विमान ईंधन की कीमतों में 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी, क्या बढ़ेगा हवाई किराया?

इस साल की शुरुआत से एटीएफ की कीमतों में हर 15वें दिन बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले 10 बार बढ़ोतरी के बाद बीते 3 जून को एटीएफ की कीमतों में 1.3 फीसदी की कटौती की गई थी.

विमान ईंधन की कीमतों में 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी, क्या बढ़ेगा हवाई किराया?

Thursday June 16, 2022,

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दिल्ली में विमान ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई जिससे यह 1.41 रुपये प्रति किलोलीटर (123.03 प्रति लीटर) महंगा हो गया है. सरकारी स्वामित्व वाले ईंधन विक्रेताओं ने एक नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी है.

बता दें कि, इस साल की शुरुआत से एटीएफ की कीमतों में हर 15वें दिन बढ़ोतरी हुई है. विमान ईंधन किसी विमान का किराया 40 फीसदी तक उसकी ईंधन की कीमत पर निर्भर करता है. इससे पहले 10 बार बढ़ोतरी के बाद बीते 3 जून को एटीएफ की कीमतों में 1.3 फीसदी की कटौती की गई थी.

इस बीच, राज्य के हवाई संपर्क को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को झारखंड सरकार ने एटीएफ पर लगने वाले वैट को 20 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी तक कर दिया.

बुधवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार राज्य सरकार ने झारखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 की अनुसूची-2 भाग-ई के क्रमांक एक को संशोधित कर विमान ईंधान पर कर की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत करने का निर्णय किया है.

इस फैसले से राज्य में हवाई किराए में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के साथ पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा.

बता दें कि, वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण विमान ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. वहीं, भारत आयातित तेल पर निर्भर है जिसके कारण विमान ईंधन की कीमतें कम करने के लिए टैक्स में कटौती करना एकमात्र विकल्प रह जाता है.

स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा है कि परिचालन लागत वहनीय बनी रहे इसके लिए हवाई किराये में कम से कम 10 से 15 फीसदी की वृद्धि करना आवश्यक है.