जीएसटी देगा 18 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा

By yourstory हिन्दी
June 14, 2017, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:16:30 GMT+0000
जीएसटी देगा 18 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा
सरकार द्वारा जीएसटी दरों को संशोधित करने के बाद 1 जुलाई से 66 चीज़ें कम लागत पर होंगी उपलब्ध...
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जीएसटी लागू होने के कुछ सप्ताह पहले सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कई वस्तुओं के टैक्स स्लैब घटा दिए हैं, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत ज्यादा रखा गया था। दरअसल कुछ राज्य और व्यापार मंडलों ने 133 वस्तुओं पर टैक्स स्लैब घटाने की मांग की थी। जीएसटी परिषद की 11 जून को हुई 16वीं बैठक में 133 वस्तुओं में से उन 66 ची़ज़ों पर से जीएसटी दरें घटा दी गई हैं...

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देशभर में जीएसटी लागू होने से कुछ सप्ताह पहले सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कई वस्तुओं के टैक्स स्लैब घटा दिए हैं, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत ज्यादा रखा गया था।

जीएसटी लागू होने से खरीद-फरोख्त की दुनिया में काफी बदलाव आने वाला है। जिससे रोजमर्रा के सामान के उपयोग में भी काफी परिवर्तन आएंगे। जीएसटी आने के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो जायेंगी, जबकि कुछ चीजों को खरीदने के लिए आपको जेबें ज्यादा खाली करनी पड़ेंगी। लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टैक्स का पूरा सिस्टम एकीकृत हो जाने से इसको समझना आसान हो जाएगा। जीएसटी आ जाने से 18 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा मिल जाएगा। देशभर में जीएसटी लागू होने से कुछ सप्ताह पहले सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कई वस्तुओं के टैक्स स्लैब घटा दिए हैं, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत ज्यादा रखा गया था। दरअसल कुछ राज्य और व्यापार मंडलों ने 133 वस्तुओं पर टैक्स स्लैब घटाने की मांग की थी। जीएसटी परिषद की 11 जून को हुई 16वीं बैठक में 133 वस्तुओं में से उन 66 पर जीएसटी दरें घटा दी गईं। इस महीने की शुरुआत में परिषद की 15वीं बैठक में श्रीनगर में 1211 वस्तुओं पर फैसला किया गया था। इन्हीं 1211 में से 133 सामानों पर टैक्स कम करने की मांग उठी थी।

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जीएसटी की इस संशोधित लिस्ट से हमने आपके लिए छांटकर उन चीजों की लिस्ट बनाई है, जो या तो मंहगी हो रही हैं या सस्ती।

वो चीजें, जो मंहगी होने वाली हैं,

सोना-

जीएसटी लागू होने के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में सोना महंगा हो सकता है। सोने पर इस समय 1 फीसदी उत्पाद शुल्क और 1 फीसदी का वैट लगाया जाता है। अब सोने पर टोटल 3 फीसदी का टैक्स लगेगा।

चीनी और चाय-

चीनी, खाद्य तेल, नार्मल टी और कॉफी पर जीएसटी के अंतर्गत 5 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। मौजूदा समय में यह दर 4 से 6 फीसद है।

शैंपू-

शैंपू, परफ्यूम और मेकअप के उत्पादों पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा जबकि इस पर अभी 22 फीसदी टैक्स लगता था।

मोबाइल फोन सेवाएं-

टेलीकॉम सेवाएं जीएसटी के अंतर्गत महंगी होंगी। सरकार ने इसे 18 फीसदी कर के दायरे में रखा है। फिलहाल मोबाइल बिल पर 15 फीसदी टैक्स लगता है।

बीमा-

बीमा पॉलिसी लेना महंगा हो जाएगा। इस पर 18 फीसदी की दर से टैक्स लेने का फैसला लिया गया है। फिलहाल अभी बीमा क्षेत्र पर सेवा कर उपकर के साथ 15 फीसदी है।

बाहर खाना-पीना-

1 जुलाई से रेस्तरां में खाना महंगा हो जाएगा। अभी आपके खाने के पूरे बिल पर वैट लगाकर 11 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है। यानी नॉन-एसी रेस्तरां में फूड बिल पर 12 फीसदी टैक्स यानी 1 फीसदी ज्यादा लगेगा। इसी तरह शराब लाइसेंस और एसी वाले रेस्तरां में खाने पर 18 फीसदी टैक्स यानी 7 फीसदी ज्यादा लगेगा। इसके अलावा लग्जरी रेस्तरां में 28 फीसदी टैक्स रेट लागू होगा यानी 17 फीसदी महंगा पड़ेगा।

कार-

जीएसटी के तहत सभी कारों पर 28 फीसदी का टैक्स लगाया गया है, वहीं छोटी कारों पर एक फीसदी का टैक्स तो एसयूवी और अन्य लग्जरी कारों पर 15 फीसदी तक का टैक्स लगाया गया है। ऑटो क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक इस कदम से छोटी कारों की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ ग्राहकों को उठाना पड़ेगा।

टूर-

जीएसटी के लागू होने के बाग टूर एंड ट्रैवल थोड़ा महंगा हो जाएगा। GST में टूर एंड ट्रैवल पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा। अभी 15 फीसदी लगता है, यानी टैक्स रेट 3 फीसदी बढ़ जाएगा। अगर पहले 1 हजार का टूर पैकेज था तो उस पर 15 रुपये टैक्स लगता था अब बढ़कर ये 18 रुपये हो जाएगा।

लेदर -

चमड़े के बने बैग पर इस समय टैक्स और वैट मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स देना होता है। एक जुलाई से इस पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा। अगर कोई बैग 2 हजार रु का है तो उस पर अभी 7 रुपये टैक्स लगाते हैं अब 5.6 रुपये लगेंगे।

मोबाइल-

मोबाइल फोन पर जीएसटी में 12 फीसदी टैक्स रहेगा। इससे ज्यादातर राज्यों में मोबाइल हैंडसेट पर टैक्स 4-5फीसदी बढ़ जाएगा। अभी करीब 6 फीसदी टैक्स लगता है। अगर एक मोबाइल अभी 5 हजार का है तो उस पर तीन सौ रुपये टैक्स लगता है 1 जुलाई के बाद छह सौ रुपये टैक्स देना पड़ेगा।

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ज्यादा परेशान मत होइए, बहुत सारी चीजें सस्ती भी हुई हैं-

कपड़े-

सभी तरह के कपड़े पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। जबकि सौ रुपये तक के परिधानों पर 5 फीसदी की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा। वर्तमान में इस पर 7 फीसदी की दर से कर लगता है। एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा।

जूते,चप्पल-

पांच सौ से कम के फुटवियर पर 5 पर्सेंट जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है। जबकि पहले पांच सौ तक के चप्पल जूतों पर 9.5 फीसदी लगता था। मतलब पहले 5 सौ के जूते पर करीब 48 रुपये टैक्स लगता था अब 25 रु. टैक्स देना होगा। पांच सौ से ज्यादा कीमत के फुटवेयर पर 18 पर्सेंट टैक्स लगेगा। पहले करीब 23 फीसदी लगता था।

बिस्किट-

बिस्किट पर जीएसटी स्लैब 18 फीसदी पर तय किया गया है। पहले एक सौ रूपये किलो तक मूल्य वाले बिस्किट पर औसतन 2.6 फीसदी जबकि इससे अधिक दाम के बिस्किट पर 23.11 फीसदी की दर से कर लगाया जाता था।

हेयर ऑयल-

जीएसटी काउंसिल की ओर से तय की गईं दरों के मुताबिक जीएसटी के अंतर्गत 18 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। यह मौजूदा दर से काफी कम है। इस समय हेयर ऑयल और साबुन पर 28 फीसद की दर से टैक्स लगता है।

अनाज-

जीएसटी काउंसिल ने अनाजों को जीएसटी के दायरे से रखा है, यानी इन पर कोई कर नहीं लगेगा। इसी तरह गेहूं, चावल सहित अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है।

मीट, दूध-

मीट, दूध, दही, ताज़ा सब्जियां, शहद, गुण, प्रसाद, कुमकुम, बिंदी और पापड़ को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है। इसके कारण ये चीजें सस्ती होंगी क्योंकि जीएटी लागू होने के बाद इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा जबकि अब तक इन उत्पादों पर वैट लगता था।

कोयला-

जीएसटी आने के बाद कोयला सस्ता हो जाएगा। काउंसिल ने कोयले पर जीएसटी की दर 5 फीसद तय की है। आपको बता दें कि यह दर मौजूदा समय में 11.7 फीसद है। कोयले के सस्ते होने से बिजली उत्पादन की लागत भी कम होगी।

आइसक्रीम-

प्रोसेस्ड फूड, कनफेक्शनरी उत्पाद और आइसक्रीम पर टैक्स की दर 18 फीसदी होगी जो पहले 22 फीसदी थी। पहले एक सौ रूपये की आइसक्रीम पर 22 रु टैक्स देना होता था अब एक सौ रुपये के आइसक्रीम पर 18 रुपये टैक्स देना होगा।

मोटरसाइकिल-

जीएसटी में मोटरसाइकिलें भी कुछ सस्ती हो सकती हैं। इन पर टैक्स की दर करीब एक फीसदी कम होकर 28 फीसदी रह जाएगी।

हवाई सफर-

इकनॉमी श्रेणी के किराये के लिए जीएसटी दर पांच फीसदी तय की गई है अभी यह छह फीसदी है। हालांकि, बिजनेस श्रेणी में विमान से यात्रा महंगी होगी। इसके लिए कर की दर 12 फीसदी तय की गई है, जो अभी तक 9 फीसदी थी.

स्मार्टफोन-

स्मार्टफोन भी जीएसटी में सस्ता हो जाएगा। इन पर अभी 13.5 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में इन पर 12 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव है। मतलब 5 हजार के स्मार्टफोन पर अभी 675 रुपये टैक्स लगता है। नई व्यवस्था में छह सौ रुपये टैक्स देना होगा।

टैक्सी-

जीएसटी के तहत उबर और ओला जैसी एप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से टैक्सी की बुकिंग करना सस्ता हो जाएगा। एक जुलाई से लागू होने वाली इस नई कर व्यवस्था के तहत इस तरह की सेवाएं पांच फीसदी दर की श्रेणी में आएंगी अभी एप आधारित टैक्सी सेवाओं से टैक्सी बुक करने पर छह फीसदी का कर लगाता है।

स्लीपर-

ट्रांसपोर्टेशन पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगाने का निर्णय हुआ है। ट्रेन में जनरल डिब्बे, स्लीपर और जनरल बस में यात्रा करने पर अब भी कोई सर्विस टैक्स नहीं लगेगा। पहले स्लीपर क्लास के टिकट पर 2 रु सर्विस टैक्स लगता था। वहीं एसी में ट्रेन का सफर या एसी बसों में यात्रा पर 5 फीसदी सर्विस टेक्स देना होगा।

बेड, गद्दे-

1 जुलाई से बेड पर आराम के सामान सस्ते हो जाएंगे। पहले सभी तरह के टैक्स और वैट मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स लगते थे अब 18 फीसदी लगेंगे। पहले किसी गद्दे की कीमत अगर 1 हजार थी तो उस पर 35 रुपये टैक्स लगते थे अब सिर्फ 18 रुपये टैक्स लगेंगे।

नैपकिन-

नैपकिन और टिश्यू पेपर पर इस समय एक्साइज, वैट और एंट्री टैक्स मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स लगता है जीएसटी लागू होने के बाद 1.8 फीसदी टैक्स लगेगा। मतलब अगर कोई नैपकिन तीन सौ रुपये का है तो उस पर अभी करीब 91 रुपये टैक्स देना होता है 1 जुलाई से अब सिर्फ 54 रुपये देने होंगे।

-मन्शेष कुमार

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