Operation Sindoor के हीरो Air Marshal AK Bharti ने 39 साल बाद ली विदाई, जानिए उनका पूरा सफर
Operation Sindoor के रणनीतिकार Air Marshal AK Bharti ने 39 साल की शानदार सैन्य सेवा के बाद रिटायरमेंट लिया. जानिए बिहार के एक छोटे गांव से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का उनका सफर, Operation Sindoor में उनकी भूमिका, मिले बड़े सम्मान और उनकी पूरी कहानी.
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारतीय वायुसेना का चेहरा बनकर उभरे एयर मार्शल एके भारती (Air Marshal AK Bharti) ने 31 जुलाई 2026 को 39 साल की शानदार सेवा के बाद रिटायरमेंट ले लिया. उन्होंने Deputy Chief of the Air Staff के पद से विदाई ली. उनकी जगह 1 अगस्त 2026 से Air Marshal तेजपाल सिंह ने जिम्मेदारी संभाल ली.
रिटायरमेंट के दिन एयर मार्शल एके भारती ने नई दिल्ली स्थित National War Memorial पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. यह उनके सैन्य जीवन का आखिरी आधिकारिक कार्यक्रम था.
Operation Sindoor के दौरान पूरे देश ने जाना नाम
मई 2025 से पहले अवधेश कुमार भारती का नाम वायुसेना के दायरे से बाहर बहुत कम लोग जानते थे. लेकिन 11 मई 2025 को Operation Sindoor पर हुई पहली जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग के बाद पूरा देश उन्हें पहचानने लगा.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद भी मौजूद थे. एके भारती ने बेहद संयमित अंदाज में सवालों के जवाब दिए. उन्होंने बिना पुष्टि वाली किसी भी जानकारी पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए रामचरितमानस की एक चौपाई भी सुनाई, जिसकी काफी चर्चा हुई.
बिहार के छोटे गांव से शुरू हुआ सफर
एके भारती का जन्म बिहार के पूर्णिया जिले के झुन्नी कला गांव में हुआ था. उनके पिता जीवच्छ लाल यादव कोसी सिंचाई परियोजना के वित्त विभाग में काम करते थे. उनकी मां का नाम उर्मिला देवी है.
साल 1977 में उनका चयन Sainik School Tilaiya में हुआ. इसके बाद उन्होंने National Defence Academy की परीक्षा पास की. वहां उन्हें President's Silver Medal मिला. उन्होंने क्रॉस कंट्री दौड़ में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो कई साल तक कायम रहा. इसी वजह से उन्हें Galloping Horse कहा जाने लगा.
बाद में Air Force Academy Dundigal में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया और Sword of Honour अपने नाम किया.
4,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
13 जून 1987 को उन्हें भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला. अपने करियर में उन्होंने MiG 21, MiG 29, Su 30MKI और Su 30MKM जैसे लड़ाकू विमानों पर 4 हजार घंटे से ज्यादा उड़ान भरी.
उन्होंने Fighter Combat Leader की योग्यता हासिल की और सुरक्षित उड़ान के लिए तीन स्टार भी प्राप्त किए.
उन्होंने No. 24 Squadron में Flight Commander के रूप में काम किया. इसके बाद अगस्त 2005 से सितंबर 2007 तक No. 30 Squadron की कमान संभाली. इसी दौरान Su 30MKI के आधुनिक हथियारों को ऑपरेशनल बनाने में उनकी अहम भूमिका रही.
उन्होंने Gagan Shakti, Indradhanush 2006 और Garuda 2007 जैसे बड़े सैन्य अभ्यासों में भी भाग लिया. बाद में उन्होंने लोहेगांव के एक प्रमुख एयरबेस की कमान संभाली. Malaysia में Air Attaché के रूप में भी उन्होंने Su 30MKM उड़ाने वाले पायलटों को प्रशिक्षण दिया.
Operation Sindoor की रणनीति में निभाई अहम भूमिका
1 सितंबर 2023 को उन्हें Air Marshal बनाया गया. इसके बाद उन्होंने Central Air Command में Senior Air Staff Officer के रूप में काम किया. अक्टूबर 2024 में उन्हें Director General of Air Operations बनाया गया.
इस पद पर रहते हुए पूरे भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी उनके पास थी. किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए कौन से विमान जाएंगे, कौन से हथियार इस्तेमाल होंगे, किस समय हमला होगा और एयर डिफेंस कैसे काम करेगा, इन सभी फैसलों में उनकी अहम भूमिका होती थी.
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. इसके 15 दिन बाद 7 मई की सुबह भारत ने Pakistan और Pakistan Occupied Kashmir में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया. इनमें बहावलपुर और मुरीदके जैसे ठिकाने भी शामिल थे.
Operation Sindoor के दौरान हुई प्रेस ब्रीफिंग में एके भारती ने कहा था कि भारतीय वायुसेना ने अपने सभी उद्देश्य हासिल किए. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को भारतीय सीमा पार नहीं करने दिया गया और सभी भारतीय पायलट सुरक्षित लौट आए.
उन्होंने इस सफलता का श्रेय Integrated Air Command and Control System और Akash जैसे स्वदेशी रक्षा सिस्टम को दिया. हालांकि पाकिस्तान ने भारत के दावों को स्वीकार नहीं किया.
कई बड़े सैन्य सम्मान मिले
एयर मार्शल एके भारती को साल 2008 में Vayu Sena Medal मिला. इसके बाद 2024 के गणतंत्र दिवस पर उन्हें Ati Vishisht Seva Medal से सम्मानित किया गया. 14 अगस्त 2025 को उन्हें Sarvottam Yudh Seva Medal से भी सम्मानित किया गया, जो युद्धकालीन सेवा के लिए भारत के सबसे बड़े सम्मानों में शामिल है.
रिटायरमेंट से पहले दिया बड़ा संदेश
Deputy Chief of the Air Staff के रूप में अपने अंतिम कार्यकाल में एके भारती ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर खास जोर दिया. सितंबर 2025 में एक बिजनेस इवेंट में उन्होंने कहा था कि यदि सबसे महत्वपूर्ण पुर्जे विदेशों से आते हैं तो 99 प्रतिशत स्वदेशी निर्माण भी पर्याप्त नहीं माना जा सकता.
उन्होंने डिफेंस इंडस्ट्री से तेजी से इनोवेशन करने की अपील की. अब भारतीय वायुसेना के सामने लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाने, स्वदेशी इंजन विकसित करने और AMCA कार्यक्रम को आगे बढ़ाने जैसी बड़ी चुनौतियां हैं. माना जा रहा है कि एके भारती की सोच आने वाले वर्षों में भी भारतीय वायुसेना की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी.
Edited by Ravi Pareek



