बच्‍चों के संपूर्ण विकास में कैच-अप ग्रोथ की भूमिका

आइए जानते हैं कैच-अप ग्रोथ और इसके कारण क्या हैं, और किस प्रकार माता-पिता अपने बच्चे की कैच-अप ग्रोथ की यात्रा में सहायता कर सकते हैं.

बच्‍चों के संपूर्ण विकास में कैच-अप ग्रोथ की भूमिका

Saturday November 11, 2023,

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बचपन एक ऐसा समय होता है जब बच्चों में सबसे तेज़ी से वृद्धि और विकास होता है, लेकिन विभिन्न कारणों से कुछ बच्चों के विकास में देरी देखी जा सकती है. ऐसे में बच्चों के माता-पिता अक्सर अनिश्चितता की भावना से गुज़रते हैं कि क्या वजह है कि उनके बच्चे में अपेक्षा के अनुसार विकास नहीं हो रहा है और कभी-कभी यह उनके लिए बेहद चिंताजनक हो सकता है.   

अवरूद्ध विकास (स्‍टंटेड ग्रोथ) या तो अपर्याप्त पोषण के कारण होती है, जिसकी वजह से वृद्धि से जुड़ी समस्या, गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, या फिर पर्यावरण से जुड़े कारकों की वजह से भी ऐसा हो सकता है. आज, पूरे विश्व में पांच वर्ष से कम उम्र के ऐसे 149 मिलियन (14.9 करोड़) बच्चे हैं जो स्‍टंटेड ग्रोथ से पीड़ित हैं. दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट यह दर्शाती है कि भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के 40.6 मिलियन (4.6 करोड़) बच्चे अवरूद्ध विकास से पीड़ित हैं जो पूरी दुनिया में अवरूद्ध विकास से पीड़ित बच्चों की संख्या का लगभग एक तिहाई हिस्सा है.

आइए जानते हैं कैच-अप ग्रोथ और इसके कारण क्या हैं, और किस प्रकार माता-पिता अपने बच्चे की कैच-अप ग्रोथ की यात्रा में सहायता कर सकते हैं.

कैच-अप ग्रोथ क्या है?

बच्चों में अवरूद्ध विकास का प्रमुख कारण कुपोषण माना जाता है. जब बच्चों को पर्याप्त पोषण मिलता है तो अक्सर उनमें तेज़ी से विकास देखा जाता है जिसे तात्क्षणिक कैच-अप (सीयू) ग्रोथ कहा जाता है. इससे बच्चों को उनके प्रारंभिक विकास को फिर से हासिल करने में सहायता मिलती है. ऐसे बच्चे जिनमें विकास में रूकावटें देखी जाती हैं उन्हें अक्सर अतिरिक्त कैलोरी, प्रोटिन और सूक्ष्मपोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. यह पोषक तत्व एक दोहरी भूमिका निभाते हैं, यह न सिर्फ उस अपर्याप्त पोषण वाली अवधि में आई कमी को पूरा करते हैं, लेकिन इसके साथ ही आगे की वृद्धि में भी सहायता प्रदान करते हैं.   

कई बच्चे पौष्टिक खाना खाते हैं, हालांकि इसके साथ ही कार्यक्षम पोषण की चुनौतियों से निपटना भी ज़रूरी है. कैल्शियम, आयरन और ज़िंक जैसे खनिज बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़े रखने के लिए प्रोत्साहित करना किसी भी बच्चे के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख कारक होता है.

पोषण संबंधी हस्‍तक्षेप के माध्यम से किस प्रकार वृद्धि को बढ़ावा दें

जबकि सभी चरणों में आपके बच्चे की स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए उचित पोषण प्रदान करना महत्वपूर्ण होता है, वहीं बच्चों में शुरूआत से ही पोषण संबंधी हस्‍तक्षेप अनिवार्य होता है. पोषण की कमी की समस्या को समझने और उससे निपटने की आवश्यकता है जिसकी वजह हो सकती है अपर्याप्त आहार, पोषक तत्वों का अधिक से अधिक अवशोषण या अकार्यक्षम पोषक तत्वों का उपयोग. बच्चे के जीवन के शुरूआती चरण में ही ध्यान केंद्रित करने से वृद्धि की क्षमता पर होने वाले गंभीर परिणामों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि बच्चा अपनी संपूर्ण विकास क्षमता तक पहुँच सके.  

  

बचपन में पोषण का मूल्यांकन करने का मतलब केवल यह सुनिश्चित करना नहीं है कि आपके बच्चे ने सब्जियाँ खाई या नहीं, बल्कि यह एक बहुआयामी प्रक्रिया हो सकती है. अच्छे पोषण का प्रमुख परिणाम न सिर्फ ज्‍यादा से ज्‍यादा हाइट हासिल करना है, बल्कि इसके साथ ही संज्ञानात्मक विकास में सहायता करना है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता संबंधी कार्यों के लिए मज़बूती प्रदान करना है. जो बच्चे वृद्धि और विकास के मामले में पीछे रह जाते हैं उनके उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए. 

बच्चों में स्वस्थ और संपूर्ण विकास को प्रोत्साहन दें

अक्सर बच्चे वयस्कों से भी अधिक सक्रिय होते हैं, और इसलिए उन्हें भूख भी अधिक लगती है. सुनिश्चित करें कि वे विभिन्न प्रकार के सेहतमंद खाद्य पदार्थों और पोषक तत्वों के साथ एक संतुलित आहार का सेवन करें. नीचे कुछ तरीके दिए गए हैं और इन सेहतमंद आदतों की मदद से आप अपने बच्चे का विकास सुनिश्चित कर सकते हैं:

आपके बच्चे के विकास के लिए मापन और निगरानी करें: आपके बच्चे के विकास की नियमित रूप से निगरानी करते हुए शुरूआत करें, विशेष रूप से 2 से 6 साल के बच्चों के लिए. डॉ. नितिन वर्मा, एमडी मैक्स हॉस्पिटल का कहना है, “यह सलाह दी जाती है कि हर तीन महीने के बाद बच्चों में हुई वृद्धि को मापें और इसके लिए माता-पिता ग्रोथ डायरी या किसी ट्रैकर जैसे टूल का उपयोग कर सकते हैं. किसी भी बच्चे के विकास को समझने और इसका पता लगाने के लिए सटीक मापन महत्वपूर्ण होता है.” इतना ही नहीं, इससे वृद्धि की कमी से जुड़ी समस्या का शुरूआत में ही निदान करने में सहायता मिलती है और माता-पिता के लिए तुरंत ज़रूरी उपाय करना और इससे जुड़े कारणों को दूर करना संभव हो पाता है.

सही खानपान लें: संपूर्ण विकास में सहायता के लिए बच्चों को एक संतुलित आहार दें जिसमें रोज़ाना अनाज, दालें, दूध, मांस, फल और सब्जियाँ शामिल करें. यह आहार सुनिश्चित करेगा कि हड्डियों के सेहतमंद विकास के लिए आपके बच्चे को आवश्यक प्रोटिन, विटामिन्स और खनिज प्राप्त होते रहें. ऐसे बच्चे जो खाने को लेकर नखरे करते हैं उन्हें एक अच्छे संतुलित आहार देने के लिए मौखिक रूप से दिए जाने वाले न्यूट्रीशन सप्लीमेंट्स के बारे में विचार करें. आपके बच्चों को खरीदारी, खाने के नियोजन और कुकिंग में शामिल करें ताकि उन्होंने जिस पदार्थ को बनाने में सहायता की है उसे खाने में उनकी दिलचस्पी बढ़े. भोजन को अधिक आकर्षक बनाएं जिसके लिए आप कुकी कटर्स का इस्तेमाल कर सेब और ककडी जैसे फलों और सब्जियों के मज़ेदार आकार बना सकते हैं और ब्रेकफास्ट और डिनर के लिए विभिन्न रंगों के खाद्य पदार्थ परोसें.

कसरत करें: बच्चों में स्क्रीन टाइम को सीमित करने के लिए खेल का एक संतुलित कार्यक्रम तय करें. छुट्टियों के दिन बच्चों को गैजेट से पूरी तरह दूर रहने के लिए आप प्रेरित कर सकते हैं और उन्हें पूरे परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें. इस बात को सुनिश्चित करें कि बच्चे रोज़ाना कम से कम तीन घंटे किसी शारीरिक गतिविधि में शामिल रहें, जिसमें तैराकी, दौड़ना, रस्सी-कूदना, चलना और नाचने जैसी गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है. हड्डियों के स्वास्थ्य में वृद्धि करने और संपूर्ण शारीरिक तंदुरूस्ती को बढावा देने में शारीरिक गतिविधि एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. 

व्‍यापक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छी तरह संतुलित आहार महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के अवशोषण में वृद्धि कर सकता है. यदि आपका बच्चा पर्याप्त मात्रा में कैलोरी और पोषण का सेवन नहीं करता है तो इस कमी को कुछ हद तक पूरा करने के लिए न्यूट्रीशन सप्लीमेंट से सहायता मिल सकती है. यह सप्लीमेंट्स इस कमी को पूरा करने का काम कर सकते हैं और इसके साथ ही एक कैटालिस्ट की भूमिका भी निभाते हैं ताकि आपका बच्चा जो भोजन ले रहा है, उसके महत्वपूर्ण विटामिन्स और खनिज का अवशोषण करने के लिए शरीर की क्षमता को बढ़ाया जा सके. यह पोषक तत्वों को अवशोषित करने की मात्रा को बढ़ाने जैसा है ताकि उनका शरीर हर निवाले से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सके.