टेक्सटाइल वेस्ट को कम करने के लिए Arvind Ltd और PurFi ने मिलाया हाथ

By yourstory हिन्दी
November 22, 2022, Updated on : Tue Nov 22 2022 11:06:08 GMT+0000
टेक्सटाइल वेस्ट को कम करने के लिए Arvind Ltd और PurFi ने मिलाया हाथ
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आज के दौर का फैशन इंडस्ट्री में “फास्ट फैशन” के लॉजिक से चल रहा है. “फास्ट फैशन” में कपडे का टिकाऊ होने से ज्यादा कपड़ों के स्टाइल का ट्रेंड में रहना, और ट्रेंड के जाते ही नए ट्रेंड के फैशन के अनुरूप कपडे बनाना या पहनना इसकी ज़रूरत है. पर इसके परिणामस्वरूप टेक्सटाइल इंडस्ट्री हर साल बहुत कचरा उत्पन्न भी कर रही है. न सिर्फ इंडस्ट्री बल्कि “फास्ट फैशन” के उपभोक्ता भी हर साल कई टन कचरा उत्पन्न कर रहे हैं. बता दें, हर साल उत्पन्न होने वाले टेक्सटाइल कचरे में से मात्र 12 फीसदी कचरा रीसाइकल हो पाता है. यह पर्यावरण के लिहाज़ से बहुत खतरनाक है क्योंकि न रीसाइकल होने वाला कचरा हमारे लैंडफिल पड़ा रहता है जिससे अनेक तरह के गैसेस का रिसाव होता रहता है जो पर्यावरण के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं.


पिछले कुछ सालों में टेक्सटाइल कम्पनियां अपनी इंडस्ट्री द्वारा उत्पन्न किए जा रहे कचरे का पर्यावरण पर प्रतिकूल असर को कम करने के लिए पहल करना शुरू किया है. इसी फेरहिस्त में अरविन्द लिमिटेड (Arvind Ltd) का भी शामिल हो गया है. टेक्सटाइल वेस्ट को कम करने के लिए अरविन्द लिमिटेड (Arvind Ltd) ने ग्लोबल कंपनी PurFi (PurFi Global LLC) के साथ हाथ मिलाया है.


अरविंद लिमिटेड (Arvind Limited) टेक्सटाइल व अपैरल कंपनी है जो शर्टिंग और सूटिंग फैब्रिक्स, रेडीमेड गारमेंट्स बनाती है. वहीँ, PurFi एक ग्लोबल कंपनी है जिसके पास 30 से ज्यादा पेटेंट हैं और 400 से ज्यादा रजिस्टर्ड ट्रेड सीक्रेट्स हैं. PurFi फेब्रिक्स को रीसाइकल और रीजुविनेट करने के मामले में एक अग्रणी कंपनी बनकर उभरी है.


PurFi और अरविन्द लिमिटेड के इस समझौते की घोषणा सोमवार को की गई जिसमें बताया गया कि टेक्सटाइल सरकुलैरीटी (textile circularity) को बढ़ावा देने के लिए भारत में फाइबर रीजुवीनेशन सेंटर खोला जाएगा.


इस सेंटर में तरह-तरह के फाइबर वेस्ट चाहे वो सफ़ेद कॉटन, रंगीन कॉटन, डेनिम या सिनथेटिक्स हो, सभी तरह के वेस्ट को रीसाइकल किया जा सकेगा. इस कार्य के लिए क़रीब 200-250 करोड़ रूपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा.


रीसाइकल्ड फाइबर को फैशन इंडस्ट्री में वर्जिन फाइबर कहा जाता है. वर्जिन फाइबर से नए कपडे बनाए जा सकते हैं. रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया में एक चैलेन्ज कपड़ों में लगे इलास्टिक्स को रीसाइकल करने का होता है. आज के वक़्त में लगभग 85 प्रतिशत कपड़ों में इलास्टिक लगे होते हैं, इन इलास्टोमोर को रीसाइकल करना कठिन होता है. PurFi टेकनोलॉजी पहली कमर्शिएल वायेबल टेकनोलॉजी है जो कपड़ों में लगे इलास्टिक्स के इलास्टोमोर को बिना केमिकल के हटा सकती है. केमिकल न यूज करने से कपडे सही सलामत रहते हैं, और निकाले गए इलास्टोमोर भी रीसाइकल किए जाने की कंडीशन में रहते हैं.


PurFi टेकनोलॉजी का दावा है कि टेक्सटाइल वेस्ट को रीसाइकल करने के दौरान इनकी टेकनोलॉजी बहुत कम रीसोर्सेज की खपत करती है. साथ ही, इस पूरे प्रोसेस में लगभग 80 से 90 फीसदी कम ग्रीनहाउस गैसेस उत्सर्जित करती है जो पर्यावरण के लिहाज़ से काफी सुरक्षित है.


Edited by Prerna Bhardwaj

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