NOSH का ये सस्ता रोबोट ऑफिस के बाद किचन में खाना बनाने से मुक्ति देगा

NOSH को बनाने वाले यूफोटिक लैब्स ने लगभग तीन साल इसपर काम किया. 6 प्रोटोटाइप्स पर काम करने के बाद साल 2018 में NOSH को लॉन्च किया गया. ये AI बेस्ड रोबोट पूरी तरह इंडिया में डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर हुआ है.

NOSH का ये सस्ता रोबोट ऑफिस के बाद किचन में खाना बनाने से मुक्ति देगा

Tuesday February 07, 2023,

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कुछ साल पहले के मुकाबले आज हमारे किचन में दसियों ऐसे प्रोडक्ट हैं जो मशीन हैं. जैसे सैंडविच मेकर, डो मेकर, एयरफ्रायर, माइक्रोवेव अवन, इंडक्शन प्लेट, वगैरह. लिस्ट लंबी है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि ये लिस्ट नेक्स्ट लेवल भी जा सकती है? यानी एक ऐसी मशीन जो किचन से खाना बनाने वाले को ही बाहर कर दे!

Noshस्टार्टअप ये ताकत रखता है. कंपनी ने एक ऐसा रोबोट बनाया है जो 120 से ज्यादा डिशेस बनाने के लिए प्रोग्राम्ड है. इसके फाउंडर यतिन वराछिया हैं जो IISC बैंगलोर से एमटेक हैं और अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा देकर इन्होंने यूफोटिक लैब्स कि शुरुआत की. बाद में अमित गुप्ता, जो NIT रायपुर और ISB हैदराबाद पासआउट हैं और सुदीप गुप्ता, जो बिट्स पिलानी (BITS Pilani) और जॉर्जिया टेक से पासआउट हैं, ने उनका साथ निभाया.

ये स्टार्टअप YourStory की साल 2022 की Tech30 लिस्ट का हिस्सा है.

YourStory हर साल अपने सिग्नेचर इवेंट टेकस्पार्क्स (TechSparks) में आपके लिए कई हज़ारों में से चुनकर लाता है ऐसे 30 स्टार्टअप की लिस्ट, Tech30, जो देश को बदल देने के साथ साथ अरबों की कंपनियां बनने की ताकत रखते हैं.

नोश को बनाने वाले यूफोटिक लैब्स (Euphotic Labs) ने लगभग तीन साल इसपर काम किया. 6 प्रोटोटाइप्स पर काम करने के बाद साल 2018 में नोश को लॉन्च किया गया. ये AI बेस्ड रोबोट पूरी तरह इंडिया में डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर हुआ है. फाउंडर्स के मुताबिक़, रोबोट इस तरीके से डिज़ाइन किया गया है जिससे वर्किंग प्रोफेशनल्स जिनके पास खाना बनाने का वक़्त नहीं होता और विदेश में रहने वाले इंडियन जिन्हें अक्सर प्रीकुक्ड और फ्रोजेन फ़ूड पर निर्भर रहना पड़ता है, के लिए कुकिंग ऑटोमैटिक हो जाएगी. 

नोश अपने यूजर्स को तमाम सुविधाएं देगा, जैसे ऑटोमेटेड ग्रोसरी लिस्ट से ग्रोसरी ऑर्डर करना, अपने मन की दिश कुक करना, कैलोरीज का हिसाब रखना, अपने हिसाब से डिशेस कस्टमाइज करना और नयी रेसिपीज बनाना. इस स्टार्टअप का इन्क्यूबेशन IIT बॉम्बे में हुआ. फ़िलहाल इनका टारगेट मार्केट US है, जहां से इन्हें 3 लाख डॉलर के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं. इसके साथ ही 3000 कस्टमर्स वेटलिस्ट में हैं. फाउंडर्स का कहना है कि फ़िलहाल उनका डायरेक्ट कम्पटीशन किसी से नहीं है और इसी तरह के दूसरे प्रोडक्ट्स पर काम रहे स्टार्टअप्स प्री प्रोडक्ट स्टेज में हैं.

इस रोबोट का साइज़ माइक्रोवेव जितना है. इसमें मौजूद होंगी एक इंग्रीडिएंट ट्रे, एक मसाला बॉक्स, एक पैन और करछी, एक चिमनी, और पानी और तेल के लिए अलग अलग कंटेनर. आपको सब चीजें डालकर डिश के नाम का बटन प्रेस करना है. अमेरिका में इसकी कीमत 799 डॉलर होगी और इंडिया में 39,999 रुपये.


Edited by Prateeksha Pandey

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