[द टर्निंग पॉइंट] कैसे एक अखबार के विज्ञापन ने इस होममेकर के आंत्रप्रेन्योर बनने के सपने को पूरा किया

'द टर्निंग पॉइंट' सीरीज़ के तहत, हम आपको ललिता पाटिल की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने जुलाई 2019 में घर-घर भोजन प्रदान करने वाले एक रेस्तरां घराची आठवन (Gharachi Aathvan) को लॉन्च किया और एक साल में 30 लाख रुपये का रेवेन्यू कमाया।
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घर के बने खाने में जो खुशी है उसे ठाणे स्थित ललिता पाटिल ने बेहद सही साबित किया है। 35 वर्षीय ललिता अपने फूड वेंचर घराची आठवन (Gharachi Aathvan) - एक रेस्तरां जो घर जैसा पारंपरिक भोजन प्रदान करता है, के साथ आंत्रप्रेन्योर बनी।


घराची आठवन की फाउंडर ललिता YourStory को बताती हैं, "मराठी में 'घराची आठवन' नाम का अर्थ है 'घर को याद रखना'। हम पारंपरिक, साधारण घर में पकाए जाने वाले व्यंजनों को पकाने में माहिर हैं, जो न केवल आपकी हेल्थ को सूट करेगा, बल्कि आपकी जेबों पर भी भारी नहीं है।"


ठाणे में जन्मी और पली-बढ़ी ललिता ने अपनी स्नातक की पढ़ाई के फिजिक्स में पूरी की। उन्होंने जल्द ही 20 साल की उम्र में शादी कर ली।


वह कहती हैं, “मैं हमेशा आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहना चाहती थी और जीविकोपार्जन के लिए ट्यूशन किया करती थी। उसके बाद, मैंने कुछ साल पहले फुल-टाइम नौकरी ज्वाइन की, लेकिन इसके तुरंत बाद नौकरी छोड़ दी।”


अपने खुद के मालिक होने की इच्छा ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के बारे में विचार करने के लिए प्रेरित किया। जब ललिता ने विचारों पर काम करना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें खाना पकाने के लिए अक्सर सराहा जाता था। वह बताती हैं, "तो, मैंने 2016 में ठाणे में एक छोटी टिफिन सेवा शुरू की। मैंने इसे एक साल से अधिक समय तक चलाया।"


उन्हें इस बात से निराशा हुई कि क्योंकि उन्होंने अपना बिजनेस घर से ही चलाया था, इसलिए उन्हें समाज की अन्य कामकाजी महिलाओं के समान सम्मान नहीं मिला।


ललिता कहती हैं, "जब कोई महिला घर से काम करती है, तो उसे गृहिणी ही माना जाता है।" उन्होंने फैसला किया कि वह काम करेगी लेकिन अपने घर के बाहर से, और अपनी सबसे बड़े ठोकर का सामना किया: शून्य पूंजी।

ललिता पाटिल

ललिता पाटिल

कैसे हुई शुरूआत

एक दिन, ललिता ने अखबार में ब्रिटानिया द्वारा की जाने वाली स्टार्टअप प्रतियोगिता का एक विज्ञापन देखा, इसमें विजेता को 10 लाख रुपये का पुरस्कार देने का वादा किया गया था।


"मुझे पता था कि मैं यह चाहती थी," ललिता याद करती है। उन्होंने 2019 की शुरुआत में इसमें भाग लिया और वह जीत गई। “टैक्स की कटौती के बाद, मैंने मार्च में अपने बैंक खाते में लगभग 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए। मुझे पहले से ही पता था कि मैं फूड स्टार्टअप शुरु करने के लिए पूंजी का उपयोग करूंगी।” ललिता ने अपने बिजनेस को "पुनर्जन्म" देने के लिए धन का इस्तेमाल किया।


उनके पास पहले से ही अपने टिफिन सेवा दिनों से एक फूड लाइसेंस था। उन्हें अपना रेस्तरां शुरू करने के लिए एक फिजिकल सेटअप की आवश्यकता थी, और सब कुछ करने में उन्हें तीन महीने लग गए।


वह कहती हैं, “मैं 6 लाख रुपये में सब कुछ पूरा करना चाहती थी, और 1 लाख रुपये बाद के लिये रखना चाहती थी। इस लॉकडाउन के दौरान यह उपयोगी साबित हुआ।”


प्रारंभ में, अपने बजट में ठाणे में एक दुकान ढूंढना मुश्किल लग रहा था क्योंकि ललिता काम, अध्ययन या अन्य कारणों से अपने घर से दूर रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण घर का भोजन उपलब्ध कराने के अपने मिशन को पूरा करने के लिए एक अच्छे स्थान पर उत्सुक थी।


ललिता कहती हैं, "मैं बहुत सस्ती कीमतों पर सरल, घर का बना खाना उपलब्ध कराना चाहती हूं।"


उन्होंने 9 जुलाई, 2019 को रेस्तरां खोला और पहले ही दिन 1,200 रुपये कमाए। तब से, रेवेन्यू में लगातार वृद्धि हो रही है - कोरोनावायरस के चलते लगे प्रतिबंधों और मार्च के अंत से लगे लॉकडाउन के बावजूद।


ललिता कहती है कि वह 3-3.5 लाख रुपये का मंथली रेवेन्यू कमाती है, और पिछले एक साल में 25-30 लाख रुपये का रेवेन्यू कमाया है, जो लाभदायक है। ललिता का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान भी ग्रोथ नहीं रुकी, भले ही उन्होंने रेस्तरां बंद कर दिया लेकिन फूड डिलीवरी और टेक-अवे सेवा जारी रखी।


घराची आठवन सिर्फ एक रेस्तरां नहीं है; यह ललिता का सपना है। वह कहती है कि वह एक दिन एक बिजनेस लीडर के रूप में जानी जाएंगी है, न कि एक गृहिणी के रूप में। ललिती ने कहा, "जैसे बिसलेरी मिनरल वाटर का पर्याय है, मैं घर के बने भोजन का पर्याय बनना चाहती हूं।"


‘द टर्निंग प्वाइंट’ शॉर्ट आर्टिकल्स की एक सीरीज़ है जो उस क्षण पर केंद्रित है जब कोई आंत्रप्रेन्योर अपने शानदार आइडिया के साथ आगे बढ़ता है।

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