Lenskart पर रोनी स्क्रूवाला का खुलासा—‘अगर Bagskart और Watchkart चलते रहते तो…’
Lenskart के शुरुआती दिनों की कहानी में निवेशक रोनी स्क्रूवाला ने खुलासा किया कि उन्होंने पीयूष बंसल को Jewelskart, Watchkart और Bagskart बंद करने की सलाह दी थी. यही फैसला बना कंपनी की सफलता की नींव. हाल ही में Lenskart का IPO 28 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ है.
जैसे-जैसे अपनी शेयर बाजार में शुरुआत (IPO) की तैयारी कर रहा है, निवेशक रोनी स्क्रूवाला (Ronnie Screwvala) ने कंपनी के शुरुआती दिनों को याद किया.
upGrad और Swades Foundation के को-फाउंडर रोनी स्क्रूवाला ने YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा के साथ बातचीत में कहा कि एक निवेशक होने के नाते आपकी भूमिका सिर्फ पैसा लगाना नहीं होती, बल्कि कंपनी के विज़न और दिशा में योगदान देना भी होता है.
रोनी स्क्रूवाला ने बताया कि उन्होंने उस समय पीयुष बंसल (Peyush Bansal) की अगुवाई वाली इस कंपनी में निवेश किया था, जब चश्मे को फैशनेबल या टेक एक्सेसरी नहीं माना जाता था.
उन्होंने याद किया कि शुरुआती दिनों में Lenskart के फाउंडर कई ब्रांड एक साथ चला रहे थे — Lenskart, Jewelskart, Watchkart और Bagskart.
स्क्रूवाला ने कहा, “मैंने उस समय उनसे कहा था कि चलो Lenskart को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन बाकी तीनों को बंद कर दो. उन्हें लगा कि मैं उनसे मोलभाव कर रहा हूं क्योंकि उस समय 75% रेवेन्यू इन्हीं तीनों से आ रहा था.”
छह महीने तक सोच-विचार के बाद फाउंडर्स ने बाकी तीनों वर्टिकल को पूरी तरह बंद कर दिया.
स्क्रूवाला ने कहा, “अगर आज भी Lenskart के साथ Bagskart और Watchkart होते, तो Lenskart आज इतनी बड़ी कंपनी नहीं बन पाती.”
इस फैसले ने कंपनी की किस्मत बदल दी. आज पीयुष बंसल के नेतृत्व में Lenskart के दुनिया भर में 2,806 स्टोर्स हैं, जिनमें से 2,137 भारत में और 669 जापान, मध्य पूर्व जैसे देशों में हैं.
कंपनी का IPO, जो 31 अक्टूबर को निवेश के लिए खुला था, को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. तीसरे और आखिरी दिन तक यह 28 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ. इसमें सबसे ज्यादा निवेश संस्थागत निवेशकों (Qualified Institutional Buyers) से आया.
दिल्ली स्थित कंपनी के शेयर अब 10 नवंबर (सोमवार) को BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है.

Edited by रविकांत पारीक




