टॉय ब्रांड Legend of Toys को मिली 21 करोड़ रु की प्री-सीरीज A फंडिंग
Legend of Toys की शुरुआत अफशान सिद्दीकी और विनय जयसिंह ने की थी. कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल नई प्रोडक्ट कैटेगरी, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
टॉय ब्रांड Legend of Toys ने अपने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में ₹21 करोड़ जुटाए हैं. इस राउंड में Singularity Early Opportunities Fund, Veltis Capital, Enzia Ventures, DeVC, Atrium Angels और Stride ने हिस्सा लिया है.
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल नई प्रोडक्ट कैटेगरी, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
Legend of Toys की शुरुआत अफशान सिद्दीकी और विनय जयसिंह ने की थी. दोनों ISB 2017 बैच के छात्र रहे हैं और इससे पहले Livspace, Supertails और Unacademy जैसी कंपनियों में काम कर चुके हैं.
कंपनी ने सिर्फ 18 महीनों में ₹30 करोड़ ARR (Annual Recurring Revenue) हासिल कर लिया. इतना ही नहीं, कंपनी अभी 20 प्रतिशत महीने दर महीने की दर से बढ़ रही है. यह ग्रोथ बताती है कि भारतीय ग्राहकों के बीच प्रीमियम खिलौनों की मांग तेजी से बढ़ रही है.
Legend of Toys खुद को सिर्फ एक टॉय कंपनी नहीं मानती. कंपनी हर प्रोडक्ट को एक किरदार और कहानी के साथ पेश करती है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत बन रही है.
कंपनी के पोर्टफोलियो में RC Drift Cars, Off Road RC Trucks, High Speed RC Cars और 1:64 Tabletop RC Drift Cars जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं. इनकी कीमत ₹1,599 से ₹8,799 के बीच है.
ब्रांड का फोकस बच्चों के साथ साथ कलेक्टर्स और टॉय एंथूजियास्ट्स पर भी है. कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के जरिए एक ऐसा अनुभव बनाना चाहती है, जिससे ग्राहक लंबे समय तक ब्रांड से जुड़े रहें.
पिछले कुछ वर्षों में भारत का टॉय सेक्टर काफी बदला है. सरकार ने खिलौनों के आयात पर सख्ती बढ़ाई है और क्वालिटी नियम मजबूत किए हैं. जनवरी 2021 से BIS Certification अनिवार्य होने के बाद घरेलू कंपनियों को बड़ा फायदा मिला है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2022-23 के बीच भारत के खिलौना आयात में 52 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निर्यात 239 प्रतिशत बढ़ गया. इससे साफ है कि भारत अब सिर्फ खिलौने खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाला बड़ा बाजार भी बन रहा है. Legend of Toys इसी मौके को पकड़कर आगे बढ़ रही है.
कंपनी अब DIY Toys और नई प्ले कैटेगरी में उतरने की तैयारी कर रही है. साथ ही मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को भी मजबूत किया जाएगा.
ब्रांड अपनी डिजिटल मौजूदगी बढ़ाने पर भी काम करेगा. कंपनी भारत के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाना चाहती है.
Legend of Toys की एक और खास बात इसकी लाइफटाइम सर्विस पॉलिसी है. कंपनी ग्राहकों को रिपेयर और आफ्टर सेल्स सपोर्ट देती है. आमतौर पर टॉय इंडस्ट्री में ऐसी सुविधा कम देखने को मिलती है. यही वजह है कि कंपनी ग्राहकों के बीच भरोसा बनाने में सफल हो रही है.
Legend of Toys के को-फाउंडर विनय जयसिंह ने कहा, “हमने Legend of Toys की शुरुआत एक मजबूत सोच के साथ की थी कि भारत ऐसा टॉय ब्रांड बना सकता है जिसे पूरी दुनिया पसंद करे. ग्राहकों से मिला शुरुआती रिस्पॉन्स हमारे लिए बहुत उत्साहजनक रहा है और इससे पता चलता है कि लोग कुछ नया चाहते थे. अब हमारा फोकस नए कैटेगरी में विस्तार करने, मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाने और लंबे समय तक टिकने वाली कंपनी खड़ी करने पर है.”
वहीं को-फाउंडर अफशान सिद्दीकी ने कहा, “हमारे लिए खिलौना सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं है. वह एक किरदार, एक कहानी और एक अनुभव होता है. हम Legend of Toys को एडवेंचर, रोमांच और उत्साह की दुनिया के रूप में बना रहे हैं, जहां बच्चे, शौकीन लोग और कलेक्टर्स बार-बार लौटकर आएं. हमारा ध्यान शानदार प्रोडक्ट, मजबूत कहानी, अच्छी कम्युनिटी और लंबे समय तक भरोसा बनाने पर है, क्योंकि हम भारत और विदेशों में अपने ब्रांड का विस्तार कर रहे हैं.”
Veltis Capital के मैनेजिंग पार्टनर गोकुल गोपाल ने कहा, “पिछले एक साल में Legend of Toys और Veltis Capital की साझेदारी को करीब से देखना हमारे लिए खास अनुभव रहा है. अफशान और विनय खिलौनों और कारों को लेकर बेहद जुनूनी हैं. वे क्वालिटी, मैन्युफैक्चरिंग और ब्रांड बनाने पर गहराई से काम कर रहे हैं. हमें विश्वास है कि Legend of Toys भारत से निकलने वाला एक बड़ा ग्लोबल टॉय ब्रांड बन सकता है, जो बच्चों और कलेक्टर्स के लिए विश्वस्तरीय प्रोडक्ट तैयार करेगा.”
Enzia Ventures की मैनेजिंग पार्टनर और फाउंडर करुणा जैन ने कहा, “भारत तेजी से ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ रहा है और Legend of Toys ऐसे मौके पर काम कर रहा है, जिस पर अब तक ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया. विनय और अफशान सिर्फ खिलौने नहीं बना रहे, बल्कि रिपेयर-नॉट-रिप्लेस मॉडल के जरिए ग्राहकों का भरोसा भी बना रहे हैं, जो इस इंडस्ट्री में बहुत कम देखने को मिलता है. उनकी सोच और काम करने का तरीका उन्हें अलग बनाता है. हमें विश्वास है कि वे भारत से एक ऐसा ब्रांड बनाएंगे जो दुनिया भर में अपनी पहचान बनाएगा.”
अब देखना होगा कि आने वाले वर्षों में यह भारतीय ब्रांड दुनिया के बड़े टॉय मार्केट में अपनी कितनी मजबूत पहचान बना पाता है.




