[योरस्टोरी एक्सक्लूसिव] NCLT ने OYO की सब्सिडियरी के खिलाफ स्वीकार की दिवालिया याचिका; OYO ने आदेश को NCLAT में दी चुनौती

By Sindhu Kashyaap & Tenzin Pema|8th Apr 2021
NCLT ने OYO ग्रुप की सहायक कंपनी OYO होटल्स एंड होम्स के खिलाफ दीवालिया प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार कर ली। हालांकि OYO द्वारा साझा किए गए एक विशेष बयान में कहा गया है कि यह पहले ही NCLAT में आदेश को चुनौती दे चुका है।
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नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने ओयो होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड (OHHPL) के खिलाफ कार्पोरेट दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की याचिका को स्वीकार कर लिया है। NCLT ने यह याचिका 30 मार्च 2021 को स्वीकार की। योरस्टोरी को पता चला है कि यह याचिका क्रेडिटर राकेश यादव की ओर से दायर की गई थी। बता दें कि OHHPL, ओयो ग्रुप की एक सहायक कंपनी है।


YourStory के साथ साझा किए गए एक विशेष बयान में, OYO समूह ने कहा कि उसने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के समक्ष एक अपील दायर की है, जिसमें उसकी सहायक कंपनी OHHPL के खिलाफ 16 लाख रुपये की राशि के लिए NCLT के आदेश को चुनौती दी गई है।


कंपनी ने यह भी कहा कि विवादित 16 लाख रुपये राशि पहले ही दावेदार को उस इकाई (OHHPL के अलावा) द्वारा विरोध के तहत भुगतान की जा चुकी है, जिसके साथ विवाद उठाया गया था

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ओयो के प्रवक्ता ने कहा,

"हमें यह सुनकर आश्चर्य हुआ है कि माननीय एनसीएलटी ने ओयो ग्रुप की सहायक कंपनी OHHPL के खिलाफ 16 लाख रुपये के एक कॉन्ट्रैक्चुअल विवाद में दायर याचिका को स्वीकार किया है। जोकि यह विवाद इस सहायक कंपनी के साथ है भी नहीं। हमने अपील दायर की है। मामला विचाराधीन है और ऐसे में हम अभी इस मोड़ पर कुछ भी नहीं कहना चाहेंगे।"


इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 (IBC) के अनुसार, डिफॉल्ट की स्थिति में एक ऑपरेशनल क्रिडिटर या फाइनेंशियल क्रेडिटर डेटर के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवालिया प्रक्रिया (या CIRP) शुरू कर सकता है। इसके लिए उसे आईबीसी के तहत CIRP शुरू करने के लिए NCLT के समक्ष याचिका दायर करनी होती है।


इसके बाद NCLT यह जाँचने के लिए CIRP एप्लीकेशन की समीक्षा करता है कि क्या यह कंपलीट है और यदि कोई डिफॉल्ट होता है तो इसे स्वीकार करता है; एक बार जब एप्लीकेशन स्वीकार हो जाता है को CIRP शुरू किया जाता है।


केयूर जे शाह एंड एसोसिएट्स का हिस्सा केयूर जगदीश भाई शाह को दिवाला प्रक्रिया के अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) के रूप में नियुक्त किया गया है। आरपी ओयो सहायक ओएचएचपीएल की संपत्ति को अपने नियंत्रण में लेगा और सभी लेनदारों से दावों को आमंत्रित करेगा और फिर लेनदारों की समिति (सीओसी) का गठन करेगा।


वहीं OYO होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड के क्रेडिटर्स यानी लेनदारों को 15 अप्रैल 2021 तक दावों का विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। दिवालिया कार्यवाही पूरी करने की अनुमानित तारीख 27 सितंबर, 2021 है।


बीता साल सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित होटेल ब्रांड के लिए कठिन रहा है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर COVID-19 महामारी के विनाशकारी प्रभाव से पहले भी OYO ने बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की थी और विक्रेता व IT रेड्स का सामना कर रहा था।


महामारी फैलने के बाद, अधिकांश कंपनियों की तरह ही OYO ने वेतन कटौती, फरलो का सहारा लिया और अपने कर्मचारियों से स्वैच्छिक इस्तीफे मांगे। हालांकि, हाल ही में फरवरी 2021 में, कंपनी ने कहा है कि यह रिकवरी के रास्ते पर है और यह जल्द ही आईपीओ लेकर आएगा।


OYO समूह के कर्मचारियों को हाल ही के पत्र में, संस्थापक और समूह के सीईओ रितेश अग्रवाल ने कहा था कि कंपनी भारत में सकल मार्जिन और EBIDTA की 100 प्रतिशत रिकवरी के लिए तैयार है।


राजस्व में गिरावट के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए, ओयो ने अपने विक्रेताओं के लिए तकनीकी सेवाओं को शुरू करने पर भी ध्यान दिया है। ऐसा ही एक उदाहरण OYO सिक्योर है, जो एक वॉलेट-सर्विस है जो संपत्ति मालिकों को कमीशन और दैनिक भुगतान के सामंजस्य के लिए अमाउंट अपलोड करने की अनुमति देती है।


मार्च 2020 से, IBC द्वारा दिवालिया प्रक्रिया की ताजा कार्यवाही इस साल मार्च तक निलंबित कर दी गई थी। NCLT और नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) SOPs के एक नए सेट के साथ वर्चुअल सुनवाई कर रहे थे। महामारी ने दिवालिया की कार्यवाही को काफी धीमा कर दिया था।


Edited by Ranjana Tripathi