बजट 2020: क्या-क्या रहा इस बार के आम बजट में खास? जानें सब-कुछ इधर

By प्रियांशु द्विवेदी
February 02, 2020, Updated on : Sat Feb 01 2020 22:46:30 GMT+0000
बजट 2020: क्या-क्या रहा इस बार के आम बजट में खास? जानें सब-कुछ इधर
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नए दशक का पहला बजट कई क्षेत्र के लिए खास है, तो कई क्षेत्र में सरकार कोई बड़ी घोषणा नहीं कर सकी है, हालांकि आयकर की नई दरों से मध्यमवर्ग को जरूर राहत पहुंची है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण



मोदी सरकार 2.0 ने इस दशक का पहला बजट पेश कर दिया, इस तरह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार दो बार बजट बजट पेश करने वाली देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री भी बन गईं है। बजट को लेकर कई क्षेत्रों में सरकार की घोषणाओं से राहत का संचार हुआ है, तो वहीं कुछ क्षेत्रों की उम्मीदों पर यह बजट खरा नहीं उतर सका है।


जीडीपी को लेकर भी बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं हो सकी है, ऐसे में अगले साल भी इसके स्तर में कोई बड़ा सुधार देखने को शायद ही मिले।


वित्त मंत्री ने इस बार बजट को तीन विषय वस्तुओं के आधार पर पेश किया है: आकांक्षी भारत, आर्थिक विकास और जिम्मेदार समाज। आकांक्षी भारत के तहत कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता और शिक्षा व कौशल को रखा गया है।

कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास

सरकार ने अपने बजट में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास के लिए 2.83 लाख रुपये का बजट आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। इसी के साथ बजट में सरकार की तरफ से साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है।


साल 2020-2021 के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का भी लक्ष्य रखा गया है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए सकरार ने 20 लाख किसानों के लिए स्टैंड एलोन सौर पंप स्थापित करने को लेकर घोषणा की है।

स्वास्थ्य, जल और स्वच्छता

सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में 69 हज़ार करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है, इसमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए सरकार ने 64 सौ करोड़ की राशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ मिशन के तहत लक्ष्य रखा है।


स्वच्छता के लिए सरकार ने 2020-21 के लिए 12 हज़ार 300 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया है। जल जीवन मिशन के लिए सरकार ने 3.60 लाख करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, साल 2020-21 के लिए इस योजना को 11 हज़ार 500 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी।

शिक्षा और कौशल विकास

शिक्षा क्षेत्र के लिए सरकार ने इस बजट में 93 हज़ार करोड़ रुपये की राशि जारी की है, इसी के साथ कौशल विकास के लिए सरकार ने 3 हज़ार करोड़ रुपये की राशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने नई शिक्षा नीति लाने की भी बात कही है। देश में करीब 150 उच्च शिक्षण संस्थान मार्च 2021 तक अप्रेंटिसशिप के साथ डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू कर देंगे, इसी के साथ डिग्री स्तर पर एक पूर्णकालिक ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम भी जल्द शुरू किया जाएगा।


बजट के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रिय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रिय फोरेंसिक विज्ञान विश्व विद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के अनुसार स्वास्थ्य एवं कौशल विकास मंत्रालय विशेष ब्रिज कोर्स भी तैयार करेंगे।

उद्योग और निवेश

आर्थिक विकास की थीम के तहत सरकार ने उद्योग और वाणिज्य के विकास के लिए साल 2020-21 के तहत 27 हज़ार 300 करोड़ रुपये की राशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। बजट में सरकार ने पीपीपी मॉडल के तहत 5 नए स्मार्ट सिटी विकसित करने की बात कही है।


सरकार 14 सौ 80 करोड़ रुपये के साथ चार सालों की अवधि वाला एक राष्ट्रिय तकनीकी वस्त्र मिशन शुरू करने जा रही है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस करते हुए सरकार ने 5 सालों के लिए इस क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना का लक्ष्य रखा है। इसके तहत सभी सेक्टरों की 65 सौ से अधिक परियोजनाओं को शामिल किया गया है।


बजट में सरकार ने साल 2023 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ दो अन्य पैकेजों को पूरा कर लेने की बात कही है। बजट में भारतीय रेलवे ने भी 27 हज़ार किलोमीटर लंबी पटरियों के विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा है।


सरकार ने उड़ान योजना को ध्यान में रखते हुए साल 2024 तक देश में 100 अन्य हवाई अड्डों के विकास का लक्ष्य रखा है। इसी के साथ परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे के लिए सरकार ने 1 लाख 70 हज़ार करोड़ रुपये की राशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा है।


ऊर्जा सेक्टर के लिए सरकार ने 22 हज़ार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है, इसी के साथ मौजूदा राष्ट्रिय गैस ग्रिड के दायरे को 16 हज़ार 2 सौ किलोमीटर से 27 हज़ार किलोमीटर करने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है।

नई अर्थव्यवस्था

बजट भाषण के दौरान नई अर्थव्यवस्था के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने निजी क्षेत्रों के लिए देश भर में डेटा पार्क की स्थापना के लिए नीति प्रस्तुत करने की बात कही है। इसी के साथ सरकार ने ‘भारतनेट’ के जरिये देश की एक लाख ग्रामपंचायतों को आपस में जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा गया है। भारतनेट कार्यक्रम के लिए सरकार ने 6 हज़ार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।


राष्ट्रिय क्वान्टम इंजीनियरिंग और अनुप्रयोग मिशन के लिए सरकार ने 8 हज़ार करोड़ रुपये के आवंटन की बात कही है। यह राशि 5 सालों की अवधि के लिए जारी की जाएगी।

महिला एवं बाल कल्याण

जिम्मेदार समाज की थीम के साथ वित्त मंत्री ने पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35 हज़ार 6 सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इसी के साथ अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए 53 हज़ार 7 सौ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। विशेष कर महिलाओं के लिए कार्यक्रमों के बारे में सरकार ने 28 हज़ार करोड़ 6 सौ करोड़ रुपये की राशि के आवंटन की घोषण की है।

पर्यटन एवं पर्यावरण

सरकार ने बजट में पर्यटन को लेकर अपनी गंभीरता जारी करते हुए भारतीय विरासत एवं संरक्षण संस्थान की स्थापना की घोषणा की है। यह संस्थान विश्वविद्यालय दर्जे का होगा। सरकार ने राखीगढ़ी, हस्तिनापुर, शिवसागर, धौलीवैरा और अदिचनल्लूर को प्रतिमान स्थलों के रूप में घोषित करने की बात कही है।


10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए जो राज्य स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने की योजना बना रहे हैं, सरकार ऐसे राज्यों को प्रोत्साहन देगी। साल 2020-21 के लिए इस दिशा में 44 सौ करोड़ रुपये की राशि राशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा है।

राजकोषीय प्रबंधन

सरकार ने इस बजट के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों को स्वीकार करने की बात कही है। यह आयोग साल 2020-21 से अगले पाँच सालों के लिए अपनी अंतिम रिपोर्ट को राष्ट्रपति को सौंपेगा।


बजट में अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने साल 2020-21 के लिए देश की जीडीपी के 10 प्रतिशत पर मामूली वृद्धि का अनुमान लगाया है।

आयकर

सरकार ने आयकर की दरों में बदलाव कर मध्यमवर्ग को बड़ी राहत दी है। नई आयकर दरों के बारे में आप इधर पढ़ सकते हैं। अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कर व्यवस्था को और सरल बनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि इन छूट कि समीक्षा कर इसे और युक्ति संगत बनाया जाएगा।


नयी आयकर दरों के चलते अब मध्यमवर्ग आयकर में अधिक बचत कर सकेगा, जिससे उसके खर्च करने की क्षमता में भी इजाफा होगा।

स्टार्टअप और एमएसएमई

सरकार ने स्टार्टअप के लिए कराधान के बोजह को कम करने की दिशा में बड़ी बड़ी घोषणा की है। सरकार के अनुसार 25 करोड़ तक का कारोबार करने वाले स्टार्टअप के लिए लगातार 3 निर्धारण वर्षों के लिए लाभ में 100 प्रतिशत की कटौती की अनुमति दी है। बजट के दौरान वित्तमंत्री ने इस सीमा को बढ़ाकर 100 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।


एमएसएमई के लिए सरकार ने लेखा परीक्षा के लिए कुल कारोबार की सीमा को 5 गुना बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह सीमा 1 करोड़ से बढ़कर अब 5 करोड़ हो जाएगी।

जीएसटी व सीमा शुल्क

सरकार 1 अप्रैल 2020 से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आसान प्रक्रिया लागू करने जा रही है। इसी के साथ भारत ने सीमा शुल्क के संदर्भ सीमा पार व्यापार क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। भारत इस क्षेत्र में 146वें स्थान से बढ़कर 68वें स्थान पर आ गया है।


मुक्त व्यापार समझौते के जरिये भारत में आयात बढ़ा है, हालांकि मुक्त व्यापार समझौते के अनुचित दावे घरेलू उद्योगों के लिए खतरा बना रहे हैं।