CCI की 8 MSMEs को चेतावनी, अनुचित व्यापार गतिविधियों से रहें दूर; पूर्वी रेलवे के एक टेंडर से जुड़ा है मामला

By yourstory हिन्दी
October 12, 2022, Updated on : Wed Oct 12 2022 08:50:27 GMT+0000
CCI की 8 MSMEs को चेतावनी, अनुचित व्यापार गतिविधियों से रहें दूर; पूर्वी रेलवे के एक टेंडर से जुड़ा है मामला
नियामक की जांच इकाई ने पाया कि कंपनियां 2015 से 2019 के दौरान साठगांठ में शामिल थीं.
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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मंगलवार को 8 कंपनियों और उनके कुछ अधिकारियों को अनुचित व्यापार गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया है. ये कंपनियां- कृष्णा इंजीनियरिंग वर्क्स, चंद्रा ब्रदर्स, रामा इंजीनियरिंग वर्क्स, श्रीगुरु मेल्टर्स एंड इंजीनियर्स, चंद्रा उद्योग, जनार्दन इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, जय भारत इंडस्ट्रीज और वी के इंजीनियरिंग हैं. हालांकि, आयोग ने भारतीय रेलवे के टेंडर में साठगांठ को लेकर उन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया.


कंपनियों पर यह आरोप था कि पूर्वी रेलवे (Eastern Railways) की एक्सल बियरिंग्स के लिए निकाले गए टेंडर में उन्होंने एक समान बोलियां लगाईं. नियामक की जांच इकाई ने पाया कि कंपनियां 2015 से 2019 के दौरान साठगांठ में शामिल थीं. चूंकि ये इकाइयां सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्यम थे, इसलिए प्रतिस्पर्धा आयोग ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कोई भी जुर्माना नहीं लगाने का निर्णय किया. लेकिन इन्हें अनुचित व्यापार गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया है.

जुर्माना लगाने से संकट में आ जाएंगी ये कंपनियां

अपने आदेश में, CCI ने कहा कि भारत में MSME क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पहले से ही तनाव में है और यह इंडस्ट्री कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से उत्पन्न आर्थिक स्थिति के प्रभाव से जूझ रही है. ऐसी स्थिति में, अगर इन फर्मों पर कोई जुर्माना लगाया जाता है, तो यह इन फर्मों को आर्थिक रूप से अव्यवहारिक बना सकता है. इनमें से कुछ कंपनियां बाजार से बाहर हो सकती हैं और प्रतिस्पर्धा को और कम कर सकती हैं.

8 फर्मों में से दो के प्रतिनिधियों ने स्वीकारी मिलीभगत

CCI के अनुसार, 8 फर्मों में से दो के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर और मिलीभगत से सभी एंटिटीज द्वारा किए गए प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण को स्वीकार किया. उन्होंने कार्टेल में काम करने के तौर-तरीकों का भी खुलासा किया था. एक विज्ञप्ति में, CCI ने कहा कि यह किसी भी मौद्रिक दंड को लागू करने से परहेज करता है क्योंकि फर्म, सीमित कर्मचारियों और टर्नओवर वाले MSME हैं. इसके अलावा उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और सांठगांठ में अपनी भूमिका को स्वीकारा.



Edited by Ritika Singh