बिल गेट्स को बताया आनंद महिंद्रा ने - 'मैं अपनी बेटी के लिए हारा हुआ इंसान'

बिल गेट्स को बताया आनंद महिंद्रा ने - 'मैं अपनी बेटी के लिए हारा हुआ इंसान'

Thursday December 26, 2019,

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दो बड़ों के आपसी संवाद में तीसरे का न बोलना भले पुरानी कहावत हो, कभी-कभी इस तरह की टोकाटाकी बातचीत को सार्थक विमर्श की ओर मोड़ देती है। मसलन, हाल ही में देश के टॉप उद्योगपति आनंद महिंद्रा के एक ट्वीट ने विश्व के शीर्ष उद्यमी बिल गेट्स से उनके जुड़ाव का एक रोचक वाकया सार्वजनिक कर दिया है।


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बिल गेट्स और आनंद महिंद्रा



एक बड़ी पुरानी कहावत है कि जब दो बड़े लोग आपस में बात कर रहे हों तो उसमें किसी तीसरे सामान्य व्यक्ति को टोकाटाकी नहीं करनी चाहिए लेकिन कभी-कभी इस तरह का हस्तक्षेप दो बड़ों के आपसी संवाद को किसी ज्यादा सार्थक विमर्श की दिशा में मोड़ देता है।


गौरतलब है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हो या फिर सॉफ्टवेयर कंपनी आज महिंद्रा ग्रुप का कारोबार दुनिया के 80 देशों में फ़ैला हुआ है। देश के टॉप उद्योगपतियों में शुमार आनंद महिंद्रा की बेटियां अलीका और दिव्या महिंद्रा ग्रुप का अधिकतर बिज़नेस संभाल रही हैं।


आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर प्रायः रोजाना ही सार्थक रूप से सक्रिय रहते हैं और ऐसे में अक्सर ही उनकी महत्वपूर्ण बातें, सुझाव, परामर्श, संस्मरण मीडियां की सुर्खियों में आ जाया करते हैं।


उन्होंने हाल ही में अपने ट्विटर पर एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से जुड़ा एक बड़ा रोचक वाकया साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि वे अपने बच्चों के लिए एक हारे हुए इंसान हैं। इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर पर इससे जुड़ा एक बड़ी दिलचस्प आपबीती भी शेयर की है।





यह वाकया इस तरह सामने आया। रमेश बाबू नामक यूजर ने एक पुरानी तस्वीर ट्वीट की, जिसमें आनंद महिंद्रा और बिल गेट्स साथ बैठे दिख रहे हैं।


रमेश बाबू ने लिखा-

''मैंने नेटफ्लिक्स पर 'इनसाइड बिल्स ब्रेन-डिकोडिंग बिल गेट्स' देखी। इसमें मुझे आपकी यह तस्वीर मिली। आनंद महिंद्रा, आप लोग आखिर किस विषय पर इतनी गहन चर्चा कर रहे हैं? यह कब और कहां हुआ?''


ट्वीट के जवाब में आनंद महिंद्रा ने लगातार चार ट्वीट किए। उन्होंने लिखा,


''मैंने यह सीरीज नहीं देखी है। मुझे नहीं पता कि किस सीरीज में यह फोटो है। इतना याद है, यह तस्वीर 1997 की है, जब बिल पहली बार भारत आए थे। उस वक्त वहां केवल फॉर्च्यून मैग्जीन का फोटोग्राफर था। बिल और मैंने 1973 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उन्होंने बीच में कॉलेज छोड़ दिया और माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत की। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट की टीम ने यह मीटिंग बिजनेस के संबंध में रखी थी। उस वक्त महिंद्रा एंड महिंद्रा विंडो एनटी 4.0 शुरू करने वाली पहली कंपनी थी।''


आनंद महिंद्रा अपने ट्विटर पर आगे उस मीटिंग से जुड़ी एक रोचक दास्तान भी साझा करते हैं। वह लिखते हैं-

'जब मीटिंग के वक्त बिल कमरे में आए तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हम हार्वड में एक साथ थे। मैंने कहा, हां, लेकिन मुझे आपसे एक शिकायत है। इसके बाद बिल की टीम घबरा गई और उसे लगा कि उन्होंने किसी सनकी इंसान के साथ मीटिंग रखी है। हालांकि, बिल ने शांत स्वभाव से पूछा कि उन्हें शिकायत क्यों है? मैंने कहा- मेरी बेटी ने मुझसे पूछा था कि कॉलेज में मेरे साथ पढ़ने वाले कौन-कौन से लोग आज मशहूर हैं और जब मैंने उसे आपका नाम बताया तो उसने कहा- आप कितने हारे हुए इंसान हैं। इसलिए आपका शुक्रिया, क्योंकि अब मैं अपने बच्चों के लिए एक हारा हुआ इंसान हूं।'


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फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया

बेमिसाल सक्सेस के बावजूद आनंद ने ऐसा क्यों कहां, इस कथन के पीछे उनका अबूझ मकसद भले पूरी तरह स्पष्ट न लगे लेकिन बातों-बातों में वह विश्व टॉप उद्योगपति बिल गेट्स से, उनके जैसा सफल उद्यमी न हो पाने का दर्द साझा कर गए।