सरकारी पेट्रोल पंप पर खुलेंगे 'जन औषधि स्टोर', मिलेंगी जेनरिक दवाएं

By yourstory हिन्दी
August 18, 2017, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:16:30 GMT+0000
सरकारी पेट्रोल पंप पर खुलेंगे 'जन औषधि स्टोर', मिलेंगी जेनरिक दवाएं
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सरकार अब पेट्रोल पंप की आमदनी बढ़ाने के लिए पंप की जगह का सदुपयोग करना चाहती है। इसीलिए देश भर में मौजूद सरकारी पेट्रोल पंपों पर जेनरिक मेडिकल स्टोर खोलने की योजना पर काम कर हो रहा है।

फोटो साभार: हिंंदुस्तान पेट्रोलियम

फोटो साभार: हिंंदुस्तान पेट्रोलियम


इन दुकानों को 'जन औषधि' स्टोर कहा जाएगा। योजना का मकसद आम लोगों को सस्ती कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराना है।

हालांकि पेट्रोल पंप पर दवा की दुकान खोलना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि इतने बड़ पैमाने पर जन औषधि स्टोर खोलने पर वहां फार्मासिस्टों की जरूरत होगी।

अभी तक आप पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल भरवाने जाते थे, लेकिन अब हो सकता है कि दवाओं या दैनिक जरूरत की चीजों के लिए आप पेट्रोल पंप की ओर जाएं। दरअसल केंद्र सरकार अब पेट्रोल पंप की आमदनी बढ़ाने के लिए पंप की जगह का सदुपयोग करना चाहती है। इसीलिए देश भर में मौजूद सरकारी पेट्रोल पंपों पर जेनरिक मेडिकल स्टोर खोलने की योजना पर काम कर हो रहा है। इन दुकानों को 'जन औषधि' स्टोर कहा जाएगा। योजना का मकसद आम लोगों को सस्ती कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराना है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल पंप पर दुकानें खोलने की जानकारी देते हुए कहा,'ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल पंपों पर गैर-ईंधन इकोसिस्टम शुरू करने के लिए टाईअप करने जा रही हैं। वहीं, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फ़ार्मास्यूटिकल के अंतर्गत पेट्रोल पंपों पर भविष्य में जन औषधि स्टोर्स खोले जाएंगे।' इससे पहले, बुधवार को ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत सरकारी कंपनियों द्वारा प्रमोट एनर्जी एफ़िशंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) और सरकारी ईंधन रिटेल कंपनियों के बीच पेट्रोल पंप पर कम बिजली खपत वाले एलईडी बल्ब बेचने को लेकर भी एमओयू साइन हुआ।

हालांकि पेट्रोल पंप पर दवा की दुकान खोलना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि इतने बड़ पैमाने पर जन औषधि स्टोर खोलने पर वहां फार्मासिस्टों की जरूरत होगी। और आंकड़ों के मुताबिक देश में अभी उतने योग्य फार्मासिस्ट ही नहीं हैं। अधिकतर प्राइवेट मेडिकल स्टोर इन फार्मासिस्टों को दिखाती तो हैं, लेकिन वे शायद ही मौजूद रहते हैं। सरकार के विभिन्न विभागों के बीच इस प्रॉजेक्ट को लेकर हुई बातचीत से जुड़े सूत्र ने कहा, 'सरकारी उपक्रम होने के नाते हम प्राइवेट दवा की दुकानों जैसा रवैया नहीं अपना सकते।' हालांकि, अधिकारियों को भरोसा है कि वे जल्द ही इस समस्या का हल ढूंढ निकालेंगे और इससे नई नौकरियों के दरवाजे भी खुलेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक भविष्य में पेट्रोल पंपों पर फार्मेसी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा केंद्र खोले जा सकेंगे। मंत्री ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) और तीनों सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएससीज) के बीच पेट्रोल पंपों पर 'उजाला' (उन्नत जीवन हेतु सभी के लिए किफायती एलईडी और उपकरण) ऊर्जा कुशल घरेलू उपकरणों की बिक्री को लेकर किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अवसर पर यह जानकारी दी। यह समझौता उजाला योजना के तहत किया गया।

इस समझौते के अनुसार तेल की मार्केटिंग करने वाली कंपनियां जैसे- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम अपने कुछ चुनिंदा खुदरा केन्द्रों से एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूबलाइट और ऊर्जा कुशल पंखों की भी मार्केटिंग करेगीं। इन ऊर्जा कुशल उपकरणों की मार्केटिंग चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। पहले चरण में वितरण की शुरुआत उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों से की जाएगी। 

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