129 घंटों में कन्याकुमारी से लेह तक यात्रा कर इन महिला बाईकर्स ने बनाया रिकॉर्ड

बाइक चलाकर सिर्फ 129 घंटे में कन्याकुमारी से लेह पहुंची ये लड़कियां...

129 घंटों में कन्याकुमारी से लेह तक यात्रा कर इन महिला बाईकर्स ने बनाया रिकॉर्ड

Friday March 23, 2018,

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मोटर साइकिल से महिलाओं द्वारा कम-से-कम समय में उत्तर-दक्षिण के स्ट्रेच को पूरा करने वाली शुब्रा और अमृता को हाल ही में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पंजीकृत किया गया है।

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'द लोंग हाइवे' के रूप में अपने अभियान की शुरुआत करते हुए दो लड़कियों ने सिर्फ 129 घंटों में कन्याकुमारी से लेह तक का सफर तय कर डाला।

ड्राइविंग और राइडिंग केवल पुरुषों का शौक माना जाता है। अक्सर गांव की गलियों से लेकर पहाड़ों की ऊंचाइयों तक लड़कों को स्टंट करते देखा जाता है। लेकिन अब ये शौक लड़कों तक ही नहीं बल्कि लड़कियों तक पहुंच चुका है। दरअसल आज हम आपको ऐसी लड़कियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने न केवल इस स्टीरियोटाइप को तोड़ा है बल्कि रिकॉर्ड बना दिया है। मोटर साइकिल से महिलाओं द्वारा कम-से-कम समय में उत्तर-दक्षिण के स्ट्रेच को पूरा करने वाली शुब्रा और अमृता को हाल ही में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पंजीकृत किया गया है। 'द लोंग हाइवे' के रूप में अपने अभियान की शुरुआत करते हुए इन दोनों ने केवल 129 घंटों में कन्याकुमारी से लेह तक का सफर तय कर डाला।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए अमृता कहती हैं, "शुरुआत में हमें सीमित समय के अंदर अभियान पूरा करने की कोई योजना नहीं थी लेकिन बाद में हम खुद को चुनौती देना चाहते थे। हमें कभी नहीं लगा कि हम मात्र 5 दिनों में इसे पूरा कर देंगे।" दोनों महिलाएं ट्रैवलिंग की बेहद शौकीन हैं और पिछले 7 वर्षों में देश भर में विभिन्न जगहों पर ट्रैवल कर चुकी हैं। हालांकि अमृता और शुब्रा के अभियान पूरी तरह से स्पॉन्शर थे। इनके लिए ये इतना आसान नहीं था इसलिए उन्होंने अपने अभियानों की शुरुआत करने से पहले प्रशिक्षण लिया जिससे वे रिकॉर्ड बनाने में सफल हो पाईं। चूंकि ये दोनों महिलाएं नियमित तौर पर यात्रा करती हैं, इसलिए अमृता और शुब्रा अपनी यात्रा में आने वाली चुनौतियों से अच्छी तरह वाकिफ थीं और पूरी तरह तैयार भी थीं। हालांकि, उनके अभियान के दौरान उनकी सबसे बड़ी चुनौती रही पर्याप्त नींद का पूरा न हो पाना।

इंडिया टुडे से बात करते हुए अमृता ने बताया, "ट्रैवलिंग आपको बहुत कम जजमेंटल बनाती है। यह आपको मान्यताओं से मुक्त करती है। और कई मिथकों को तोड़ती है। जितना अधिक आप यात्रा करते हैं, उतने ही आप को विभिन्न प्रकार के लोगों, उनके भोजन और विविध संस्कृति के बारे में पता कर पाते हैं।" अमृता और शुब्रा पिछले 12-13 वर्षों से एक-दूसरे को जानती हैं। वे कहती हैं कि एक दूसरे के बीच अच्छा समीकरण और समझ होने से इन मोटर साइकिल अभियानों में मदद मिलती है। हैप्पी ट्रीप्स के साथ बात करते हुए, अमृता ने कहा, "हमने पूरे देश के लगभग 2 लाख किलोमीटर के आसपास कवर किया है। फिर हमने भूटान और श्रीलंका को कवर किया इस साल हम मंगोलिया जा रहे हैं।"

जो लोग सोच रखते हैं कि महिलाएं केवल घर और ऑफिस में ही काम कर सकती हैं उन लोगों के लिए ये महिलाएं एक तमाचा हैं। इन महिलाओं को अभी और सफर तय करना है। YourStory की तरफ से इन महिलाओं के जज्बे को सलाम और उनकी अगली यात्राओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

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