पहाड़ों और पेड़ों के बीच खुशियाँ तलाशने वाले रस्किन बांड ने खोले कुछ और राज़

13th Jun 2016
  • +0
Share on
close
  • +0
Share on
close
Share on
close

अपनी हालिया साहित्यिक कृति में लोकप्रिय लेखक रस्किन बांड ने लोगों की खुशियों के राज को खोलने का प्रयास किया है। पॉकेट आकार के संकलन ‘अ मिसलेनी फॉर ऑल सीजन, वन टू चेरिश एंड टू शेयर’ में उन्होंने अपने अवलोकन और उन लोगों की शख्सियतों को शामिल किया है, जिससे वे प्रभावित हुए थे।

निरंतर पहाड़ों और पेड़ों के बीच खुशियां तलाशने वाले बांड ने लण्ढोर-मसूरी में एक छोटा सा आशियाना बसाया है और उनकी नजरों में, ‘‘अलग-अलग लोगों के लिए खुशियों का अलग-अलग मतलब है।’’ स्पीकिंग टाइगर द्वारा प्रकाशित ‘अ लिटिल बुक ऑफ हैप्पीनेस’ में उन्होंने इन बातों का जिक्र किया है।

उन्होंने पाठकों को बताया है कि उन्हें किन चीजों से खुशी मिलती है। वह बारिश वाले दिन कभी पी जी वुडहाउस या चार्ल्स डिकेन्स को पढ़कर खुश हो जाते हैं या अपनी किसी कहानी या कविता को पूरा करके।

उन्होंने कहा कि उनके लिए खुशी महसूस करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘विफल कृतियाँ मुझे दुख देती हैं।’’

(पीटीआई) 

  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • WhatsApp Icon
  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • LinkedIn Icon
  • WhatsApp Icon
  • Share on
    close
    Report an issue
    Authors

    Related Tags