'गरीब का कल्याण' इस बजट का महत्वपूर्ण पहलू है: पीएम मोदी

By रविकांत पारीक
February 01, 2022, Updated on : Tue Feb 01 2022 12:22:57 GMT+0000
'गरीब का कल्याण' इस बजट का महत्वपूर्ण पहलू है: पीएम मोदी
बजट 2022-23 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

केंद्रीय व‍ित्त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट 2022-23 पेश किया। यह आम बजट न‍िर्मला सीतारमण के कार्यकाल का चौथा बजट है और नरेंद्र मोदी सरकार का 10वां बजट है। 


बजट 2022-23 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है। ये बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य मानवी के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा। ये बजट 'मोर इनफ्रास्ट्रक्चर, मोर इन्वेस्टमेंट, मोर ग्रोथ, और मोर जॉब्स' की नई संभावनाओं से भरा हुआ है। और एक नया क्षेत्र और खुला है। और वो हो ग्रीन जॉब्स का। ये बजट तत्कालीन आवश्यकताओं का भी समाधान करता है और देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को भी सुनिश्चित करता है।"


उन्होंने आगे कहा, "मैं पिछले कुछ घंटों से देख रहा हूं, जिस प्रकार से इस बजट का हर क्षेत्र में स्वागत हुआ है, सामान्य मानवी की जो सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है, उसने जनता जनार्दन की सेवा का हमारा उत्साह अनेक गुणा बढ़ा दिया है।"

PM Modi, Budget2022

पीएम मोदी ने कहा, "जीवन के हर क्षेत्र में आधुनिकता आए, टेक्नोलॉजी आए, जैसे किसान ड्रोन हो, वंदेभारत ट्रेन हों, डिजिटल करेन्सी हो, बैंकिग के क्षेत्र में डिजिटल यूनिट्स हों, 5G सर्विसेज का रोल आउट हो, नेशनल हेल्थ के लिए डिजिटल इकोसिस्टम हो, इनका लाभ हमारे युवा, हमारे मध्यम वर्ग, गरीब-दलित-पिछड़े, ये सभी वर्गों को मिलेगा।"


उन्होंने कहा, "इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है - गरीब का कल्याण। हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से जल आता हो, उसके पास शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर है।"


पीएम ने कहा, "जो भारत के पहाड़ी क्षेत्र हैं, हिमालय का पूरा पट्टा। जहां जीवन आसान बने, वहां से पलायन ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए भी नई घोषणा की गई है। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन और कनेक्टिविटी की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी। और इससे हमारे देश के जो सीमावर्ती गांव हैं, बॉर्डर के गांव हैं। जिसका वाइब्रेंट होना जरूरी है। जो देश की सिक्युरिटी के लिए भी आवश्यक है। उसको भी बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।"


भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन राज्यों में गंगा किनारे, नैचुरल फॉर्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे मां गंगा की सफाई का जो अभियान है उसमे मां गंगा को केमिकल मुक्त करने में भी बहुत बड़ी मदद मिलेगी।


प्रधानमंत्री ने कहा, "बजट के प्रावधान यह सुनिश्चित करने वाले हैं की कृषि लाभप्रद हो, इसमें नये अवसर हों। नए एग्रीकल्चर स्टार्ट अप्स को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष फंड हो, या फिर फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए नया पैकेज, इससे किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। MSP खरीद के माध्यम से किसानों के खाते में सवा दो लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।"


उन्होंने आगे कहा, "कोरोना काल में MSME यानि हमारे छोटे उद्योगों की मदद और उनकी सुरक्षा के लिए देश ने लगातार अनेक निर्णय लिए थे। अनेक प्रकार की मदद पहुंचाई थी। इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है। डिफेंस के कैपिटल बजट का 68 परसेंट डोमेस्टिक इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ, भारत के MSME सेक्टर को मिलेगा। ये आत्मनिर्भरता की तरफ बहुत बड़ा मजबूत कदम है। साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के पब्लिक इन्वेस्टमेंट से अर्थव्यवस्था को नई गति के साथ ही, छोटे और अन्य उद्योगों के लिए नए अवसर भी बनेंगे।"


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा, "मैं वित्त मंत्री निर्मला जी और उनकी पूरी टीम को इस पीपल फ्रैंडली और प्रोग्रेसिव बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।"