चीनी उत्‍पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ भारत बना नंबर वन देश

By yourstory हिन्दी
October 06, 2022, Updated on : Thu Oct 06 2022 11:41:15 GMT+0000
चीनी उत्‍पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ भारत बना नंबर वन देश
359 लाख मीट्रिक टन चीनी उत्‍पादन के साथ भारत ने चीनी उत्‍पादन और निर्यात के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
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ब्राजील अब तक दुनिया का नंबर वन चीनी उत्‍पादक देश हुआ करता था, लेकिन इस बारे गन्‍ने की बंपर फसल और 359 लाख टन चीनी के उत्‍पादन के साथ भारत दुनिया का पहले नंबर का चीनी उत्‍पादक देश बन गया है. इतना ही नहीं चीनी के निर्यात के मामले में भी भारत ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

 

खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्‍पादक देश और दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक बन गया है. यह साल चीनी उत्‍पादन के मामले में भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. गन्‍ने के उत्‍पादन के लिहाज से भी यह साल बढि़या रहा, जब गन्‍ने की बंफर फसल हुई. साथ ही चीनी का उत्‍पादन, निर्यात, गन्ने की खरीद और एथेनॉल के उत्पादन में भी भारत ने इस साल नए रिकॉर्ड बनाए.


मंत्रालय के द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक इस साल 5000 लाख मीट्रिक टन गन्ने का उत्पादन हुआ, जिसमें से 3574 लाख मीट्रिक टन गन्ने के पेराई की गई और उस पेराई से कुल 395 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ है. इस उत्‍पादन में से 35 लाख मीट्रिक टन चीनी का प्रयोग एथेनॉल बनाने के लिए किया गया है. साथ ही 359 लाख मीट्रिक टन कुल चीनी का उत्पादन हुआ.


यदि चीनी के निर्यात की बात करें तो इस साल भारत से 109.8 लाख मीट्रिक टन चीनी बाहर के देशों में निर्यात की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसी के साथ भारत दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश बन गया है. इस चीनी निर्यात से भारत को कुल 40 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा का लाभ हुआ.


खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक एथेनॉल के निर्माण में शुगर का इस्तेमाल भी इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. वर्ष 2018-19 में इसका स्‍तर 3 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 35 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 60 लाख मीट्रिक टन शुगर स्टॉक अभी भी बचा हुआ है, जो आगामी ढाई  महीने की जरूरत को पूरा कर सकता है.

 

गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के मामले में भी इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2021-22 में किसानों से खरीदे गए गन्‍ने की कुल कीमत 1.18 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें से अब तक 1.12 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है. यानी अब तक किसानों के 95 फीसदी बकाये का भुगतान किया जा चुका है. इसी के साथ पिछले वित्‍त वर्ष या शुगर सीजन यानी 2020-21 का भी तकरीबन 99.9 फीसदी भुगतान किया जा चुका है.


Edited by Manisha Pandey