MP कार्ति चिदंबरम ने BYJU’s पर लगाए गंभीर आरोप, फ्रॉड रेगुलेटर से जांच की मांग की

कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि मैंने सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को पत्र लिखकर बायजूस के फाइनेंसेस को देखने के लिए कहा है. इसमें एक विस्तृत जांच शुरू किए जाने की आवश्यकता है.

MP कार्ति चिदंबरम ने BYJU’s पर लगाए गंभीर आरोप, फ्रॉड रेगुलेटर से जांच की मांग की

Friday July 22, 2022,

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कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने देश के फ्रॉड रेगुलेटर को पत्र लिखकर देश की दिग्गज एडटेक कंपनी BYJU'S के फाइनेंसेस की जांच करने के लिए कहा है. कार्ति ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी कि उन्होंने पत्र लिखा है.

कार्ति ने ट्वीट कर कहा कि मैंने सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को पत्र लिखकर बायजूस के फाइनेंसेस को देखने के लिए कहा है. इसमें एक विस्तृत जांच शुरू किए जाने की आवश्यकता है.

कार्ति ने ट्वीट के साथ अपना पत्र भी शेयर किया है. पत्र में उन्होंने उन न्यूज रिपोर्ट्स के बारे में बताया है जिनमें कंपनी के फाइनेंसेस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने इस मामले में तीन मुख्य मुद्दों पर SFIO से तत्काल ध्यान देने की मांग की है.

चिदंबरम ने इस साल मार्च में एडटेक डेकॉर्न द्वारा सुमेरु वेंचर्स, वित्रुवियन पार्टनर्स और ब्लैकरॉक की भागीदारी के साथ बायजू के संस्थापक और सीईओ बायजू रवींद्रन से जुटाए गए 800 मिलियन डॉलर के फंडिंग राउंड का हवाला दिया.

चिदंबरम ने एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वित्रुवियन पार्टनर्स को 571 करोड़ रुपये का सीरिज-एफ के प्रिफरेंशियल शेयर आवंटित किए गए थे.

हालांकि, मार्च में फंडिंग की घोषणा के बाद सुमेरू वेंचर्स या ब्लैकरॉक द्वारा ऐसी कोई फाइलिंग नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इससे कंपनी की फंडिंग में 2500 करोड़ रुपये गायब होने का सवाल उठता है.

दूसरा मुद्दा जो उन्होंने बताया वह पिछले साल अक्टूबर में ऑक्सशॉट कैपिटल पार्टनर्स से 1,200 करोड़ रुपये की फंडिंग से संबंधित थहै. नौ महीने बाद और बायजू ने पुष्टि की है कि उसे अभी तक निवेशक से यह धन प्राप्त नहीं हुआ है.

तीसरा मुद्दा फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए बायजू द्वारा अपनी कॉस्ट ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न करने से संबंधित है. 2 जुलाई, 2022 की एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, बायजू ने अभी तक अपने ऑडिटर डेलॉइट से फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए अपने वित्तीय विवरणों का ऑडिट नहीं कराया है, और मंत्रालय को कॉस्ट ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने में अधिक समय लगेगा. यह कंपनी (कॉस्ट रिकॉर्ड और ऑडिट) नियम, 2014 के नियम 6 (5) का साफ तौर पर उल्लंघन है.

बता दें कि, अपने फाइनेंस की ऑडिट के साथ मार्च की फंडिंग राउंड फाइल करने में देरी के कारण पिछले कुछ महीनों से बायजू सवालों के घेरे में है. वहीं, फंडिंग में कमी के बीच कंपनी ने अच्छी खासी संख्या में अपनी सहायक कंपनियों के कर्मचारियों की छंटनी कर दी है.

इस महीने की शुरुआत में, मार्च फंडिंग राउंड पर सफाई देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया था कि बायजू को सुमेरु वेंचर्स और ऑक्सशॉट कैपिटल पार्टनर्स से 250 मिलियन डॉलर अभी नहीं मिल पाए हैं.

इस बीच, एडटेक सेक्टर में सबसे बड़े अधिग्रहण के तहत बायजू ने अमेरिकी एडटेक कंपनी 2U को 2.4 अरब डॉलर में अधिग्रहण करने का प्रस्ताव रखा है. चिदंबरम ने अपने पत्र में इसे भी उजागर किया है.