19 साल की इस लड़की ने अकेले प्लेन में बैठकर लगाया दुनिया का चक्कर, बना लिया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

By शोभित शील
January 31, 2022, Updated on : Mon Jan 31 2022 07:00:40 GMT+0000
19 साल की इस लड़की ने अकेले प्लेन में बैठकर लगाया दुनिया का चक्कर, बना लिया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड
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19 साल की एक लड़की ने प्लेन में अकेले बैठकर दुनिया का चक्कर लगाकर गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह कारनामा कर बेल्जियम-ब्रिटिश पायलट ज़ारा रदरफोर्ड अब ऐसा करने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला पायलट बन गई हैं। मालूम हो कि इस यात्रा को पूरा करने में ज़ारा ने 155 दिनों का समय लिया है और उन्होने पश्चिमी बेल्जियम में अपने प्लेन के साथ 20 जनवरी को लैंड किया था।


अपनी इस सफलता को ज़ारा ने अपने परिवार के साथ ही उन सभी महिलाओं को समर्पित किया है, जो इस तरह के पुरुष-प्रधान सेक्टर में अपनी जगह बनाने की लगातार कोशिश कर रही हैं।

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ज़ारा ने अपनी इस यात्रा में 52 हज़ार किलोमीटर की दूरी पूरी की है आर उन्होने 5 महाद्वीपों के 41 देशों का दौरा किया है। इस यात्रा के दौरान ज़ारा को कई बार अपनी जिंदगी को लेकर डर भी सताता रहा और वे अपने घर की सुविधाओं को भी मिस कर रही थीं।

कठिन रहा उड़ान का यह अनुभव

इस यात्रा को पूरा करने के दौरान ज़ारा को तमाम कठिन परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा है, जिसमें कठिन मौसम का बड़ा हाथ रहा है। अपनी इस यात्रा के दौरान ज़ारा ने एक ओर जहां साइबेरिया की भीषण ठंड और फिलीपींस के टाइफ़ून के साथ ही अरब के रेगिस्तान की गर्मी का भी सामना किया है।


इस यात्रा के दौरान एक बार उनका सिंगल सीटर शार्क माइक्रोलाइट प्लेन कैलिफोर्निया के जंगलों की आग के ऊपर से निकला था, जहां विमान में उस आग की बदबू भी भर गई थी। इस दौरान जारा कई बार समुद्र के ऊपर से भी निकली, जहां पर वे पूरी तरह एकांत में उड़ रही थीं और इस दौरान किसी अनहोनी के समय में उनके पास किसी भी तरह की मदद के पहुँचने की संभावना नहीं थी।

बना लिया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

अब इस यात्रा को पूरा करने के बाद जारा ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और उन्होने साल 2017 में 30 वर्षीय पायलट शाएस्टा वेज़ द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, हालांकि सबसे युवा पायलट का रिकॉर्ड अब भी ब्रिटेन के ट्रैविस लुडलो के पास रहेगा, जिन्होने बीते साल 18 साल की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया था।


ज़ारा के लिए उस उड़ान को पूरा करने में कुल तीन महीनों का समय लगने वाला था, हालांकि खराब मौसम और वीजा से जुड़ी देरी के चलते उन्हें कई बार कई हफ्तों तक एक ही जगह पर रुकना पड़ा और ऐसे में उनकी यह यात्रा निर्धारित समय से लगभग दो महीने तक बढ़ गई।

तय की 52 हज़ार किलोमीटर की दूरी


ज़ारा ने अपनी इस यात्रा में 52 हज़ार किलोमीटर की दूरी पूरी की है आर उन्होने 5 महाद्वीपों के 41 देशों का दौरा किया है। इस यात्रा के दौरान ज़ारा को कई बार अपनी जिंदगी को लेकर डर भी सताता रहा और वे अपने घर की सुविधाओं को भी मिस कर रही थीं।


गौरतलब है कि ज़ारा के माता-पिता दोनों ही पायलट हैं और वे खुद भी 6 साल की उम्र से हवाई जहाज की यात्रा कर रही हैं। ज़ारा ने खुद महज 14 साल की उम्र से प्लेन उड़ाना शुरू कर दिया था। इस यात्रा के खर्च की बात करें तो उन्हें इसके लिए स्पॉन्सर्शिप और लोगों का समर्थन मिला था।


Edited by Ranjana Tripathi

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