लोगों का दर्द समझ डॉक्टर लाए AVISA, चुटकी में होंगे सारे काम, अस्पताल और मरीज दोनों को होगा फायदा

अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल एक ऐसा आइडिया है, जिससे अस्पताल और मरीज दोनों को फायदा होता है. इसकी शुरुआत भी कुछ डॉक्टर्स ने की है, जिन्होंने मरीजों के दर्द को समझा है.

लोगों का दर्द समझ डॉक्टर लाए AVISA, चुटकी में होंगे सारे काम, अस्पताल और मरीज दोनों को होगा फायदा

Tuesday August 09, 2022,

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अपनी जिंदगी में हर कोई कई बार अस्पताल के चक्कर लगाता है. कभी छोटे-मोटे सर्दी-जुकाम-बुखार के लिए तो कभी-कभी किसी बड़ी सर्जरी के लिए. कोरोना काल में तो बहुत सारे लोग कोविड-19 वायरस की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए. भले ही अस्पताल में आप खुद भर्ती हों या फिर आपके परिवार का कोई सदस्य भर्ती हो, वो कुछ दिन दिक्कतों से भरे हुए होते ही हैं. कभी लाइन में लगकर पर्ची कटवानी पड़ती है तो कभी डॉक्टर का अप्वाइंटमेंट होने के बावजूद लंबा इंतजार करना होता है. दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर पर लाइन में खड़े होना तो आम बात है. कोरोना काल में इन सभी दिक्कतों को समझा डॉक्टर अश्विनी नायडू और हेल्थकेयर से जुड़े उनके कुछ साथियों ने. और यहां से शुरुआत हुई अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल (AVISA Smart Hospitals) की.

अविसा का मकसद लोगों की दिक्कतें कम करना है, जिससे पेशेंट की तो मदद होती ही है, अस्पतालों का बिजनेस भी बढ़ता है. अविसा की को-फाउंडर और डायरेक्टर डॉक्टर अश्विनी नायडू बताती हैं कि अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल की शुरुआत उन्होंने सितंबर 2021 में की थी. उन्होंने विकास शर्मा और राजा दत्ता समेत कंपनी के बाकी 3 को-फाउंडर्स के साथ करीब 5-6 महीने तक सिर्फ रिसर्च की, जिसके बाद उन्होंने अविसा की शुरुआत की. अश्विनी नायडू बताती हैं कि अविसा का मतलब है जिंदगी देना, इसीलिए उन्होंने अपने इस स्टार्टअप को AVISA नाम दिया. इसमें उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी बेहतर तकनीक लाना, जो लंबे वक्त तक लोगों की मदद करे. आखिरकार आज अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल लोगों को अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह से तैयार है. आने वाले दिनों में इसे और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है. अविसा का बिजनेस सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूएई तक फैला हुआ है.

बिल्कुल फ्री है अविसा का ऐप

जब भी अस्पताल की बात आती है तो हर कोई यह तय मानता है कि उसकी जेब से कुछ ना कुछ तो जाएगा ही. खैर, अविसा इस मामले में सबसे अलग है. किसी भी पेशेंट को अविसा की सेवाओं के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता है. अविसा का ऐप बिल्कुल फ्री है, जिसकी मदद से आप इससे जुड़े अस्पतालों में डॉक्टर के अप्वाइंटमेंट से लेकर तमाम सेवाएं ले सकते हैं. अविसा ऐप का मुख्य मकसद है आपकी भागदौड़ को कम करना और अस्पताल के साथ आपका एक्सपीरियंस बेहतर बनाना. अविसा ऐप के जरिए एक पेशेंट की उसके अस्पताल में घुसने से लेकर बाहर निकलने तक और उसके बाद भी मदद की जाती है.

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अविसा ऐप से मिलते हैं क्या-क्या फायदे

इस ऐप के जरिए आप सबसे पहले तो डॉक्टर की अवाइंटमेंट ले सकते हैं. इसके अलावा जब आप किसी अस्पताल में जाते हैं तो वहां पर आपको रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में खड़े रहना पड़ता है, अविसा ऐप यहां भी आपकी मदद करता है. आपको पहले से ही ऐप में सारी जानकारी डाल लेनी है और अस्पताल में जाकर जैसे ही आप ऐप का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, सारी जानकारी अस्पताल को मिल जाएगी. अप्वाइंटमेंट के बाद डॉक्टर को भी एक नोटफिकेशन चला जाएगा और आप बिना किसी परेशानी के डॉक्टर से मिल सकेंगे.

अविसा के इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत अस्पताल को जो पेन और पेपर प्रिस्क्रिप्शन लिखने के लिए दिए जाते हैं, वह भी सेंसर से लैस होते हैं. डॉक्टर जो भी लिखता है, वह सारा ऐप के जरिए आपके पास भी आ जाएगा. साथ ही एक ट्रिगर फार्मेसी को और दूसरा लैब को (अगर कोई टेस्ट लिखा हो तो) चला जाता है. इससे फार्मेसी में जाकर आपको लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं, आपके पहुंचते ही आपकी दवा आपको रेडी मिल जाएगी. लैब में भी जाकर आपको ना तो प्रिस्क्रिप्शन दिखाना है ना ही कोई रजिस्ट्रेशन कराना है, यानी वहां भी आपको कोई दिक्कत नहीं होगी. यहां तक कि इस ऐप में पिल रिमाइंडर भी है, जो आपको समय-समय पर दवा लेने की याद दिलाता है, ताकि आप बिना भूले दवा खाएं और समय से ठीक हो जाएं. ऐप में तमाम तरह की बीमारियों के बारे में एजुकेट करने का भी इंतजाम है.

अस्पतालों के लिए भी अविसा है फायदे का सौदा

अविसा की मदद से पेशेंट को तो तमाम सुविधाएं मिल ही रही हैं, अस्पतालों को भी बहुत सारी सहूलियत मिलती हैं. सबसे बड़ी सहूलियत तो यही है कि अविसा की मदद से अस्पताल का पूरा मैनेजमेंट ऑटोमेट हो जाता है. कितने मरीज आए, किससे कितना रेवेन्यू आया, फार्मेसी से किसने दवा ली, किसने लैब टेस्ट कराया सब कुछ अविसा के जरिए अस्पताल को पता चल जाता है. हालांकि, इसके लिए अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर में कुछ डिवाइस लगाई जाती हैं और वहां के कंप्यूटर्स में कुछ सॉफ्टवेयर डाले जाते हैं, जिससे अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल काम कर सके.

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जब अस्पताल के पास मरीजों का पूरा डेटा होता है तो वह अपने फायदे-नुकसान और पेशेंट रिटेंशन के बारे में सोच सकता है. अविसा स्मार्ट हॉस्पिटल के तहत अस्पताल को पता चल जाता है कि कितने लोगों ने उसकी फार्मेसी से दवा ली. ऐसे में जिन्होंने दवा नहीं ली या लैब टेस्ट वहां से नहीं कराया, उनसे सर्विस ना लेने की वजह जानी जा सकती है. ऐसे में अस्पताल इस बात का फैसला ले सकता है कि उसे अपनी सेवा को बेहतर करना है या फिर प्राइस को कम करने की जरूरत है. यानी इससे अस्पताल को अपने पेशेंट या बिजनेस टर्म्स में कहें तो ग्राहक बनाए रखने में मदद मिलती है और वह उन्हें खोते नहीं. अस्पताल को पता चल सकेगा कि उसका बाउंस रेट क्या है. जब लोगों को एक जगह पर तमाम सहूलियत के साथ सर्विस मिलती है तो वह बार-बार वहीं जाना पसंद करते हैं.

पेशेंट फाइनेंसिंग के जरिए मिलता है इंस्ट्रेस्ट फ्री लोन

अविसा ने बड़ी सर्जरी के मामलों में लोगों की मदद के लिए पेशेंट फाइनेंसिंग भी शुरू की हुई है. अविसा ने लोगों की इस परेशानी को समझा कि बड़ी सर्जरी में कई बार लोगों को लोन की जरूरत पड़ती है. बहुत से लोगों को सिबिल स्कोर खराब होने की वजह से लोन नहीं मिल पाता. अविसा ऐसे लोगों को भी सर्जरी आदि के लिए लोन देती है. इसके तहत वह पेशेंट को उसकी सर्जरी में होने वाले खर्च का करीब 80 फीसदी तक लोन देती है, वो भी इंट्रेस्ट फ्री, जिसे आप ईएमआई में भी चुका सकते हैं. यह लोन भी अप्लाई करने के महज 24-48 घंटे में मिल जाता है. भले ही किसी का सिबिल स्कोर खराब ही क्यों ना हो, अविसा उसे भी सर्जरी के लिए लोन देती है. इसके लिए कंपनी ने कुछ माइक्रोफंडिंग एजेंसियों के साथ टाई-अप किया है, ताकि मरीजों को मदद पहुंचाई जा सके.