मोदीमय ह्यूस्टन में 'हाउडी' की ऐसी भारतीय लहर उठी कि दुनिया देखती रह गई

मोदीमय ह्यूस्टन में 'हाउडी' की ऐसी भारतीय लहर उठी कि दुनिया देखती रह गई

Monday September 23, 2019,

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ह्यूस्टन के 'हाउडी मोदी' मेगा शो में पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नाम लिए बिना पाकिस्तान पर निशाना साधा। साथ ही अमेरिका के लिए नारा दिया- 'अबकी बार, ट्रंप सरकार'। अपने संबोधन के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का हाथ पकड़ कर सभा में उपस्थित लोगों के बीच भ्रमण किया।

 

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इतिहास में पहली बार टेक्सास (अमेरिका) राज्य के मोदीमय हुए ह्यूस्टन शहर में 'हाउडी मोदी' की ऐसी भारतीय लहर उठी कि दुनिया देखती रह गई। यह भी पहली बार हुआ कि किसी अन्य देश के प्रधानमंत्री (नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी) की रैली में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की मौजूदगी रही। इसे भारत और अमेरिका के बीच उभरते हुए घनिष्ठ आर्थिक एवं सामरिक संबंधों के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। एक सप्ताह के अमेरिकी दौरे पर (भारतीय समयानुसार) शनिवार देर रात ह्यूस्टन पहुंचे पीएम मोदी का ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया।


अमेरिकी व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक क्रिस्टोफर ओलसन ने पीएम मोदी की अगवानी की। 'हाउडी मोदी' में अमेरिका की डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के सांसद, कई प्रांतों के गवर्नर, मेयर और अधिकारी भी मौजूद रहे। पूरे अमेरिका से भारतीय मूल के लोग ह्यूस्टन पहुंच गए। 


भारतीय समयानुसार, पूर्व निर्धारित समय रविवार रात साढ़े 8 बजे की बजाए काफी विलंब से, 11.21 बजे से 12.11 बजे तक 'हाउडी मोदी' रैली में संबोधन के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का हाथ पकड़ कर सभा में उपस्थित लोगों के बीच भ्रमण किया। इससे पूर्व उन्होंने मंच से 'अबकी बार, ट्रंप सरकार' का प्रवासी अमेरिकियों से आह्वान किया। पीएम मोदी पहली बार भारतीय समयानुसार, रात 9.41 बजे मंच पर पहुंचे। अपने अभिवादन के बाद वह मंच से लौट गए। तब तक राष्ट्रपति ट्रंप सभा स्थल पर नहीं पहुंच सके थे। ट्रंप काफी विलंब से 10.30 बजे उपस्थित हो सके। उसके बाद दूसरी बार पीएम मोदी और ट्रंप एक साथ मंच पर पहुंचे। 


पीएम मोदी और ट्रंप के मंच साझा करने की शुरुआत पहले अमेरिकी राष्ट्रगान फिर भारत के राष्ट्रगान से हुई। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को ह्यूस्टन के मेयर ने की ऑफ ह्यूस्टन देकर सम्मानित किया। पीएम मोदी के संक्षिप्त संबोधन के बाद ट्रंप ने जनसभा सम्बोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ दोनो देशों के एकजुट होने संकल्प दुहराया। पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मोदी के साथ होना गर्व की बात है। मोदी भारत के लिए शानदार काम कर रहे हैं। मोदी अमेरिका के सच्चे दोस्त हैं। अगर दोबारा उन्हे चुना जाता है, तो व्हाइट हाउस में भारत का एक सच्चा दोस्त होगा।

 

ट्रंप के सम्बोधन के बाद पीएम मोदी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले 70 साल से जारी अनुच्छेद 370 को उन्होंने खत्म कर दिया है। 370 ने जम्मू कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा था, जिसका फायदा आतंकी ताकतें उठा रही थीं। 9/11 और 26/11 दोनों के साजिशकर्ता कहां मिलते हैं, पूरी दुनिया को मालूम है। अब अमेरिका और भारत को मिलकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का वक़्त आ गया है। ट्रंप जो कहते हैं, दुनिया गौर से सुनती है। दो महान लोकतांत्रिक देशों के रिश्तों को महसूस किया जा सकता है। ट्रंप का मेरे साथ मंच पर होना दोस्ती का प्रमाण है। 


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पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हम भ्रष्टाचार को विदाई देने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने के साथ ही यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का नाम हाउडी मोदी है लेकिन मोदी अकेले कुछ नहीं है। मैं एक सौ तीस करोड़ भारतीयों के आदेश पर काम करनेवाला एक साधारण व्यक्ति हूं। इसलिए जब आपने पूछा है कि हाउडी मोदी तो मेरा मन कहता है उसका जवाब यही है, भारत में सब अच्छा है। मैं ट्रंप के नेतृत्व, अमेरिका के लिए उनकी चाहत और हर अमेरिकी के लिए उनकी चिंता के कारण राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रशंसा करता हूं।


पीएम मोदी 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में महासभा के वार्षिक अधिवेशन और ब्लूंबर्ग ग्लोबल बिजनस फोरम को संबोधित करने के साथ ही न्यूयॉर्क में कई देशों के नेताओं और भारतवंशी समुदाय से मुलाकात करने वाले हैं। इसके अलावा पीएम को गेट्स फ़ाउन्डेशन की ओर सम्मानित भी किया जाएगा। वह 24 सितंबर को नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र में 50 किलोवाट के गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन करेंगे।


ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में आयोजित 'हाउडी मोदी' सुपर शो से पहले पीएम मोदी की एनर्जी सेक्टर के 16 सीईओ, शीर्ष अमेरिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूएसआईबीसी (अमेरिकी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स) के साथ बैठक हुई, जिसमें भारतीय पेट्रोलियम कंपनी पेट्रोनेट और अमेरिका की एलएनजी कंपनी टेल्युरियन से 50 लाख टन एलएनजी प्रतिवर्ष आयात करने के 1,000 अरब डॉलर नेटवर्थ वाले समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। प्रवासी सिख समुदाय और प्रवासी बोहरा समुदाय से मुलाकात, उसके बाद कश्मीर प‍ंडितों के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान एक कश्मीरी प्रवासी ने पीएम मोदी का हाथ चूमते हुए कहा- 'सात लाख कश्‍मीरी प‍ंडितों की ओर से थैंक यू।' इस दौरान पीएम मोदी ने 'नमस्ते शारदे देवी' श्लोक पढ़ा।


इससे पहले एक हजार से अधिक स्वयंसेवियों और साढ़े छह सौ से अधिक संगठनों के करीब पांच हजार वॉलेंटियर्स ने ह्यूस्टन में एनआरजी अरीना को जगमगा दिया। पूरा अरीना तंबू से ढक उठा। इंडियन मुसलिम्स असोसिएशन ऑफ़ ग्रेटर ह्यूस्टन ने भी खूब बढ़चढ़ कर 'हाउडी मोदी' की तैयारियों में हाथ बंटाया। प्रोग्राम के ऑर्गेनाइजर्स टेक्सास इंडिया फोरम (टीआइएफ) ने जब कार्यक्रम से एक दिन पहले 'नमो अगेन' कार रैली निकाली, बिलबोर्ड से लैस ह्यूस्टन की सड़कें मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठीं। रैली के समय तो शहर का डाउनटाउन इलाक़ा जबर्दस्त ट्रैफ़िक से हांफने लगा।


उधर, 400 से अधिक भारतीय लोककलाकारों, संगीतकारों और गुजराती 'डांडिया' की प्रस्तुतियों के बीच 71,995 सीटों वाला एनआरजी स्टेडियम 50 हजार लोगों की मौजूदगी के साथ झूम उठा। अमेरिका में पोप के बाद, किसी विदेशी नेता के लिए जुटने वाली यह सबसे बड़ी भीड़ रही। हाउडी मोदी’ मेगा शो का सजीव प्रसारण हिंदी, अंग्रेजी और स्पेनिश भाषाओं में किया गया।


वैश्विक परिदृश्य में ये सबकुछ, यानी 'हाउडी ह्यूस्टन' ऐसे वक़्त में संभव हुआ है, जब डाटा सुरक्षा क़ानून, कारोबार और कश्मीर को लेकर भारत-अमरीका का रिश्ता तरह-तरह की बयानबाजियों की कड़वाहट झेल चुका है। ह्यूस्टन में मेगा मोदी शो के पीछे एक मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति का 2020 में होने वाला चुनाव भी माना जा रहा है, जिसमें 20 प्रतिशत (20 लाख भारतीय मूल के अमेरिकी वोटर) समुदाय से मिलने वाले फ़ायदे पर नज़र रख रहे डोनाल्ड ट्रंप का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। पीएम मोदी के अमेरिका पहुंचने से पहले ही रैली में शामिल होने के लिए लिए क़रीब 60 हज़ार लोगों ने टिकट बुक करवा लिए। पिछले तीन महीनों में ट्रंप-मोदी की मुलाक़ात यह तीसरा अवसर रहा। इससे पहले जून में जी-20 की बैठक में, फिर गत माह अगस्त में जी-7 की बैठक में ट्रंप-मोदी की मुलाक़ातें हुईं।