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बिजनेस के लिए पेमेंट कलेक्शन को कैसे आसान बना रहा है स्टार्टअप Paycorp.io?

Paycorp.io एक फिनटेक स्टार्टअप है. इसके प्लेटफॉर्म पर किसी भी बिजनेस के लिए हर तरह के पेमेंट कलेक्शन सॉल्यूशन मौजूद है. यह B2B2B और B2B2C सेगमेंट में रिकरिंग पेमेंट्स को प्रोसेस करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करता है.

बिजनेस के लिए पेमेंट कलेक्शन को कैसे आसान बना रहा है स्टार्टअप Paycorp.io?

Tuesday June 21, 2022 , 8 min Read

ग्लोबल पेमेंट प्रोसेसिंग सॉल्यूशन मार्केट की वैल्यू साल 2020 में 39.57 बिलियन डॉलर थी. साल 2030 तक इसके 146.45 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इस तरह यह साल 2021 से 2030 तक 13.7% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ रहा है. ये आंकड़े Allied Market Research की एक रिपोर्ट में सामने आए हैं.

अब जैसा कि जमाना टेक्नोलॉजी का दिवाना है. हमारे सांस लेने में भी टेक्नोलॉजी का योगदान है, ये कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी; जिस तरह से यह उन्नति कर रही है. और जब बात फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) की आ जाए तो... माशाअल्लाह कहना ही क्या? इस इंडस्ट्री ने बीते वर्षों में ग़ज़ब की तरक़्क़ी की है. कोविड महामारी ने इस सेक्टर में इनोवेशन को और भी महत्ता दी है. फलस्वरुप नए-नए खिलाड़ी बाज़ार में उतरे और कस्टमर्स और बिजनेसेज के लिए सर्विसेज को और भी सुलभ, आसान बना रहे हैं.

Paycorp.io ऐसा ही एक फिनटेक स्टार्टअप है. कार्तिक थेनकराई, अनीश थॉमस एलेक्स, इवान फर्नांडीस, प्रशांत मारोली और बालाजी जगन्नाथन ने मिलकर अगस्त, 2020 में बेंगलुरु से इसे शुरू किया था. इस प्लेटफॉर्म पर किसी भी बिजनेस के लिए हर तरह के पेमेंट कलेक्शन सॉल्यूशन मौजूद है. यह B2B2B और B2B2C सेगमेंट में रिकरिंग पेमेंट्स को प्रोसेस करने के लिए सबसे बेस्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करता है.

हाल ही में Paycorp के को-फाउंडर और डायरेक्टर बालाजी जगन्नाथन ने YourStory से बात की. उन्होंने स्टार्टअप की शुरुआत, यह कैसे काम करता है, इसके बिजनेस-रेवेन्यू मॉडल और भविष्य की योजनाओं समेत हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की.

यहां आप भी पढ़िए इंटरव्यू के संपादित अंश...

YourStory[YS]: Paycorp का आइडिया कैसे आया? आप (फाउंडर्स) एक-दूसरे को कैसे जानते थे? ज़रा बैकग्राउंड बताएं?

बालाजी जगन्नाथन [BJ]: Paycorp.io के हम सभी फाउंडर्स ने इसे शुरू करने से पहले बैंकिंग और पेमेंट सेक्टर में बहुत काम किया है. Paycorp की स्थापना से पहले, कार्तिक थेनकराई ने ACH (Automated Clearing House) और बैंकिंग सेक्टर में लगभग 25 वर्षों तक काम किया. भारत में पहली NACH (National Automated Clearing House) ऑटोमेशन का सेहरा भी उन्हीं के सिर बंधा है.

NACH बैंकों, वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट्स और सरकार को इंटरबैंक, हाई वॉल्यूम, पेमेंट सुविधा प्रदान करने के लिए वेब-बेस्ड सॉल्यूशन प्रोवाइड करता है। हमारे सीटीओ और को-फाउंडर अनीश थॉमस एलेक्स को भी बैंकिंग प्रोडक्ट आर्किटेक्चर डिजाइन और रेपिड डेवलपमेंट में विशेषज्ञता के साथ दो दशकों से भी अधिक का अनुभव है. हमारे मिलेजुले अनुभव ने हमें बैंकिंग में पेमेंट स्पेस में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए सामूहिक रूप से पहचानने में मदद की.

इस प्रकार, हम नए जमाने के इंडियन बिजनेसेज के साथ-साथ कंज्यूमर्स की बैंकिंग जरुरतों को सॉल्व करने के लिए एक साथ आगे आए. Paycorp को क्लाउड नेटिव टेक-स्टैक में B2B2B और B2B2C सेगमेंट में रिकरिंग पेमेंट्स के कलेक्शन और प्रोसेसिंग के लिए एक इकोसिस्टम के उद्देश्य से शुरू किया गया. API-बेस्ड पेमेंट प्रोसेसिंग टूल्स पर काम करते हुए, यह कस्टमाइज्ड डैशबोर्ड के जरिए पेमेंट की परफेक्ट विजिबिलिटी दिखाता है.

YS: बैंकिंग जरुरतों को कैसे सॉल्व कर रही है कंपनी?

BJ: हम रिकरिंग ऑटो-डेबिट पेमेंट्स शुरू करने और कलेक्ट करने में देरी और विफलताओं को खत्म करते हैं. जहां हमारे कॉम्पीटिटर्स 2 वर्किंग डेज (कामकाजी दिनों) में पेमेंट कलेक्ट करते हैं, हम उसी दिन पेमेंट कलेक्ट करते हैं. हम उनसे काफी तेज है. हम ACH, UPI सहित कई तरह के पेमेंट ऑप्शन प्रोवाइड करते हैं. हम WhatsApp, लिंक पुश और पोर्टल सहित आसान पहुँच के लिए कई डिजिटल टचपॉइंट प्रोवाइड करते हैं.

YS: Paycorp और इसके सॉल्यूशन कैसे काम करते हैं?

BJ: Paycorp.io कस्टमर ऑनबोर्डिंग प्रोसेस को सरल बनाकर काम करता है. हमने कस्टमर से ऑटो-डेबिट इंस्ट्रक्शन सेट करने के प्रोसेस को बहुत सरल बना दिया है. कस्टमर महज कुछ ही क्लिक में ऑटो-डेबिट इंस्ट्रक्शन को सफलतापूर्वक सेट कर सकता है. चूंकि हम सिक्योर आधार (AADHAR) बेस्ड ऑथेंटिकेशन का उपयोग करते हैं, सेटअप के फेल होने का चांस इंडस्ट्री में सबसे कम है. हम नियत तारीख पर पेमेंट रिक्वेस्ट को ऑटो प्रोसेस करते हैं. हमारे कॉर्पोरेट कस्टमर्स को पेमेंट कलेक्ट करने से संबंधित किसी भी प्रोसेसिंग के बारे में चिंता करने की जरुरत नहीं है. हम ऑटो-डेबिट कलेक्शन को पूरा करते हैं और अपने ग्राहकों को लेटेस्ट कलेक्शन स्टेट्स के साथ तुरंत अपडेट करते हैं. पूरे प्रोसेस को सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है.

YS: Paycorp के बिजनेस मॉडल के बारे में बताएं... आपने इस खास मॉडल को क्यों चुना?

BJ: Paycorp ज्यादातर क्लाउड-बेस्ड pay-as-you-go मॉडल पर काम करता है. हम कॉरपोरेट्स को अपने क्लाउड मॉडल से सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर लेकर आते हैं. मैंडेट्स और पेमेंट्स को जल्द प्रोसेस करते हैं. कुछ दुर्लभ इनहाउस क्लाउड केसेज में, हम अपने बड़े कस्टमर्स के साथ मिलकर काम करते हैं. सक्रिय रूप से अपने नए कस्टमर्स की ऑनबोर्डिंग और ट्रांजेक्शन प्रोसेसिंग को जल्द पूरा करते हैं. क्लाउड बेस्ड pay-as-you-go मॉडल उन कस्टमर्स के लिए अच्छा काम करता है जिन्हें तेजी से ऑनबोर्ड होने की जरुरत होती है और कैपिटल इन्वेस्ट से बचते हैं. जैसे-जैसे उनका बिजनेस बढ़ता है, वे रैंप पर आ सकते हैं. इनहाउस मॉडल उन बिजनेसेज के लिए अच्छा काम करता है जहां हाई लेवल एंटरप्राइज इंटीग्रेशन और कस्टम वर्कफ़्लो जरूरी है.

YS: आप सभी को-फाउंडर्स ने स्टार्टअप में पर्सनल लेवल पर कितने रुपये इन्वेस्ट किए है?

BJ: Paycorp अभी तक पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड (खुद के पैसे लगाकर शुरू किया हुआ स्टार्टअप) है और हमने इसे 1 करोड़ रुपये के पर्सनल इन्वेस्टमेंट से शुरू किया है. हालांकि, हम फंडिंग जुटाने को कोशिश कर रहे हैं. कुछ प्रमुख इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स के साथ बातचीत चल रही है.

Paycorp.io

YS: स्टार्टअप के रेवेन्यू मॉडल के बारे में बताएं... आप रेवेन्यू कैसे कमा रहे हैं?

BJ: चूंकि हमारा 8 प्रमुख बैंकों के साथ सीधा इंटरफेस है, इसलिए हमारे पास 98% मैंडेट रजिस्ट्रेशन सक्सेस रेट है. NPCI (National Payments Corporation of India), DHA (Department of Home Affairs) जैसे रेग्यूलेटर्स के सपोर्ट के कारण, हम 25 से अधिक वर्षों के अपने अनुभव का उपयोग करने में सक्षम हैं. यह हमारे लिए फायदे की बात है.

YS: वर्तमान में Paycorp का रेवेन्यू कितना है? और इस साल में आप कितना रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद करते हैं?

BJ: FY 2021-2022 में स्टार्टअप का रेवेन्यू 4.5 करोड़ रुपये था. हमारे अनुमानों के मुताबिक, FY 2022-2023 के आखिर तक ARR (Annual Recurring Revenue) विजिबिलिटी 10 करोड़ रुपये के करीब होने की उम्मीद है.

YS: Paycorp के पास कुल कितने कस्टमर हैं?

BJ: अभी 25 कस्टमर हमारी सर्विसेज का फायदा ले रहे हैं. इसमें भारतभर में काम करने वाले कुछ टॉप बैंक शामिल हैं. आठ और बैंकिंग और नॉन-बैंकिंग कस्टमर पाइपलाइन में हैं. हम उन्हें एक महीने के भीतर ऑनबोर्ड कर लेंगे.

YS: Paycorp प्लेटफॉर्म की USP (Unique Selling Proposition) क्या है?

BJ: हम मार्केट में रिकरिंग पेमेंट्स का सबसे सुविधाजनक कलेक्शन प्रोवाइड करते हैं. हम ऑटो-डेबिट सेटअप पीरियड को 7 वर्किंग डेज से घटाकर 5 मिनट से भी कम कर देते हैं. हम रिकरिंग पेमेंट्स के सेटअप और कलेक्शन में 95% सक्सेस रेट देते हैं.

YS: टेक्नोलॉजी ने बिजनेस के लिए पेमेंट और कलेक्शन को कैसे आसान बना दिया है?

BJ: हम पूरी तरह से ऑटोमेटेड 'डू इट योरसेल्फ ऑनबोर्डिंग' ऑफर करते हैं. इसका मतलब है कि हम क्विक कस्टमर एक्विजिशन हासिल करते हैं. इस बीच EMI, रेंटल, इंश्योरेंस क्लेम के लिए तैयार सॉल्यूशन समय पर कलेक्शन में मदद करते हैं. इससे पैसे बचते हैं. प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स मानवीय हस्तक्षेप के बिना ज्यादा से ज्यादा ऑटोमेटेड कलेक्शन सुनिश्चित करता है.

YS: रिकरिंग ऑटोमेटेड पेमेंट - बिजनेसेज पर इसका क्या प्रभाव है? यह किस तरह फायदे का सौदा साबित हो सकता है?

BJ: B2B ऑटो-डेबिट सॉल्यूशन ट्रेडिशनल मॉडल्स में 65% की तुलना में 95% सक्सेस रेट तय करते हैं. यह सीधे हमारे कस्टमर्स के लिए एनुअल रेवेन्यू में 2% की वृद्धि का परिणाम है. उसी दिन पेमेंट पूरा होने और असफल ऑनबोर्डिंग की लागत को खत्म करने जैसी सुविधाओं की बदौलत ही यह संभव है.

YS: बैंकिंग सेक्टर में नए जमाने के सॉल्यूशन प्रोवाइडर होने को आप कैसे देखते हैं?

BJ: भारत का फिनटेक इकोसिस्टम, दुनिया में सबसे जीवंत और तेजी से बढ़ रहा है. UPI के आगमन ने देश के पेमेंट लेंडस्केप को तेजी से बदल दिया है. फिनटेक बेस्ड लेंडिंग (उधार) ने भी बैंकिंग और फाइनेंस मार्केट में ग़ज़ब की खलबली मचा दी है. बैंक फिनटेक इंडस्ट्री से अपना तमगा वापस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारा मानना है कि एंबेडेड बैंकिंग अगली बड़ी लहर होगी क्योंकि इससे बैंकों को अपने ग्राहकों को सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी.

YS: Paycorp या इसके बिजनेस को खड़ा करने में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

BJ: रिकरिंग कलेक्शन की जरुरत वाले अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स में एंट्री करना, और फिर हर सेगमेंट में विशेषज्ञता हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसमें हर एक सेगमेंट की बारीकियों को समझना और प्रत्येक सेगमेंट के कस्टमर्स को उचित लाभ देना शामिल है. हालांकि इसमें पहली बार चुनौतियां आईं, लेकिन जल्द ही हमने विचार-मंथन करते हुए दशकों के अपने अनुभव का फायदा उठाया.

YS: अगले 18 महीनों के लिए Paycorp को लेकर आपकी क्या योजनाएं है?

BJ: हम एडटेक पेमेंट्स, इंश्योरेंस पेमेंट्स, क्रॉस सेगमेंट सब्सक्रिप्शन, लोन रि-पेमेंट्स, रिकरिंग कलेक्शन, ई-कॉमर्स कलेक्शन में विस्तार करने की योजना बना रहे हैं. हम अगले 2 वर्षों में मध्य पूर्व (Middle East), यूएसए (USA) में कारोबार को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं.