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मिलिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली महिला अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ से

मिलिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पहली महिला अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ से

Wednesday October 03, 2018 , 3 min Read

 वैश्विक वित्तीय संबंधों और समष्टि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गीता गोपीनाथ ऐसी दूसरी भारतीय हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है। 

गीता गोपीनाथ (फोटो साभार- पीबीएस)

गीता गोपीनाथ (फोटो साभार- पीबीएस)


गीता हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं और वह आर्थिक अनुसंधान और नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में अंतर्राष्ट्रीय वित्त और सूक्ष्म अर्थशास्त्र कार्यक्रम की सह-निदेशक भी हैं।

पूरी दुनिया में फैले भारतीय अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर अपने नाम के साथ ही देश का नाम रौशन कर रहे हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली शख्सियत इसके जीते जागते उदाहरण हैं। इस कड़ी में एक नया नाम जुड़ गया है और वह हैं गीता गोपीनाथ। वैश्विक वित्तीय संबंधों और समष्टि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गीता गोपीनाथ ऐसी दूसरी भारतीय हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया है। वह इस स्थान पर पहुंचने वाली पहली महिला अर्थशास्त्री हैं। इसके पहले रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पहले भारतीय थे जो IMF के शीर्ष पर पहुंचे थे।

IMF की निदेशक क्रिस्टीन लिगार्ड ने गीता की नियुक्ति पर कहा, 'गीता गोपीनाथ एक उत्कृष्ट अर्थशास्री हैं जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि स्वच्छ रही है। उनके पास व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ ही बौद्धिक नेतृत्व का एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। IMF के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में इस तरह प्रतिभाशाली व्यक्ति का नाम देने पर मुझे खुशी हो रही है।' अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो अपने सदस्य देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने का काम करती है। यह अपने सदस्य देशों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। यह संगठन अन्तर्राष्ट्रीय विनिमय दरों को स्थिर रखने के साथ-साथ विकास को सुगम करने में सहायता करता है। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन में है।

गीता हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर हैं और वह आर्थिक अनुसंधान और नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में अंतर्राष्ट्रीय वित्त और सूक्ष्म अर्थशास्त्र कार्यक्रम की सह-निदेशक भी हैं। IMF में वह मॉरिस ऑब्सटफेल्ड का स्थान लेंगी जो 2018 के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गीता का जन्म केरल के कन्नूर में एक किसान उद्यमी टीवी गोपीनाथ के यहां हुआ था। उनकी मां का नाम वीसी विजयलक्ष्मी है। गीता केरल के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार भी हैं। गीता का विवाह इकबाल धालीवाल से हुआ जो MIT के अब्लुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं।

गीता को 2011 में विश्व आर्थिक मंच की तरफ से युवा वैश्विक नेता के तौर पर चुना गया था। वह ऐसे समय में IMF की जिम्मेदारी संभालेंगी जब संगछन टेक्नॉलजी और रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे बाहरी प्रभावों को जिन्हें देश नियंत्रित या प्रबंधित नहीं कर सकते उन पर गीता का रिसर्च काम कर सकता है। गीता अमेरिकी रिव्यू की सह-संपादक थीं और उनका नाम 45 वर्ष से कम उम्र के शीर्ष 25 अर्थशास्त्रीयों में से एक था। उन्होंने फेडरल रिजर्व सलाहकार परिषद में भी कार्य किया। उन्होंने अब तक विनिमय दर, व्यापार और निवेश, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट, मौद्रिक नीति, ऋण और उभरते बाजार संकट पर 40 शोध लेख लिखे है।

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