असम सरकार ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए शुरू की ये योजना

असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) द्वारा कार्यान्वित यह योजना दो चरणों में शुरू की जाएगी.

असम सरकार ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए शुरू की ये योजना

Tuesday January 09, 2024,

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असम सरकार ने सोमवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान को मंजूरी दे दी. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना है.

असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) द्वारा कार्यान्वित यह योजना आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के योग्य सदस्यों को ग्रामीण महिला उद्यमियों के रूप में बढ़ावा देने पर केंद्रित है.

गुवाहाटी में असोमी सरस मेले में महिला उद्यमियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है और हमारी महिला उद्यमियों की क्षमता को दर्शाती है. इस क्षमता को बढ़ाने के लिए, हम लॉन्च कर रहे हैं मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान जहां हम स्वयं सहायता समूहों की 40 लाख महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से समर्थन देने का इरादा रखते हैं.

यह योजना चरणों में शुरू की जाएगी. सबसे पहले, पात्र एसएचजी सदस्यों को कम से कम एक उद्यम शुरू करने के लिए उद्यमिता निधि के रूप में 10,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे. दूसरे चरण में, एसएचजी सदस्यों द्वारा बैंकों से न्यूनतम 25,000 रुपये का ऋण लिया जाएगा, जिसमें सरकार ऋण की वापसी पर 50% या 12,500 रुपये की पूंजी सब्सिडी प्रदान करेगी.

सरकार ने पात्रता मानदंड भी निर्धारित किए, जो इस प्रकार हैं:

  • उम्मीदवार के पास एक वैध और सक्रिय आधार-आधारित बचत बैंक खाता होना चाहिए

  • वह अपने एसएचजी, फेडरेशन, बैंक आदि का डिफॉल्टर नहीं हो

  • तीन से अधिक बच्चों वाले सामान्य/ओबीसी/एमओबीसी एसएचजी सदस्य और चार से अधिक बच्चों वाले एससी/एसटी/मोरन/मटक/चाय बागान समुदाय के सदस्य पात्र नहीं होंगे - दो बच्चों वाले सदस्यों को बच्चों की संख्या के प्रतिबंध के संबंध में एक घोषणा प्रस्तुत करना होगा.

  • जिन सदस्यों की लड़कियाँ/बच्चे स्कूल जाने की उम्र के हैं, उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया जाना चाहिए.

पिछले साल, तमिलनाडु सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष महिला स्टार्टअप मिशन शुरू किया था. राज्य ने पात्र महिला गृहिणियों के लिए 1,000 रुपये मासिक नकद भत्ता शुरू करने के लिए राज्य बजट में 7,000 करोड़ रुपये भी आवंटित किए. महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, वित्त मंत्री पलानिवेल थियागा राजन ने व्यापक सहायता प्रदान करने में मिशन की भूमिका पर जोर दिया.

इसी तरह, IIM बैंगलोर (IIM-B) की इनक्यूबेशन शाखा NSRCEL और कर्नाटक राज्य ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसायटी (KSRLPS) ने स्वावलंबन कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण कर्नाटक में महिलाओं के स्वामित्व वाले गैर-कृषि व्यवसायों का समर्थन करने और उन्हें बढ़ाने के लिए 2023 में भागीदारी की.

यह कार्यक्रम कर्नाटक के टियर II और III शहरों में मौजूदा महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म व्यवसायों को बड़े बाजारों के साथ जुड़ने, वित्तीय रूप से टिकाऊ बनने, स्थानीय रोजगार उत्पन्न करने और उन्हें अपने व्यवसायों को सफल, स्केलेबल, और टिकाऊ उद्यम बनाने में मदद करने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.

(Translated by: रविकांत पारीक)