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क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग के मामले में लगातार चौथी बार भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बना हैदराबाद

देश का नंबर वन शहर बना हैदराबाद...

क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग के मामले में लगातार चौथी बार  भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बना हैदराबाद

Friday March 23, 2018 , 4 min Read

मर्सर की क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग के मानकों पर तैयार की गई रैंकिंग में इस साल भी हैदराबाद ने भारत के सभी शहरों को पीछे छोड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया है। भारत के हैदराबाद शहर ने लगातार चौथी बार यह कारनाम कर दिखाया है।

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मर्सर का सर्वे ग्लोबल स्तर पर काफ़ी प्रतिष्ठित है। मल्टीनैशनल कंपनियां और अन्य बड़े संगठन अपने कर्मचारियों को इंटरनैशनल प्रोजेक्ट्स पर भेजने से पहले इस तरह के सर्वे को ध्यान में रखते हैं। सरकारी एजेंसियां और नगरीय इकाईयां भी इस सर्वे की मदद से अपने शहर की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास करते हैं।

मर्सर की क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग के मानकों पर तैयार की गई रैंकिंग में इस साल भी हैदराबाद ने भारत के सभी शहरों को पीछे छोड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया है। भारत के हैदराबाद शहर ने लगातार चौथी बार यह कारनाम कर दिखाया है। ग्लोबल रैकिंग में हैदराबाद, पुणे के साथ 142वें नंबर पर है। पिछले साल हैदराबाद 144वें नंबर पर था और पुणे ने 151वां स्थान हासिल किया था। आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं, दोनों ही शहरों में क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग बेहतर हुई है।

जहां एक तरफ़ लोअर क्राइम रेट और मौसम हैदराबाद के पक्ष में गए, वहीं पुणे को अच्छी हाउसिंग सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों के लिए बेहतर कन्ज़्यूमर गुड्स की उपलब्धता का फ़ायदा मिला। कंपनी ने बताया कि इस सूची को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से सितंबर से नवंबर 2017 के बीच के डेटा का विश्लेषण किया गया।

इन मानकों पर होता है विश्लेषण

मर्सर का सर्वे ग्लोबल स्तर पर काफ़ी प्रतिष्ठित है। मल्टीनैशनल कंपनियां और अन्य बड़े संगठन अपने कर्मचारियों को इंटरनैशनल प्रोजेक्ट्स पर भेजने से पहले इस तरह के सर्वे को ध्यान में रखते हैं। सरकारी एजेंसियां और नगरीय इकाईयां भी इस सर्वे की मदद से अपने शहर की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास करते हैं। मर्सर के सर्वे में शहरों की क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग को परखने के 39 कारकों (फ़ैक्टर्स) की मदद ली जाती है, जो 10 श्रेणियों में विभाजित होते हैं। इन मानकों में राजनैतिक और सामाजिक वातावरण. आर्थिक वातावरण, मेडिकल सुविधाओं की स्थिति, स्कूल और शिक्षा, पब्लिक सर्विस और यातायात, हाउसिंग आदि महत्वपूर्ण हैं। मर्सर 130 देशों में ऑपरेट कर रही है। कंपनी के कर्मचारी 44 देशों में मौजूद हैं।

किन वजहों से हैदराबाद पहुंचा टॉप पर?

शहर में बाक़ी शहरों से बेहतर मौसम है और यहां पर आपराधिक दर (क्राइम रेट) भी अन्य शहरों से कम है। वहीं दूसरी तरफ़ पुणे पिछले दो सालों से लगातार अपनी रैंकिंग में सुधार कर रहा है और निरंतर क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग में सुधार कर रहा है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, रैंकिंग निर्धारित करने वाले मानकों पर पुणे और हैदराबाद दोनों ही ने लगभग न करे बराबर परिवर्तन किया है, लेकिन फिर भी उनकी रैंकिंग में सुधार हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी रैंकिंग में यह सुधार, दूसरे शहरों के परफ़ॉर्मेंस को ध्यान में रखता हुआ है।

भारत के सभी शहरों में राजधानी दिल्ली, 162वें स्थान के साथ सबसे पीछे है। पिछले तीन सालों से लगातार दिल्ली भारतीय शहरों की सूची में पीछे ही रहा है। इस स्थिति की सबसे प्रमुख वजहों में से एक है, यहां का वातावरण और ट्रैफ़िक।

भारत के अन्य प्रमुख शहरों में शामिल बेंगलुरु 149वें स्थान पर, चेन्नई 151वें, मुंबई 144वें और कोलकाता 160वें स्थान पर रहे। पिछली साल की अपेक्षा बेंगलुरु ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है और 177वें स्थान पर बेहतर होकर 149वें पायदान पर जगह पाई। पिछले साल भारतीय शहरों में बेंगलुरु की स्थिति सबसे ख़राब थी।

विश्व के सबसे बेहतर शहर कौन से?

ऑस्ट्रिया के वियाना को सर्वश्रेष्ठ स्थान मिला है। वियाना ने लगातार 9वीं बार यह मुकाम हासिल किया है। यूरोपियिन देशों ने क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग के मामले में इस बार भी बाज़ी मारी है।

न्यूज़ मिनट के अनुसार, ब्रेग्ज़िट की वजह से यूरोप के राजनैतिक और आर्थिक परिदृश्य में अस्थिरता आई, लेकिन इसके बावजूद इसके अधिकतर शहर अभी भी सबसे उम्दा क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग मुहैया करा रहे हैं और पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

वियाना के बाद ज्यूरिख़ दूसरे नंबर पर है और ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) तीसरे नंबर पर। जर्मनी के म्यूनिख ने चौथा स्थान पाया है। नॉर्थ अमेरिका के शहरों में कनाडा के वैनकॉवर ने बाज़ी मारी है और ग्लोबल रैंकिंग में पांचवां स्थान पाया है।

यह मर्सर का 20वां क्वॉलिटी ऑफ़ लिविंग सर्वे है। इस साल मर्सर ने ख़ासतौर पर सैनिटेशन के लिए एक अलग सर्वे की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत शहर के वेस्ट रिमूवल, सीवेज इन्फ़्रास्ट्रक्चर, बीमारियों का स्तर, हवा का प्रदूषण, पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता के मानकों पर शहरों को परखा जाता है। इस रैंकिंग में होनोलूलू को सर्वश्रेष्ठ स्थान मिला है। हेलसिन्की और ओटावा को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला है।

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