कभी खुद के जूतों पर लिख लेती थीं एडिडास, आज कंपनी इनके नाम पर बनाती है जूते

By भाषा पीटीआई
April 27, 2020, Updated on : Mon Apr 27 2020 12:01:30 GMT+0000
कभी खुद के जूतों पर लिख लेती थीं एडिडास, आज कंपनी इनके नाम पर बनाती है जूते
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हिमा दास ने अपने पुराने दिनों को सभी के साथ साझा किया है, जब वे अपने जूतों पर खुद एडिडास लिख लेती थीं।

हिमा दास

हिमा दास



नयी दिल्ली, फर्राटा धाविका हिमा दास ने कहा कि उन्होंने ऐसा समय भी देखा है जब वह अपने साधारण जूते पर खुद से एडिडास लिखती थी लेकिन अब खेल सामग्री बनाने वाली यह बड़ी कंपनी उनकी जरूरत के हिसाब से जूते तैयार करती है जिस पर उनका नाम लिखा होता है।


इंस्टाग्राम पर भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के साथ बातचीत के दौरान हिमा ने बताया कि जब वह पहली बार प्रतिस्पर्धी दौड़ में भाग लेने वाली थी तब उनके पिता ने साधारण स्पाइक वाले जूते खरीदे थे।


कोविड-19 महामारी के कारण एनआईएस-पटियाला में फंसी 20 साल की इस घाविका ने कहा,

‘‘शुरूआत में मैं नंगे पांव दौड़ती थी। जब मैं पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थी तब मेरे पिता मेरे लिए स्पाइक्स वाले जूते ले आये थे। यह सामान्य जूते थे जिस पर मैने खुद से एडिडास लिख दिया था। आप कभी नहीं जानते कि भविष्य में भाग्य क्या कर सकता है, एडिडास अब मेरे नाम के साथ जूते बना रहा है।’’

हिमा ने फिनलैंड में अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप 2018 में 400 मीटर दौड में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था। इसके बाद जर्मनी की इस शीर्ष कंपनी ने उन्हें अपना ब्रांड दूत बनाया था। कंपनी ने उनकी जरूरत के हिसाब से जूते बनाए, जिसमें एक तरफ उनका नाम और दूसरी तरफ ‘इतिहास रचें’ लिखा है।


उन्होंने कहा कि लोगों ने 2018 एशियाई खेलों के बाद उनके खेल में ज्यादा दिलचस्पी लेना शुरू किया। इंडोनेशिया में हुए इन खेलों में हिमा ने व्यक्तिगत 400 मीटर में रजत के अलावा महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड और 400 मीटर की मिश्रित बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था।