सड़क हादसे रोकने के लिए पुलिस का नया 'पैंतरा', पीले स्क्वॉयर के साथ लाल स्पॉट

By yourstory हिन्दी
February 05, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
सड़क हादसे रोकने के लिए पुलिस का नया 'पैंतरा', पीले स्क्वॉयर के साथ लाल स्पॉट
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अधिकतर लोग यातायात नियमों को ताक पर रखकर गाड़ी चलाते हैं। इसी असावधानी से रोजाना न जाने कितने लोगों की जान चली जाती है। सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क हादसों को कम करने के लिए केरल के कोझिकोड में ट्रैफिक पुलिस की तरफ से हाल ही में एक अभियान शुरू किया गया है। आप भी जानें क्या है ये अभियान...

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ट्रैफिक पुलिस विभाग की तरफ से हर गंभीर दुर्घटनास्थल पर पीले रंग का एक वर्ग बनाया जाता है और उसके बीच में लाल रंग भर दिया जाता है। इस मिशन का उद्देश्य है कि लोगों के भीतर दुर्घटनाओं का डर पैदा किया जाए और उन्हें जागरूक बनाया जाए। 

देश में सड़क दुर्घटनाओं का आलम यह है कि रोज अखबार के पन्ने किसी न किसी की मौत की खबर देते ही रहते हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो- 2016 के आंकड़ों के मुताबिक 90 प्रतिशत से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं असावधानीपूर्ण गाड़ी चलाने की वजह से घटित हुईं। सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिकतर लोग यातायात नियमों को ताक पर रखकर गाड़ी चलाते हैं। इसी असावधानी से रोजाना न जाने कितने लोगों की जान चली जाती है। सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क हादसों को कम करने के लिए केरल के कोझिकोड में ट्रैफिक पुलिस की तरफ से हाल ही में एक अभियान शुरू किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस विभाग की तरफ से हर गंभीर दुर्घटनास्थल पर पीले रंग का एक वर्ग बनाया जाता है और उसके बीच में लाल रंग भर दिया जाता है। इस मिशन का उद्देश्य है कि लोगों के भीतर दुर्घटनाओं का डर पैदा किया जाए और उन्हें जागरूक बनाया जाए। जगह को चिह्नित करने के साथ ही यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले लोगों को उस जगह पर लाया जाता है और उन सबसे प्रतिज्ञा करवाई जाती है कि वे संभालकर गाड़ी चलाएंगे।

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कोझिकोड ट्रैफिक पुलिस में तैनात एक सिविल ऑफिसर ने इस अभियान के बारे में बताते हुए कहा, 'सर्किल इंस्पेक्टर श्रीजीत टीपी की सोच का परिणाम था यह अभियान। लगभग 15 दिन पहले उन्होंने इस अभियान की शुरुआत की। हमने देखा कि पिछले साल की तुलना में इस साल रोड ऐक्सिडेंट बढ़ते जा रहे हैं।' 2017 में शहर में 168 हादसे दर्ज किए गए थे, जिसमें 184 लोगों की मौत हो गई थी। पिछले साल जिन-जिन जगहों पर ये हादसे हुए थे वहां पर पीले और लाल रंग से निशान बनाने का काम किया जा रहा है। इस प्रॉजेक्ट की शुरुआत 22 जनवरी को मूझिक्कल ब्रिज के पास से हुई जहां तीन लोगों के परिवार की जान चली गई थी।

अब तक 100 से भी ज्यादा जगहों को चिह्नित किया जा चुका है। अधिकारी ने बताया कि लगभग सभी हादसे वाली जगहों को कवर किया जा चुका है। उन्होंमने उम्मीद जताई कि इस अभियान से लोगों में जागरूकता आएगी। इस काम में जिले के पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारी एस कलराज महेश कुमार, ट्रैफिक असिस्टेंट कमिश्नर पी.के. राजू और असिस्टेंट कमिश्नर एमसी देवसिया का भी सहयोग मिल रहा है। ट्रैफिक विभाग इस पहल को फेसबुक के माध्यम से लोगों के बीच ला रहा है।

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