मुंबई का ऑटो ड्राइवर बन गया अक्षय कुमार

मुंबई का ऑटो ड्राइवर बन गया अक्षय कुमार

Saturday October 07, 2017,

3 min Read

मुंबई के एक ऑटो रिक्शा चलाने वाले व्यक्ति ने कुछ ऐसा ही कर दिया जैसे अक्षय कुमार फिल्म 'टॉयलट एक प्रेम कथा' में अपनी पत्नी के लिए करते हैं। 

ऑटो ड्राइवर (फोटो साभार- ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे)

ऑटो ड्राइवर (फोटो साभार- ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे)


फिल्म में अक्षय कुमार के घर में शौचालय न होने की वजह से उन की पत्नी यानी भूमि पेडेनकर घर छोड़कर अपने मायके चली जाती हैं और इस वजह से अक्षय को घर में शौचालय बनवाना ही पड़ता ही।

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे नाम के फेसबुक पेज से शेयर हुई इस कहानी को काफी लोगों ने सराहा है। इस पोस्ट को अब तक पांच हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। 

हाल ही में रिलीज हुई अक्षय कुमार और भूमि पेडेनकर की फिल्म टॉयलट एक प्रेम कथा तो देखी ही होगी। अगर नहीं भी देखी है तो चर्चा तो सुनी ही होगी। वैसे भी पिछले कुछ सालों से स्वच्छता और शौचालय के मुद्दे पर देशभर में जोर बहस हो रही है। इसी कड़ी में मुंबई के एक ऑटो रिक्शा चलाने वाले व्यक्ति ने कुछ ऐसा ही कर दिया जैसे अक्षय कुमार फिल्म 'टॉयलट एक प्रेम कथा' में अपनी पत्नी के लिए करते हैं। फिल्म में अक्षय कुमार के घर में शौचालय न होने की वजह से उन की पत्नी यानी भूमि पेडेनकर घर छोड़कर अपने मायके चली जाती हैं और इस वजह से अक्षय को घर में शौचालय बनवाना ही पड़ता ही।

रिक्शा ड्राइवर ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे फेसबुक पेज को अपने काम के बारे में जो बताया वह काफी प्रेरणादायक और काफी हद तक फिल्म से भी मिलता जुलता है। ड्राइवर ने बताया, 'मैं पिछले कई सालों से मुबंई में ऑटो चला रहा हूं। काफी मंहगा शहर होने के कारण यहां काफी कम पैसे बच पाते हैं। इसीलिए मैं अपनी पत्नी और बच्चों को गांव में रखता हूं। मेरा गांव काफी छोटा और अवकिसित है। वहां टॉयलट और साफ-सफाई का भी उचित प्रबंध नहीं है।' उन्होंने बताया कि इस वजह से महिलाएं रात के अंधेरे में ही शौच के लिए निकलती हैं। क्योंकि दिन में उन्हें पुरुषों द्वारा देखे जाने का डर बना रहता है।

उन्होंने बताया कि इस वजह से उनकी पत्नी और बेटी को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से प्रयास करने के बाद भी उनके पास पैसे नहीं हो रहे थे कि वे घर में शौचालय बनवा सकें। उनके दिमाग में एक आइडिया आया और वे सीधे बैंक जा पहुंचे। वहां उन्हें आसानी से लोन भी मिल गया। उन्होंने इन पैसों से बड़ा टॉयलट बनवाया जिसे न केवल उनके घर वाले यूज करते हैं बल्कि एक छोटी सी राशि देकर गांव वाले भी यूज कर सकते हैं। इससे उन्हें आमदनी भी होने लगी। अब वे खुद को रिक्शा ड्राइवर के साथ ही बिजनेसमैन भी समझने लगे हैं।

वे जल्द ही अपने गांव वापस जाएंगे और बाकी का बचा काम पूरा कर प्रोसेस शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि इससे गांव के लोग भी काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे मालूम है कि यह काफी छोटा सपना है, लेकिन अब यही मेरे लिए सबकुछ है, क्योंकि इसी वजह से मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक बार फिर से एक ही छत के नीचे रह सकूंगा।' ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे नाम के फेसबुक पेज से शेयर हुई इस कहानी को काफी लोगों ने सराहा है। इस पोस्ट को अब तक पांच हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है और डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने शेयर भी किया है। हालांकि पेज ने इस ड्राइवर की पहचान और गांव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

यह भी पढ़ें: लगातार तीन नेशनल चैंपियनशिप अपने नाम करने वाली भारत की पहली बॉडीबिल्डर सरिता