YouTube ने जुलाई-सितंबर के बीच दुनिया भर से 56 लाख वीडियो हटाए, इसमें से एक तिहाई अकेले भारत से

यूट्यूब की 2022 की तीसरी तिमाही की एन्फोर्समेंट रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई और सितंबर, 2022 के बीच यूट्यूब ने भारत में सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 17 लाख वीडियो को हटाया है.

YouTube ने जुलाई-सितंबर के बीच दुनिया भर से 56 लाख वीडियो हटाए, इसमें से एक तिहाई अकेले भारत से

Wednesday November 30, 2022,

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यूट्यूब ने जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी के सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए भारत में 17 लाख वीडियो हटाए हैं. गूगल के मालिकाना हक वाली कंपनी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

यूट्यूब की 2022 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई और सितंबर, 2022 के बीच यूट्यूब के सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 17 लाख वीडियो को हटाया गया है.

वैश्विक स्तर पर यूट्यूब ने इन दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए अपने प्लैटफॉर्म से 56 लाख वीडियो को हटाया है. इस तरह एक तिहाई से ज्यादा वीडियो अकेले भारत से हटाए गए हैं. 

कंपनी ने इससे पिछले की तिमाहियों में 13 लाख और 11 लाख वीडियो भारत से हटाए थे. जुलाई-सितंबर की अवधि में इंडोनेशिया, अमेरिका, ब्राजील और रूस ने भी टॉप 5 में जगह बनाई है.

रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सालों में जितने भी वीडियो हटाए गए हैं उनमें सबसे ज्यादा वीडियो भारत से ही हैं. भारत में यूट्यूब ने लगातार 11 तिमाहियों तक वीडियो हटाए जाने वाले देशों की लिस्ट में टॉप किया है. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि मशीन द्वारा पकड़ में आए वीडियो में से 36 प्रतिशत को पब्लिश होते ही हटा दिया गया. यानी इन वीडियो को एक भी ‘व्यू’ नहीं मिला. वहीं 31 प्रतिशत वीडियो को एक से 10 ‘व्यू’ के बीच हटाया गया. रिपोर्ट में कहा है कि दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए मंच ने 73.7 करोड़ कमेंट्स भी हटाए हैं.

यूट्यूब के आंकड़े बताते हैं कि 99 फीसदी कमेंट्स पर उसके ऑटोमेटेड सिस्टम ने ही अलर्ट जारी कर दिया जिसके बाद उन्हें हया दिया गया. जबकि 1 फीसदी कमेंट्स को यूजर्स ने रिपोर्ट किया जिसके बाद उन्हें हटाया गया. कंपनी ने तीसरी तिमाही में दुनिया भर में 50 लाख यूट्यूब चैनल और 72.8 करोड़ कमेंट भी हटाए हैं.

दिलचस्प बात ये है कि भारत में कंटेंट हटाने के लिए कंपनी को सरकार की तरफ से 100 से कम आवेदन मिले थे. सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म मेटा को जनवरी-जून 2022 की अवधि में कंटेंट हटाने के लिए 55,497 आवेदन मिले थे. इस लिहाज से देखें तो यूट्यूब को मेटा की तुलना में काफी कम आवेदन मिले हैं.

यूट्यूब हर तिमाही अपने प्लैटफॉर्म्स के लिए तिमाही आधार पर एनफोर्समेंट रिपोर्ट जारी करता है. जिसके जरिए वो ये बताता है कि वह सामुदायिक दिशानिर्देशों के अनुपालन को कैसे सुनिश्चित करता है.

यूट्यूब गलत जानकारी फैलाने वाले, हेट स्पीच, हिंसा या ग्राफिक कंटेंट, चाइल्ड सेफ्टी जैसे कुछ मानदंडों का उल्लंघन करने वाले वीडियो को हटाता है.


Edited by Upasana