अश्नीर ग्रोवर के साथ निजी झगड़े में उलझने वाले BharatPe के सीईओ सुहैल समीर ने दिया इस्तीफा

एक बयान में भारतपे ने कहा कि 7 जनवरी, 2023 से समीर सीईओ की जगह रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाएंगे. समीर पहले आरपी-संजीव गोयनका समूह में एफएमसीजी व्यवसाय के सीईओ थे. वह अगस्त 2020 में भारतपे में अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए थे.

अश्नीर ग्रोवर के साथ निजी झगड़े में उलझने वाले BharatPe के सीईओ सुहैल समीर ने दिया इस्तीफा

Tuesday January 03, 2023,

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आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के बाद भारतपे BharatPe से इस्तीफा देने वाले कंपनी के को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) से उलझने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुहैल समीर ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है. ग्रोवर के बाद समीर ही कंपनी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

एक बयान में भारतपे ने कहा कि 7 जनवरी, 2023 से समीर सीईओ की जगह रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाएंगे. समीर पहले आरपी-संजीव गोयनका समूह में एफएमसीजी व्यवसाय के सीईओ थे. वह अगस्त 2020 में भारतपे में अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए थे.

कंपनी ने आगे बताया कि कंपनी के मौजूदा मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नलिन नेगी को अंतरिम सीईओ नियुक्त किया गया है. वह कंपनी के कारोबार के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे.

अश्नीर ग्रोवर पर किए थे निजी हमले

बता दें कि, हाल के समय में समीर ने ग्रोवर के ऊपर निजी हमले किए थे. समीर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ग्रोवर पर पैसा चुराने का आरोप लगाया था.

अप्रैल में भारतपे के पूर्व कर्मचारी करण सरकी ने पुराने कर्मचारियों की बर्खास्तगी और वेतन न मिलने के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी. इस पोस्ट पर अश्नीर की बहन आशिमा की तरफ से की गई एक टिप्पणी के जवाब में समीर ने कहा था, ‘‘बहन, तेरे भाई ने सारा पैसा चुरा लिया. वेतन देने के लिए बहुत कम पैसा बचा है.’’

ग्रोवर ने कंपनी से की थी कार्रवाई की मांग

इस पर ग्रोवर ने आठ अप्रैल को लिखे एक पत्र में कहा, ‘सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में समीर की भाषा न केवल अपमानजनक है बल्कि सार्वजनिक रूप से झूठ भी है.’

इसके बाद ग्रोवर ने कंपनी के निदेशक मंडल को एक पत्र लिखकर सुहैल समीर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी. ग्रोवर ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर निदेशक मंडल से समीर पर कार्रवाई करने के लिए कहा था.

उन्होंने कहा था, ‘निदेशक मंडल के उदाहरणों और उनकी तरफ से घोषित बड़े-बड़े मानकों के हिसाब से सीईओ को इस सार्वजनिक व्यवहार के लिए तुरंत कारण बताओ नोटिस दिया जाना चाहिए और कंपनी के ब्रांड को नुकसान के लिए उन्हें तुरंत छुट्टी पर भेज देना चाहिए.’

ग्रोवर ने कहा था, ‘‘सुहैल को बोर्ड के सामने यह साबित करना होगा कि लिंक्डइन पर इस तरह की टिपण्णी करते वक्त वह शराब या मादक पदार्थ के असर में नहीं थे.’’ ग्रोवर ने पत्र में कहा है कि समीर के सभी लेन-देन का ऑडिट एक स्वतंत्र ऑडिटर की तरफ से किया जाना चाहिए. ऑडिट रिपोर्ट बोर्ड के सामने आने के बाद ही उन्हें सीईओ के रूप में बहाल किया जाना चाहिए.

ग्रोवर को अनियमितता के आरोप में हटाया गया था

बता दें कि, भारतपे ने मार्च, 2022 में ग्रोवर को कंपनी में सभी पदों से हटा दिया था. कंपनी ने कथित तौर पर फाइनेंस में बड़े पैमाने पर अनियमितता में ग्रोवर के परिवार और संबंधियों की संलिप्तता भी पाई थी. ग्रोवर ने कहा था कि कंपनी के दिवालिया होने की पुष्टि किसी अन्य ने नहीं बल्कि खुद सीईओ और बोर्ड के सदस्य ने की है.

कंपनी ने ग्रोवर पर किया है मुकदमा

पिछले महीने की शुरुआत में फिनटेक कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कंपनी के ग्रोवर और उनकी पत्नी पर कंपनी कोष में हेराफेरी करने के आरोप लगाए थे और कथित धोखाधड़ी एवं हेराफेरी की क्षतिपूर्ति के तौर पर 88.67 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की.

इसके साथ ही, भारतपे ने याचिका पर ग्रोवर और उनकी पत्नी को कंपनी के खिलाफ मानहानि करने वाले बयान देने से रोकने का आग्रह किया गया है.

याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतपे के ग्रोवर और उनकी पत्नी को बृहस्पतिवार को समन जारी किए. हाईकोर्ट ने इस दीवानी मामले और आपराधिक शिकायत पर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और तीन अन्य संबंधियों को समन जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब देने को कहा. इस मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी, 2023 को होगी.


Edited by Vishal Jaiswal