दुनिया के इतिहास में आज के दिन घटी कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में.
भारत और विश्व के इतिहास में 15 मई की प्रमुख घटनाएं
1610 – फ्रांस को मिला नया राजा
पेरिस की संसद ने 15 मई 1610 को लुई तेरहवें को फ्रांस का राजा नियुक्त किया था, जिन्होंने बाद में फ्रांसीसी शासन को मजबूत किया. उन्होंने 1643 तक शासन किया.
1907 – क्रांतिकारी सुखदेव थापर का जन्म
15 मई 1907 को, क्रांतिकारी सुखदेव थापर का जन्म लुधियाना, पंजाब के नौघरा गाँव में हुआ था. उन्होंने भगत सिंह और राजगुरु के साथ मिलकर ब्रिटिश सरकार के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) से जुड़े थे. उन्हें जे.पी. सांडर्स की हत्या के मामले (लाहौर षड्यंत्र) में फांसी दी गई, और वे शहीद कहलाए. शहादत के समय सुखदेव की उम्र मात्र 24 साल थी.
1940 – McDonald’s की शुरुआत
15 मई 1940 को कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डीनो में रिचर्ड और मौरिस मैकडोनाल्ड भाइयों ने विश्व प्रसिद्ध फास्ट फूड चेन ‘मैकडोनाल्ड्स’ की शुरुआत की थी. उन्होंने इसे "स्पीडी सर्विस सिस्टम" के रूप में जाना, जो कम समय में स्वादिष्ट भोजन परोसता था. आज कंपनी के 100 से अधिक देशों में 40,000 से अधिक स्टोर हैं, जिससे यह रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट-फूड चेन बन गई है. मैकडोनाल्ड्स रोज़ाना कुल मिलाकर 6.9 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं देता है.
1993 – फील्ड मार्शल करिअप्पा का निधन
भारत के पहले आर्मी कमांडर इन चीफ के.एम. करिअप्पा (कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा) का निधन इसी दिन हुआ था. वे भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक माने जाते हैं. वे ब्रिटिश भारतीय सेना में शामिल हुए और प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया. 15 जनवरी 1949 को, वे भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने. उन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया. 1986 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा फील्ड मार्शल का मानद पद दिया गया.
2008 – कैलिफोर्निया में समलैंगिक विवाह वैध
15 मई 2008 को कैलिफोर्निया ने समलैंगिक विवाह को वैध बनाया, जिससे वह अमेरिका का दूसरा राज्य बन गया, जिसने ऐसा किया. यह कदम समलैंगिक अधिकार आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता थी और इसने मानवाधिकार आंदोलन को नई दिशा दी. इससे पहले, वर्ष 2004 में, मैसाचुसेट्स समलैंगिक विवाह को वैध बनाने वाला पहला राज्य था, जब न्यायालय ने समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध को असंवैधानिक माना था. हालाँकि, नवंबर 2008 में, कैलिफोर्निया के मतदाताओं ने प्रस्ताव 8 के माध्यम से समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध को फिर से लागू कर दिया. फिर 2013 में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने विवाह संरक्षण अधिनियम (DOMA) के एक प्रमुख खंड को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिससे कैलिफोर्निया में समलैंगिक विवाह को फिर से वैध कर दिया गया.
15 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1817 – देवेन्द्रनाथ ठाकुर, प्रख्यात विद्वान् और धार्मिक नेता
1907 – क्रांतिकारी सुखदेव थापर
1923 – जॉनी वॉकर, हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता
1967 – माधुरी दीक्षित, भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री
15 मई को जिन हस्तियों ने कहा अलविदा
1958 – यदुनाथ सरकार, प्रसिद्ध इतिहासकार
1991 – कालिंदी चरण पाणिग्रही, प्रसिद्ध उड़िया कवि, उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार और निबंधकार
1993 – के.एम. करिअप्पा, भारत के पहले आर्मी कमांडर इन चीफ
2010 – भैरोंसिंह शेखावत, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति
15 मई को क्यों याद रखा जाए?
15 मई के दिन पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस (International Day of Families) मनाया जाता है. यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली ने साल 1983 में परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक, आर्थिक और डेमोग्राफिक असर को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी.




