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MSME हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं; समर्थन के लिए हरसंभव प्रयास जारी: नारायण राणे

केन्द्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने कहा कि एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और एमएसएमई मंत्रालय यह सुनिश्चित करने हेतु हरसंभव प्रयास कर रहा है कि एमएसएमई को उचित समर्थन मिले.

MSME हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं; समर्थन के लिए हरसंभव प्रयास जारी: नारायण राणे

Thursday February 15, 2024 , 3 min Read

केन्द्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने कहा कि एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और एमएसएमई मंत्रालय यह सुनिश्चित करने हेतु हरसंभव प्रयास कर रहा है कि एमएसएमई को उचित समर्थन मिले.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चार प्रौद्योगिकी केन्द्रों एवं दो विस्तार केंद्रों का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने कहा कि ये प्रौद्योगिकी केन्द्र आसपास के क्षेत्रों के एमएसएमई को संभालने में काफी मदद करेंगे. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एमएसएमई को कड़ी मेहनत करनी चाहिए और विश्वस्तरीय बनना चाहिए, ताकि भारत आत्मनिर्भर बन सके.

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए कि युवाओं को नौकरी चाहने वाले के बजाय रोजगार प्रदाता बनना चाहिए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई के लिए कई पहल की गई हैं और राज्य सरकार की नीतियों से इस क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी.

नारायण राणे ने (i) ग्रेटर नोएडा (ii) कानपुर (उत्तर प्रदेश); (iii) बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और (iv) इम्फाल (मणिपुर) में एमएसएमई प्रौद्योगिकी केन्द्रों के साथ-साथ करीमनगर और भवानीपटना (ओडिशा) में दो विस्तार केन्द्रों का उद्घाटन किया. एमएसएमई मंत्रालय के तहत प्रौद्योगिकी केन्द्र विनिर्माण और उत्पादन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिसमें उच्च-स्तरीय मशीनरी, प्रौद्योगिकी और परामर्श के माध्यम से सहायता शामिल है. इस अवसर पर देहरादून (उत्तराखंड) में डीसी (एमएसएमई) के विकास एवं सुविधा कार्यालय और लद्दाख में विकास एवं सुविधा कार्यालय (न्यूक्लियस सेंटर) का भी उद्घाटन किया गया.

20 लाख रुपये तक के ऋण देने हेतु सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट द्वारा अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों के लिए एक विशेष योजना भी शुरू की गई. यह योजना सूक्ष्म/नैनो उद्यमों के लिए सहायता और अवसर प्रदान करेगी और इसका उद्देश्य ऋण जोखिम धारणा को कम करना है और यह ऋण देने वाली संस्थाओं को आईएमई को ऋण देने के लिए प्रेरित करेगी. जैसे-जैसे यह पहल आगे बढ़ेगी, इससे न केवल व्यक्तिगत उद्यमियों को सशक्त बनाने की उम्मीद है बल्कि एक समावेशी, गतिशील और सुदृढ़ आर्थिक इकोसिस्टम भी तैयार होगा.

मंत्रालय द्वारा भारत एक्जिम बैंक के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे व्यापार और निर्यात संबंधी जानकारी प्रदान करके एमएसएमई निर्यातकों को काफी लाभ होगा.

चूंकि एमएसएमई देश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए यह पहल न केवल समन्वय लाएगी, बल्कि एक प्रभावशाली असर भी पैदा करेगी. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार की ओडीओपी योजना के तहत प्रशिक्षित कई महिला उद्यमियों को टूलकिट वितरित किए गए. एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के एमएसएमई ने भाग लिया. इनक्यूबेटरों को कई स्टॉल आवंटित किए गए थे. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशेष ओडीओपी उत्पादों के स्टॉल और केवीआईसी तथा सीओआईआर बोर्ड के स्टॉल भी लगाए गए थे.

प्रधानमंत्री द्वारा 17.09.2023 को शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना 18 व्यवसायों से संबंधित कारीगरों और शिल्पकारों को अंत तक सहायता प्रदान करेगी. 14.02.2024 तक, इस योजना के तहत कुल 4,40,172 आवेदन सफलतापूर्वक पंजीकृत किए गए हैं और उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में पंजीकरण किए गए हैं. इस योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए योजना के तहत शामिल व्यवसायों के संबंध में अनुभव केंद्र भी स्थापित किया गया था.