आदिवादी बच्चों की शिक्षा के लिए इस शिक्षक ने दान कर दिया अपना रिटायरमेंट फंड

By शोभित शील
February 09, 2022, Updated on : Wed Feb 09 2022 07:09:26 GMT+0000
आदिवादी बच्चों की शिक्षा के लिए इस शिक्षक ने दान कर दिया अपना रिटायरमेंट फंड
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समाज को बेहतर और देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए शिक्षा ही सर्वोत्तम तरीका है, हालांकि आर्थिक संसाधनों के अभाव के चलते आज भी बड़ी संख्या में बच्चों तक उचित शिक्षा की पहुंच नहीं है। इस स्थिति को बदलने के इरादे से एक शिक्षक ने अपने रिटायरमेंट के बाद मिली पूरी राशि को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए दान करने का सराहनीय काम किया है।


रिटायर हो चुके इन शिक्षक का नाम विजय कुमार चंसौरिया है, जो अभी तक एक आदिवासी बहुल गाँव में स्थित सरकारी स्कूल में छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहे थे। विजय कुमार को उनके रिटायरेंट के बाद करीब 40 लाख रुपये मिले थे, जिसे उन्होने दान कर दिया है।

जरूरतमंद बच्चों को मिलेगी शिक्षा

विजय कुमार ने अपने रिटायरमेंट के बाद मिली राशि को एक ट्रस्ट के बैंक खाते में जमा करवाया है और अब उस जमा राशि से मिलने वाले ब्याज़ का उपयोग इलाके के आदिवासी और अन्य जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए किया जाएगा। विजय कुमार ने करीब 38 साल तक बतौर सरकारी शिक्षक अपनी सेवाएँ दी हैं।


मीडिया से बात करते हुए उन्होने बताया है कि उनके दोनों पुत्र सरकारी नौकरी कर रहे हैं, जबकि उनकी बेटी की शादी हो चुकी है। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद मिली इस राशि का उनके लिए कोई महत्व नहीं है। विजय कुमार ने अपने इस निर्णय से पहले अपनी पत्नी और अपने बच्चों से भी राय ली थी और परिवार की सहमति के बाद उन्होने यह कदम उठाया है।

बचपन में चलाना पड़ा रिक्शा

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के मूल निवासी विजय कुमार के अनुसार उनका बचपन बेहद गरीबी में गुज़रा है। वे परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते 10वीं की पढ़ाई भी स्कूल जाकर नहीं कर सके थे। विजय कुमार ने बताया है कि आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होने 13 साल की उम्र में रिक्शा चलाना शुरू कर दिया था।


आगे की पढ़ाई के लिए वे अपने एक रिश्तेदार के घर आ गए थे, जहां वे रात में तालाब के किनारे लगी रोड लाइट का सहारा लेकर अपनी पढ़ाई करते थे। कठिन संघर्ष के बीच जब विजय कुमार ने हायर सेकेंडरी की परीक्षा दी तो उन्होने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अच्छे नंबरों के साथ यह परीक्षा पास की।

मिल रही है सराहना

मीडिया के साथ बातचीत में विजय कुमार ने बताया है कि वे चाहते हैं कि आदिवासी और अन्य पिछड़े समुदाय से आने वाले बच्चे भी अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपने लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें, इसीलिए उन्होने अपनी जीपीएफ़ और ग्रेजुएटी की राशि को दान करने का निर्णय लिया है।


विजय कुमार के इस निर्णय के बाद अब वे क्षेत्र में भी चर्चा बटोर रहे हैं, इसी के साथ सोशल मीडिया पर लोग उनके इस नेक काम की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं।


Edited by Ranjana Tripathi

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