11 महीने में सबसे कम हुई खुदरा महंगाई दर, नवंबर में 5.88 फीसदी हुई

By yourstory हिन्दी
December 13, 2022, Updated on : Tue Dec 13 2022 05:50:24 GMT+0000
11 महीने में सबसे कम हुई खुदरा महंगाई दर, नवंबर में 5.88 फीसदी हुई
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर, 2022 में 6.77 प्रतिशत और पिछले साल नवंबर में 4.91 प्रतिशत रही थी.
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खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर 11 महीने के निचले स्तर 5.88 प्रतिशत पर आ गई है.

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 11 महीनों में यह पहली बार है कि खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संतोषजनक स्तर की सीमा में आई है. आरबीआई को खुदरा महंगाई दर को दो से छह प्रतिशत के बीच रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है.


उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर, 2022 में 6.77 प्रतिशत और पिछले साल नवंबर में 4.91 प्रतिशत रही थी.


एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने खाद्य पदार्थों की महंगाई दर घटकर 4.67 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पिछले महीने में 7.01 प्रतिशत थी.


खुदरा महंगाई दर जनवरी से केंद्रीय बैंक की छह प्रतिशत की संतोषजनक सीमा से ऊपर बनी हुई थी. अब यह 11 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गई है. दिसंबर, 2021 में खुदरा महंगाई दर 5.66 प्रतिशत रही थी.


आरबीआई ने महंगाई को काबू में लाने के लिये पिछले सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.35 प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था. इस साल भारतीय रिजर्व बैंक अब तक 2.25 फीसदी तक ब्याज दर बढ़ा चुका है.


पिछले हफ्ते एमपीसी की बैठक के फैसलों की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि आरबीआई वित्त वर्ष 2023 सीपीआई का अनुमान 6.7 फीसदी है. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3) के लिए CPI मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया और जनवरी-मार्च तिमाही (Q4) के पूर्वानुमान को 5.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया गया.


आंकड़ों से पता चलता है कि उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) या खाद्य टोकरी में मुद्रास्फीति भी महीने-दर-महीने नवंबर में घटकर 4.67 प्रतिशत रह गई, जो अक्टूबर में 7.01 प्रतिशत थी.


नवंबर में सब्जियों की कीमतों में (-)8.08 प्रतिशत की कमी आई, जबकि तेल और वसा में (-)0.63 प्रतिशत और चीनी और कन्फेक्शनरी की कीमतों में (-)0.25 प्रतिशत की गिरावट आई. इनके अलावा, मसालों में 19.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि अनाज और उत्पादों में 12.96 प्रतिशत और दूध और उत्पादों में 8.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई. दालें और उत्पाद 3.15 प्रतिशत बढ़े.


खाद्य और पेय पदार्थों के अलावा, ईंधन और प्रकाश खंड में 10.62 प्रतिशत, कपड़े और जूते में 9.83 प्रतिशत और आवास खंड में 4.57 प्रतिशत की वृद्धि हुई.


Edited by Vishal Jaiswal