स्टार्टअप्स के लिए वरदान हैं रतन टाटा, स्टार्टअप्स के साथ मिलकर रख रहे हैं नीव मजबूत युवा भारत की

    By योरस्टोरी टीम हिन्दी
    January 28, 2016, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:18:13 GMT+0000
    स्टार्टअप्स के लिए वरदान हैं रतन टाटा, स्टार्टअप्स के साथ मिलकर रख रहे हैं नीव मजबूत युवा भारत की
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    नई स्टार्टअप्स को मिल रहा है रतन टाटा सा साथ...

    रतन टाटा द्वारा की गई इंवेस्टमेंट के बाद तेजी से बढ़ रहा है नए स्टार्टअप्स का मार्किट शेयर...

    सन 2016 की शुरुआत में ही कर चुके हैं रतन टाटा चार इंवेस्टमेंट की घोषणा...

    सन 2015 में योर स्टोरी पर भी दिखाया रतन टाटा ने भरोसा, किया इंवेस्टमेंट...


    आज का युवा जॉब क्रिएटर बनने में ज्यादा यकीन कर रहा है यही वजह है कि पिछले कुछ समय से देश में कई नई स्टार्टअप्स शुरु हुईं हैं और यह सिलसिला अब और तेज होने वाला है। अपने शुरुआती दौर में नई-नई स्टार्टअप जहां अपने नए आइडिया पर काम करने के लिए खूब मेहनत कर रही हैं वहीं बाजार में अपने अस्तित्व को बनाए रखना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में भारत के एक बड़े नामी उद्योगपति रतन टाटा का साथ उसे मिल जाए तो उसका खुद पर तो भरोसा बढ़ता ही है साथ ही उस नए आइडिया को भी कामयाबी के पंख लगने में देर नहीं लगती।


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    रतन टाटा विश्व प्रसिद्ध उद्योगपति हैं। जिनका कई सेक्टर्स में काम फैला हुआ है चाहे टेलिकॉम इंडस्ट्री हो, सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री हो, फैशन या फिर ग्रॉसरीज़ हों। टाटा ग्रुप ने लगभग हर क्षेत्र को अपनी सेवाएं दी हैं और जनता का भरोसा पाया है। रतन टाटा जो कुछ भी बिजनेस करते हैं उसे करने का उनका अपना एक अलग अंदाज होता है। वे बाकी उद्योगपतियों से अलग एक नए तरीके से काम करने में यकीन रखते हैं। पिछले दो सालों में रतन टाटा ने 25 वेंचर्स पर इनवेस्ट किया है। इससे पता चलता है कि रतन टाटा नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह सभी वे स्टार्टअप्स हैं जो नए आइडियाज पर काम कर रही हैं। यदि इन स्टार्टअप्स को रतन टाटा की ओर से मार्गदर्शन मिल रहा है तो यह उस स्टार्टअप के भविष्य के लिए कितना फायदेमंद है यह आप जानते ही हैं।

    ओला, पेटीएम और स्नैपडील यह कंपनियां आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। इन कंपनियों को इनवेस्टर्स की भी कमी नहीं है लेकिन रतन टाटा द्वारा इन्हें दी गई इनवेस्टमेंट के बाद इन्हें बहुत ज्यादा फायदा मिला। और इनका बिजनेस और अधिक तेजी से फैला। रतन टाटा ने कई सामाजिक कार्यों में लगी स्टार्टअप्स जैसे स्वस्थ इंडिया, एमपेयर में भी इंवेस्ट किया है।

    बेशक किसी स्टार्टअप के पास अच्छे इनवेस्टर्स हों और उसे फंड्स की कमी न हो लेकिन इसके बावजूद भी जैसे ही किसी स्टार्टअप के साथ रतन टाटा का नाम जुड़ता है तो सबकी निगाहें उस स्टार्टअप की ओर चली जाती हैं। और इससे उस स्टार्टअप को बहुत नेम एण्ड फेम मिल जाता है। और दुनिया बहुत उम्मीद से उस स्टार्टअप की ओर देखने लगती है।

    ओला कैब्स जिसका कुल बिजनेस पांच बिलियन डॉलर है, जैसे ही रतन टाटा ने इस कंपनी में इंवेस्ट किया तो एकाएक इनके मार्किट शेयर में तेजी आ गई। लाइव मिंट की खबर के अनुसार इनके शेयर की कीमत 15,873,92 से बढ़कर 29,44,805 रुपए हो गई।

    किसी भी स्टार्टअप के लिए रतन टाटा का साथ पाना इसलिए भी बहुत मायने रखता है क्योंकि टाटा समूह भारत में भरोसे का पर्याय है। सालों से लोग टाटा के उत्पादों को पूरे भरोसे के साथ इस्तेमाल करते रहे हैं। शायद ही कोई भारतीय हो जिसने टाटा नमक न खाया हो। इस प्रकार बहुत सी बातें हैं जिन्होंने आम भारतीय के मन में टाटा समूह के लिए भरोसा बनाया है। ऐसे में जब रतन टाटा का नाम किसी स्टार्टअप के साथ जुड़ता है तो लोग उस स्टार्टअप पर भी भरोसा करने में सहज महसूस करते हैं।

    सन 2015 में रतन टाटा योर स्टोरी के काम से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने योर स्टोरी में इंवेस्ट किया। योर स्टोरी भारत का पहला मीडिया फर्म है जिसमें टाटा ने इंवेस्ट किया है। दिसंबर 2015 में अमेरिका की एक नॉन प्रॉफिट संस्था खान अकादेमी ने टाटा ट्रस्ट के साथ पार्टनरशिप की जिनका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र काम करना है। सन 2016 के शुरुआती तीन हफ्तों में ही टाटा ने चार इंवेस्टमेंट अनाउंस कर दी हैं। साल की शुरुआत में ही इस तरह की खबर ने कई नई स्टार्टअप्स के मन में उम्मीद भर दी है। उम्मीद की जा सकती है कि सन 2016 में रतन टाटा कई स्टार्टअप्स को अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करेंगे।

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    लेखिका- अतिरा ए नायर

    अनुवादक-आशुतोष खंतवाल