एग्रीकल्चर में बनाना है करियर तो ये 5 यूनिवर्सिटीज खोलेंगी रास्ता

By Vishal Jaiswal
November 10, 2022, Updated on : Thu Nov 10 2022 03:01:32 GMT+0000
एग्रीकल्चर में बनाना है करियर तो ये 5 यूनिवर्सिटीज खोलेंगी रास्ता
एग्रीकल्चर क्षेत्र में ग्रेजुएट/पोस्टग्रेजुएट को एग्रीकल्चर रिसर्च साइंटिस्ट, एग्रीकल्चर ऑफिसर, प्रोडक्ट मैनेजर, फार्म मैनेजर आदि के रूप में नियुक्त किया जा सकता है. इच्छुक छात्र टीचिंग, बैंकिंग और बीमा के क्षेत्र में भी नौकरी का विकल्प भी चुन सकते हैं.
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कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. जैसे-जैसे देश में कृषि क्षेत्र बढ़ रहा है, इस क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग भी बढ़ रही है. कृषि के क्षेत्र में ग्रेजुएट्स या पोस्टग्रेजुएट्स डिग्री हासिल करके सरकारी और प्राइवेट दोनों ही क्षेत्रों में नौकरी पाई जा सकती है.


इस क्षेत्र में ग्रेजुएट/पोस्टग्रेजुएट को एग्रीकल्चर रिसर्च साइंटिस्ट, एग्रीकल्चर ऑफिसर, प्रोडक्ट मैनेजर, फार्म मैनेजर आदि के रूप में नियुक्त किया जा सकता है. इच्छुक छात्र टीचिंग, बैंकिंग और बीमा के क्षेत्र में भी नौकरी का विकल्प भी चुन सकते हैं.


यदि आप कृषि के क्षेत्र में एक सफल कैरियर की तलाश कर रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अच्छी फैकल्टी और कैंपस सुविधाओं वाले किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला लें. इसलिए, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार भारत में शीर्ष 5 कृषि विश्वविद्यालय नीचे दिए गए हैं.

1. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI)

स्थापना वर्ष: 1923

स्थान: करनाल, हरियाणा


प्रमुख डेयरी अनुसंधान संस्थानों में से एक के रूप में, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) डेयरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करता है और छात्रों को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचडी और डिप्लोमा कोर्सेज मुहैया कराता है.


विश्वविद्यालय का परिसर 560 हेक्टेयर (लगभग 1,383 एकड़) में फैला है और इसमें विभिन्न लैब्स, हॉस्टल, कैंपस आदि हैं. विश्वविद्यालय के सभी लैब्स उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च करने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं.

2. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान

स्थापना वर्ष: 1905

स्थान: नई दिल्ली


पूसा संस्थान के रूप में लोकप्रिय, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने 1958 में एक डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त किया. संस्थान का कैंपस लगभग 1,250 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है.


वर्तमान में, संस्थान में लगभग 20 विभाग, 5 बहु-अनुशासनात्मक केंद्र, आठ क्षेत्रीय स्टेशन, दो ऑफ-सीजन नर्सरी, तीन अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाएं और 10 राष्ट्रीय केंद्र समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं के तहत कार्यरत हैं.

3. जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

स्थापना वर्ष: 1960

स्थान: पंतनगर, उत्तराखंड


जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चर मैनेजमेंट, बेसिक साइंस, फिशरी साइंस, होम साइंस और वेटनरी एंड एनिमल साइंस में प्रोग्राम मुहैया कराता है.


यहां 763 टीचर्स और अधिकारी, 59 तकनीकी कर्मचारी, 631 प्रशासनिक और मंत्रालयी कर्मचारी और 1425 तृतीय श्रेणी के कर्मचारी सहित लगभग 2,878 कर्मचारी काम करते हैं.

4. चौधरी चरण सिंह, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय

स्थापना वर्ष: 1970

स्थान: हिसार, हरियाणा


चौधरी चरण सिंह, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (सीसीएसएचएयू) का मेन कैंपस 7,219 एकड़ और 1,426 एकड़ के बाहरी इलाके में फैला है. इसके चार सहयोगी कॉलेज भी हैं. ये चारों कॉलेज, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमनिटीज और कॉलेज ऑफ होम साइंस हैं.


प्रत्येक कॉलेज की इमारत में सुनियोजित व्याख्यान कक्ष, प्रयोगशालाएं, सभागार, संगोष्ठी कक्ष, ऑडियो-विजुअल लैब, कंप्यूटर सुविधाएं आदि शामिल हैं. विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में 994 हेक्टेयर का एक अच्छी तरह से विकसित प्रयोगात्मक खेत भी है.

5. भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान

स्थापना वर्ष: 1889

स्थान: इजातनगर, बरेली


भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) एक शोध संस्थान है जो पशुधन अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित है. 275 से अधिक की फैकल्टी के साथ, संस्थान बेसिक साइंस, वेटनरी एंड एनिमल साइंस और पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी के 20 से अधिक विषयों में पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए डिग्री प्रदान करता है.

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