2030 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी Metaverse इंडस्ट्री: रिपोर्ट

Metaverse एक वर्चुअल दुनिया है जहां आप वर्चुअली एंट्री करते हैं लेकिन आपको अहसास होगा कि आप फिजिकली उस जगह पर मौजूद हैं.

मैकिन्से एंड कंपनी (Mckinsey and Company) की ताजा रिपोर्ट 'वैल्यू क्रिएशन इन द मेटावर्स' (Value Creation in the Metaverse) के अनुसार, 2030 तक, मेटावर्स इंडस्ट्री (Metaverse industry) की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मेटावर्स का प्रभाव अलग-अलग इंडस्ट्री पर अलग-अलग होगा. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ई-कॉमर्स पर मेटावर्स का प्रभाव 2030 तक 2-2.6 ट्रिलियन डॉलर होगा. इसी तरह, एकेडमिक वर्चुअल लर्निंग मार्केट पर प्रभाव 180-270 बिलियन डॉलर, एडवर्टाइजिंग मार्केट पर 144- 206 बिलियन डॉलर, और गेमिंग मार्केट पर इसका प्रभाव 108-125 बिलियन डॉलर रहेगा.


Metaverse एक वर्चुअल दुनिया है जहां आप वर्चुअली एंट्री करते हैं लेकिन आपको अहसास होगा कि आप फिजिकली उस जगह पर मौजूद हैं. साधारण शब्दों में कहें तो Metaverse एक आभासी दुनिया है जहां आपकी एक अलग पहचान होती है. इस वर्चुअल दुनिया में आप घूमने फिरने के अलावा दोस्तों के साथ पार्टी भी कर सकते हैं. Metaverse में एक साथ कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक शामिल हैं.


मैकिन्से एंड कंपनी ने कहा कि मेटावर्स प्लेटफॉर्म में Decentraland, Fortnite, Minecraft, Roblox, और The Sandbox शामिल हैं. बीत साल नवंबर में Metaverse टर्म ने बहुत सुर्खियां बटोरी थी. जब Meta (पहले Facebook) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने पैरेंट कंपनी का नाम बदलकर Meta कर दिया था. उन्होंने तब कहा था — "मेटावर्स मोबाइल इंटरनेट का उत्तराधिकारी होगा. हम यह महसूस करने में सक्षम होंगे कि हम लोगों के साथ वहीं हैं, चाहे हम वास्तव में कितने भी दूर क्यों न हों.”

इसके अलावा, मेटावर्स के आज के शुरुआती वर्जन का उपयोग करने वाले लगभग 60 फीसदी कंज्यूमर रोजमर्रा की गतिविधियों में बदलाव कर रहे हैं. क्योंकि लोगों के बीच कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है.

लगभग 95 फीसदी बिजनेस लीडर्स को उम्मीद है कि पांच से दस वर्षों के भीतर मेटावर्स का उनके बिजनेस पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. 61 फीसदी उम्मीद करते हैं कि यह बिजनेस इंडस्ट्री के काम करने का तरीका बदल देगा. मेटावर्स से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली इंडस्ट्री में कंज्यूमर और रिटेल, मीडिया और टेलीकम्यूनिकेशन, और हेल्थकेयर शामिल हैं. इनमें से कुछ पहले से ही मेटावर्स की दुनिया में कदम रख चुके हैं.