इंसेंटिव देकर ऐडवर्टाइजर्स को लुभाने की कोशिश कर रहा Twitter

By yourstory हिन्दी
December 02, 2022, Updated on : Fri Dec 02 2022 06:00:49 GMT+0000
इंसेंटिव देकर ऐडवर्टाइजर्स को लुभाने की कोशिश कर रहा Twitter
ट्विटर ने इस ऑफर को ‘बिगेस्ट एडवर्टाइजर इंसेंटिव एवर ऑन ट्विटर’ का नाम दिया है. ऑफर के मुताबिक ट्विटर पर ऐड देने के लिए 5 लाख डॉलर खर्च करने वाले अमेरिकी एडवर्टाइजर्स 100 फीसदी वैल्यू ऐड यानी उतनी ही रकम और खर्च करने के योग्य होंगे. अलग अलग जगहों के लिए रकम का मानदंड अलग-अलग है.
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

ट्विटर इंक उसके प्लैटफॉर्म पर ऐड देने वाले एडवर्टाइजर्स को इंसेंटिव दे रही है. सबसे अमीर शख्स एलन मस्क के ट्विटर को खरीदने के बाद से कई कंपनियों ने ट्विटर पर ऐड देना बंद कर दिया था.


अब ट्विटर उन्हें इंसेंटिव देकर अपने प्लैटफॉर्म पर खर्च बढ़ावाना चाह रही है ताकि बिजनेस एक बार फिर पटरी पर लौट सके.


अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को इस मामले से जुड़े कुछ लोगों को हवाला देते हुए यह जानकारी दी. हालांकि कंपनी ने इस बारे में पूछे गए सवाल को लेकर कोई जवाब नहीं दिया.


इस बारे में देखे गए मेल के मुताबिक ट्विटर ने इस ऑफर को ‘बिगेस्ट एडवर्टाइजर इंसेंटिव एवर ऑन ट्विटर’ का नाम दिया है. उसमें कहा गया है कि जो भी अमेरिकी एडवर्टाइजर्स ट्विटर पर ऐड देने के लिए 5 लाख डॉलर खर्च करेंगे वो 100 फीसदी वैल्यू ऐड यानी उतनी ही रकम और खर्च करने के योग्य होंगे. आसान शब्दों में कहें तो 5 लाख डॉलर देकर ऐडवर्टाइजर्स 10 लाख डॉलर तक खर्च कर सकेंगे.


आपको बता दें कि मस्क के ट्विटर को खरीदने के बाद पहले महीने से ही कंपनी में भूचाल मचा हुआ है. मस्क ने आते ही कंटेंट मॉडरेशन पर काम करने वाले एंप्लॉयीज की छंटनी और पब्लिक कंपनियों की नकल कर फर्जी अकाउंट बनाने वाले वाकयों ने एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री को ट्विटर से किनारा करने पर मजबूर कर दिया था.


जनरल मिल्स जैसी कंपनियों से लेकर लग्जरी ऑटोमेकर आउडी ने ट्विटर के अधिग्रहण के बाद या ऐड देना रोक दिया या बंद कर दिया था. मस्क ने भी एक इवेंट के दौरान कहा था कि कंपनी के रेवेन्यू में भारी गिरावट आई है. ट्विटर के रेवेन्यू में ऐड सेल्स की 90 फीसदी हिस्सेदारी है.


ट्विटर ने ऐड खर्च पर इंसेंटिव के बारे में अलग अलग देशों के लिए अलग अलग मापदंड बनाए हैं. ब्रिटेन और जापान के ऐडवर्टाइजर्स अगर ढाई लाख अमेरिकी डॉलर का खर्च करते हैं तो उनकी 100 फीसदी वैल्यू मैच की जाएगी.


यानी वो उतनी ही रकम और खर्च कर सकेंगे. वहीं बाकी अन्य सभी क्षेत्रों में ब्रैंड्स को इंसेंटिव पाने के लिए 50 हजार अमेरिकी डॉलर खर्च करने होंगे.


मालूम हो कि इसी साल अक्टूबर महीने में ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री का भरोसा जीतने के लिए कहा था कि वो ट्विटर को सबसे सम्मानित ऐडवर्टाइजिंग प्लैटफॉर्म बनाना चाहते हैं.


इधर कुछ ही दिन पहले खबर आई थी कि मस्क ने 10000 से ज्यादा फॉलोअर्स वाले 62000 सस्पेंडेड अकाउंट को दोबारा चालू कर दिया है. इनमें एक अकाउंट के 50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं वहीं 75 अकाउंट्स के 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. ऐसे में मस्क का ये कदम पहले से अस्थिरता झेल रही कंपनी को और अस्थिर बना सकता है.


Edited by Upasana