कमजोर नहीं होते शाकाहारी

    By डॉक्ट्रोलॉजी
    January 16, 2017, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:16:30 GMT+0000
    कमजोर नहीं होते शाकाहारी
    अक्सर लोग वेजीटेरियन लोगों को अंडरएस्टीमेट करते हैं। उनकी नज़र में नॉनवेज डाइट बेस्ट होती है, लेकिन यदि वैज्ञानिकों की मानी जाये तो शाकाहार से जुड़े कुछ मिथकों को नकारा जा सकता है।
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Share on
    close

    जिस तरह से मांसाहार के फायदे हैं, उसी तरह से शाकाहार के भी फायदे हैं। कुछ लोग कहते हैं, कि जो लोग शाकाहार डाइट नहीं लेते उनके शरीर में कोई न कोई कमी रह जाती है, लेकिन यदि वैज्ञानिकों की बातों पर ध्यान दिया जाये, तो ऐसा कुछ नहीं है। शाकाहारी भी उतने ही मजबूत और स्वस्थ होते हैं, जितने की मांसाहारी। आईये जानते हैं उन मिथकों के बारे में जिन्हें वैज्ञानिक सिरे से नकारते हैं।

    <div style=

    फोटो साभार: huffingtonpost a12bc34de56fgmedium"/>

    क्या ये सच है, कि शाकाहारी खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की कमी होती है?

    नॉनवेजीटेरियंस लोगों की अक्सर यह दलील होती है, कि वेजीटेरियन लोग प्रोटीन के पोषण से वंचित रहते हैं, लेकिन यह बहुत बड़ी गलफहमी है, कि नॉनवेज ही प्रोटीन का प्रमुख स्त्रोत है। सच्चाई ये है, कि वनस्पतियों से प्राप्त होने वाला प्रोटीन कोलेस्ट्रॉल रहित होता है। इसमें पर्याप्त फाइबर मिलता है, जो पाचन तंत्र और हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा शाकाहारी भोजन में हर तरह की दालों, सब्जियों और फलों में भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। जबकि चिकेन, रेड मीट या अंडे में मौजूद प्रोटीन में फाइबर बिल्कुल नहीं होता। इनमें फैट और कोलेस्ट्रॉल भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अधिक मात्रा में नॉनवेज का सेवन दिल और किडनी के लिए नुकसानदेह साबित होता है।

    क्या नॉनवेज खाना ज़रूरी है?

    माना कि नॉनवेज में पाया जाने वाला प्रोटीन और आयरन बच्चों के शारीरिक विकास में मददगार साबित होता है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि शाकाहारी बच्चे कमजोर होते हैं। अगर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट्स, सब्जियां और दालें खिलाई जायें, तो इससे उनका संतुलित शारीरिक विकास होता है। दरअसल अमीनो एसिड प्रोटीन का प्रमुख स्त्रोत है, जो कि दालों और सब्जियों में भी पाया जाता है। इसी तरह हरी पत्तेदार सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाया है।

    क्या शाकाहारी खाद्य पदार्थों में कौलोरी की कमी होती है?

    लोग समझते हैं, कि अधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोगों को शाकाहारी भोजन से पर्याप्त कैलोरी नहीं मिल पाती। इसलिए खेलकूद, आर्मी, पुलिस जैसे क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए नॉनवेज ज़रूरी है, लेकिन अमरीकन एथलीट कार्ल लुइस, बॉक्सर माइक टायसन और ओलंपिक में भारतीय कुश्ती विजेता सुशील कुमार ने यह साबित कर दिया है, कि शाकाहारी लोग किसी भी मायने में कमजोर नहीं होते।

    क्या वेज डाइट बैलेंस्ड नहीं होती?

    शाकाहारी भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और कोशिकाओं को पोषण देने वाले आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट तत्वों का बैलेंस कॉम्बिनेशन होता है। नॉनवेज की तुलना में फलों, सब्जियों और दालों में माइक्रोन्यूट्रिएंट तत्व अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। यही वजह है कि नॉनवेजीटेरियन लोगों को खाने के साथ सलाद खाने की सलाह दी जाती है।

    Clap Icon0 Shares
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Clap Icon0 Shares
    • +0
      Clap Icon
    Share on
    close
    Share on
    close