Byju’s पर सरकार की सख्ती, ऑडिटेड अकाउंट्स की फाइलिंग में देरी पर मांगा जवाब

देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप Byju’s की कुल वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर (17.58 खरब रुपये) है. सोर्सेज के अनुसार, Byju’s के अगले हफ्ते तक ऑडिटेड फाइनेंशिय रिपोर्ट फाइल करने की उम्मीद है.

Byju’s पर सरकार की सख्ती, ऑडिटेड अकाउंट्स की फाइलिंग में देरी पर मांगा जवाब

Friday August 26, 2022,

3 min Read

2500 करोड़ रुपये की फंडिंग गायब होने के आरोपों का सामना कर रही एडटेक यूनिकॉर्न से कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने जवाब मांगा है कि उसने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए अपनी ऑडिट रिपोर्ट अभी तक क्यों फाइल नहीं की है. यह जानकारी ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है.

इस महीने की शुरुआत में, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने बायजू की मूल कंपनी को एक पत्र भेजकर ऑडिटेड अकाउंट्स को दाखिल करने में 17 महीने की देरी का जवाब देने के लिए कहा था.

देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप BYJU'S की कुल वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर (17.58 खरब रुपये) है. सोर्सेज के अनुसार, Byju’s के अगले हफ्ते तक ऑडिटेड फाइनेंशिय रिपोर्ट फाइल करने की उम्मीद है.

रिपोर्ट के अनुसार, Byju’s ने MCA को बताया था कि फाइलिंग में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के दौरान अधिग्रहित की गई कंपनियों के खातों को इकट्ठा करने में देरी हो रही है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अनलिस्टेड कंपनी को वित्तीय वर्ष के अंत के सात महीनों के भीतर अपना फाइनेंशिलय अकाउंट दाखिल करना होता है. इस समयावधि के बाद उन्हें प्रत्येक दिन की देरी के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा. फाइनेंशिलय अकाउंट को दाखिल करने में अत्यधिक देरी के मामले में, फर्म और उसके निदेशक जुर्माना के साथ-साथ अभियोजन के लिए उत्तरदायी हैं. दो साल से अधिक की देरी होने पर मुकदमा दायर किया जाता है.

बता दें कि, 17 मार्च को बायजू ने घोषणा की थी कि उसने सुमेरु वेंचर्स, वित्रुवियन पार्टनर्स और ब्लैकरॉक से 800 मिलियन डॉलर (6,401 करोड़ रुपये) जुटाए हैं. कंपनी के संस्थापक और सीईओ बायजू रवींद्रन ने इस फंडरेज में 40 करोड़ डॉलर (3,200 करोड़ रुपये) का निजी निवेश किया था.

हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में बायजू की फंडिंग गायब होने का दावा किए जाने के बाद जुलाई में कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने देश के फ्रॉड रेगुलेटर को पत्र लिखकर देश की दिग्गज एडटेक कंपनी BYJU'S के फाइनेंसेस की जांच करने की मांग की. चिदंबरम ने इस साल मार्च में एडटेक डेकॉर्न द्वारा सुमेरु वेंचर्स, वित्रुवियन पार्टनर्स और ब्लैकरॉक की भागीदारी के साथ बायजू के संस्थापक और सीईओ बायजू रवींद्रन से जुटाए गए 800 मिलियन डॉलर के फंडिंग राउंड का हवाला दिया.

चिदंबरम ने एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वित्रुवियन पार्टनर्स को 571 करोड़ रुपये का सीरिज-एफ के प्रिफरेंशियल शेयर आवंटित किए गए थे. हालांकि, मार्च में फंडिंग की घोषणा के बाद सुमेरू वेंचर्स या ब्लैकरॉक द्वारा ऐसी कोई फाइलिंग नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इससे कंपनी की फंडिंग में 2500 करोड़ रुपये गायब होने का सवाल उठता है.

इसके साथ ही उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि Byju’s ने कहा है कि पिछले साल अक्टूबर में ऑक्सशॉट कैपिटल पार्टनर्स से हुए करार के बाद भी उसे अभी तक 1,200 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है. उन्होंने भी फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए बायजू द्वारा अपनी कॉस्ट ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न करने का मामला उठाया था. उन्होंने कहा था कि यह कंपनी (कॉस्ट रिकॉर्ड और ऑडिट) नियम, 2014 के नियम 6 (5) का साफ तौर पर उल्लंघन है.

बायजू ने 2019-20 के लिए 2,434 करोड़ रुपये का रिवेन्यू दर्ज किया था, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 81 प्रतिशत अधिक है. कंपनी ने 2019-20 में 51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था. यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 152 प्रतिशत अधिक है.


Edited by Vishal Jaiswal