Unacademy को खरीदेंगे? upGrad को-फाउंडर Ronnie Screwvala ने तोड़ी चुप्पी
upGrad के को-फाउंडर और चेयरपर्सन रॉनी स्क्रूवाला, YourStory की श्रद्धा शर्मा के उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें हाल ही में आई खबरों का जिक्र था कि उन्होंने SoftBank समर्थित Unacademy को खरीदने के लिए बोली लगाई है.
पिछले कुछ दिनों से खबरों में यह चर्चा थी कि upGrad के चेयरमैन और को-फाउंडर रॉनी स्क्रूवाला (Ronnie Screwvala), जो भारत की कुछ बची हुई एडटेक कंपनियों में से एक चला रहे हैं, SoftBank समर्थित Unacademy को खरीदने की तैयारी कर रहे हैं. कहा जा रहा था कि यह डील Unacademy की पिछली वैल्यूएशन के लगभग दसवें हिस्से पर हो सकती है.
लेकिन जब YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा ने TechSparks 2025 के मंच पर इस अफवाह के बारे में पूछा, तो स्क्रूवाला ने मुस्कुराते हुए सीधा जवाब दिया—“आप चाहती हैं मैं मंच पर क्या कहूं? Obviously, no.” उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं 20 साल मीडिया में रहा हूं, मुझे ऐसे हालात संभालना आता है.”
हालांकि मंच पर उन्होंने इसे नकार दिया, लेकिन YourStory के सूत्रों ने बताया कि upGrad ने वास्तव में Unacademy को 300 से 400 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर खरीदने का प्रस्ताव दिया है. अगर यह डील होती है, तो यह भारत के एडटेक सेक्टर में सबसे बड़ी मर्जर डील्स में से एक होगी.
जानकारी के लिए बता दें कि Unacademy की पिछली वैल्यूएशन 3.4 बिलियन डॉलर थी, जब उसने 2021 में जापान की SoftBank से 400 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी.
यह संभावित मर्जर ऐसे समय पर सामने आया है जब भारत की सबसे वैल्यूएबल एडटेक यूनिकॉर्न कंपनी PhysicsWallah अगले हफ्ते IPO (शेयर बाजार में लिस्टिंग) के लिए तैयार है. यह देश की पहली एडटेक कंपनी होगी जो दलाल स्ट्रीट पर कदम रखेगी.
सूत्रों के मुताबिक, upGrad आने वाले कुछ महीनों में अपनी खुद की लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है. कंपनी Unacademy को खरीदकर अपनी बैलेंस शीट मजबूत करना चाहती है और करीब 100 मिलियन डॉलर की सालाना कमाई जोड़ना चाहती है. यह सौदा पूरी तरह शेयर-स्वैप डील के रूप में होगा, यानी इसमें कोई नकद भुगतान नहीं किया जाएगा.
मंच पर बातचीत के दौरान स्क्रूवाला ने एक बार फिर उद्यमियों को मितव्ययी (frugal) होने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम, जो अब दुनिया में तीसरे नंबर पर है, लंबे समय से फंडिंग की ठंडक झेल रहा है और ऐसे समय में समझदारी से खर्च करना बेहद जरूरी है.
स्क्रूवाला ने एडटेक सेक्टर पर भी अपनी पुरानी राय दोहराई. उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में जरूरत से ज्यादा पैसा आया और उसी के कारण यह उद्योग अपने ही वजन से दब गया. उन्होंने बताया कि ऊंची वैल्यूएशन और बड़ी फंडिंग ने इस सेक्टर के विकास को नुकसान पहुंचाया, जो कभी भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता क्षेत्र था.

Edited by रविकांत पारीक




