Tata Group की दो और कंपनियां के विलय की चल रही चर्चा, आज हो सकता है फैसला

By yourstory हिन्दी
October 03, 2022, Updated on : Mon Oct 03 2022 06:13:44 GMT+0000
Tata Group की दो और कंपनियां के विलय की चल रही चर्चा, आज हो सकता है फैसला
TMFSL और TMFL, टाटा मोटर्स फाइनेंस होल्डिंग्स की सहायक कंपनियां हैं.
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टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्युशंस (TMFSL) और टाटा मोटर्स फाइनेंस (TMFL) के बोर्ड अपने लेंडिंग ऑपरेशंस के विलय की योजना पर विचार करने के लिए 3 अक्टूबर को अलग-अलग बैठक करने वाले हैं. खबर है कि टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्युशंस, TMFL के नॉन-बैंकिंग फाइनेंस व्यवसाय का अधिग्रहण 'गोइंग कन्सर्न बेसिस' पर करेगी. दोनों कंपनियां, टाटा मोटर्स फाइनेंस होल्डिंग्स (TMFHL) की सहायक कंपनियां हैं.


टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड (TMFL) ने इस बारे में शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि वह अपने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कारोबार को टाटा मोटर्स फाइनेंस सॉल्युशंस लिमिटेड (TMFSL) में विलय करने की योजना बना रही है. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 के तहत 3 अक्टूबर को निदेशक मंडल की बैठक, TMFL और TMFSL के बीच व्यवस्था की एक योजना पर विचार करेगी.

NBFC हैं TMFL और TMFSL

आगे कहा गया कि व्यवस्था की योजना कंपनी के व्यवसायों के आंतरिक पुनर्गठन से संबंधित है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ TMFL के नॉन-बैंकिंग फाइनेंस व्यवसाय का TMFSL में गोइंग कन्सर्न बेसिस पर विलय शामिल है. वर्तमान में, TMFL और TMFSL नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) हैं. वर्तमान व्यापार व्यवस्था के अनुसार, TMFHL के नए व्हीकल फाइनेंसिंग बिजनेस को TMFL देखती है, जबकि जबकि डीलर/वेंडर फाइनेंसिंग बिजनेस और यूज्ड व्हीकल रिफाइनेंस/रीपरचेज TMFSL देखती है.

टाटा स्टील में 7 अनुषंगी कंपनियों के विलय को मिल चुकी है मंजूरी

इससे पहले पिछले सप्ताह टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने अपनी सात अनुषंगी कंपनियों- टाटा स्टील लॉन्ग प्रॉडक्ट्स, टाटा मेटालिक्स, द टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया, टीआरएफ लिमिटेड, इंडियन स्टील एंड वायर प्रॉडक्ट्स, टाटा स्टील माइनिंग और एसएंडटी माइनिंग के अपने साथ विलय को मंजूरी दी थी. टाटा स्टील के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) कौशिक चटर्जी का कहना है कि टाटा स्टील के साथ सात इकाइयों के विलय से प्रबंधन का सरलीकरण होगा और कंपनी कारोबार पर अधिक बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेगी. चटर्जी, टाटा स्टील के कार्यकारी निदेशक भी हैं.


चटर्जी ने कहा कि विलय वाली सभी कंपनियों का भविष्य अच्छा है. ये कारोबार टाटा स्टील की उद्यम रणनीति का हिस्सा हैं और इनमें से कुछ को तेजी से विकसित करने के लिए कंपनी के पास अधिक लचीलापन है. टाटा स्टील के अनुसार यह विलय, समूह के होल्डिंग ढांचे के सरलीकरण का भी हिस्सा है.


Edited by Ritika Singh