इस सेलिब्रिटी को आखिर किससे है जान का खतरा!

By जय प्रकाश जय
June 20, 2018, Updated on : Thu Sep 05 2019 07:15:18 GMT+0000
इस सेलिब्रिटी को आखिर किससे है जान का खतरा!
साक्षी धोनी ने पिस्टल के लिए क्यों मांगा लाइसेंस? कहा जान का खतरा...
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झारखंड के जिस आलीशान फॉर्म हाउस में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी अपने पूरे परिवार के साथ रहते हैं, चौबीसो घंटे वहां पुलिस पिकेट का खास पहरा रहता है, धोनी के पास खुद के आर्म का लाइसेंस है। इसके बावजूद उनकी पत्नी साक्षी अपनी जान का खतरा बताती हुई शस्त्र लाइसेंस मांग रही हैं। छानबीन के बावजूद उनका आवेदनपत्र इन दिनो पुलिस दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। साक्षी को आखिर किससे जान का खतरा है, इस सवाल पर पुलिस प्रशासन के लोग चुप्पी साध ले रहे हैं।

साक्षी धोनी (फोटो साभार- ट्विटर)

साक्षी धोनी (फोटो साभार- ट्विटर)


 साक्षी ने पिस्टल या फिर 0.32 रिवॉल्वर के लिए आवेदन दिया है। मजिस्ट्रेट ने उनके आवेदन को अरगोड़ा थाने को विचार के लिए भेज दिया है। इन दिनो साक्षी की दरख्वास्त सरकारी फार्मेल्टी में पुलिस एवं प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। 

महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी को आखिर किससे जान का खतरा है! वह रांची प्रशासन से आर्म्स लाइसेंस मांग रही हैं। वह पिस्टल लेना चाहती हैं। गौरतलब है कि धौनी के पास पहले से खुद का आर्म्स लाइसेंस है। वर्ष 2008 में किसी जरायम ने महेंद्र सिंह धौनी से पचास लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। इसकी डोरंडा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद उन्होंने आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया तो उन्हें हथियार रखने की इजाजत तो मिल गई, लेकिन इसके लिए उनको काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उनका आवेदन केंद्र को भेजा गया था और वहां से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें शस्त्र खरीदने की इजाजत मिली थी। रांची जिला प्रशासन ने गृह मंत्रालय को आवेदन भेजने से पहले धोनी से उनका चरित्र प्रमाण पत्र भी मांगा था।

रातू थानाक्षेत्र में धोनी के दलादली स्थित आवास पर अत्याधनिुक हथियारों से लैस सात गार्ड्स तैनात रहते हैं। रातू के थानेदार का कहना है कि साक्षी जब बाहर निकलती हैं तो वह थाने को इसकी जानकारी देती हैं। वैसे भी गश्ती गाड़ी उनके आवास के चक्कर लगाती रहती है। गौरतलब है कि आगामी तीन जुलाई से टीम इंडिया का इंग्लैड दौरा शुरू हो रहा है। भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट, तीन वनडे और इतने ही टी-20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत के क्रिकेट सीरीज की शुरुआत ओल्ड ट्रेफर्ड में टी-20 मैच के साथ होनी है। महेंद्र सिंह धोनी इस दौरान पूरे वक्त इंग्लैंड में रहेंगे। उससे पहले साक्षी का अपनी जान को खतरा बताना पुलिस प्रशासन के लिए भी हैरानी का सबब बन गया है।

धोनी धर्मपत्नी साक्षी ने मजिस्ट्रेट से आवेदन करते हुए बताया है कि वह घर में अकेली रहती हैं और निजी कामों के लिए उन्हें अकेले इधर-उधर भी जाना पड़ जाता है। उस वक्त उनको अपनी जान का खतरा महसूस होता है। अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें हथियार रखना पड़ेगा। उन्हें हथियार खरीदने की इजाजत दी जाए। साक्षी ने पिस्टल या फिर 0.32 रिवॉल्वर के लिए आवेदन दिया है। मजिस्ट्रेट ने उनके आवेदन को अरगोड़ा थाने को विचार के लिए भेज दिया है। इन दिनो साक्षी की दरख्वास्त सरकारी फार्मेल्टी में पुलिस एवं प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। मजिस्ट्रेट ने साक्षी के आवेदन पर जांच करने का दायित्व भी थाने को ही सौंपा है, जबकि थाने से जांच रिपोर्ट हटिया डीएसपी को भेज दी गई है। वहां से आगे की जांच के लिए आवेदन पत्र एसपी सिटी, फिर एसएसपी कार्यालय भेजा गया है। फिलहाल, जांच में पता चला है कि साक्षी के खिलाफ कोई केस नहीं चल रहा है। साक्षी ने अपने आवेदनपत्र में कहा है कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके, पिस्टल या रिवॉल्वर खरीदने का लाइसेंस दे दिया जाए। 'जितना जल्दी हो सके', इस बात के गंभीर मायने निकाले जा रहे हैं।

महेंद्र सिंह धोनी के झारखंड आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाते हैं। एक ज़माना था, जब धोनी को उनकी सुरक्षा के लिए महिला कमांडो दिए गए थे लेकिन वर्ष 2014 में उनकी 'ज़ेड' श्रेणी सुरक्षा घटाकर 'वाई' श्रेणी कर दी गई थी। इस पर धोनी के प्रशंसकों ने काफी नाराज़ी जताई थी। महेंद्र सिंह धोनी फैंस क्लब ने राज्य सरकार के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की धमकी दी थी। उस वक्त उनकी सुरक्षा में लगे चार निजी सुरक्षा अधिकारियों में से सिर्फ दो ही रह गए थे, जबकि पांच पुलिसकर्मियों की संख्या जस की तस रही। जब उनको विशेष सुरक्षा दी गई थी, समीक्षा में धोनी को किसी संभावित ख़तरे के अपेक्षित संकेत नहीं मिले थे। धोनी को अपना शुरुआती घरेलू जीवन मामूली स्थितियों में बिताना पड़ा था। वह पहले हरमू रोड स्थित अपने घर में रहते थे। उससे पहले उनका वक्त मैकोन कॉलोनी के मामूली मकानों में बीता था।

क्रिकेट करियर में कामयाबी के बाद उन्होंने सबसे पहले हरमू रोड पर तीन मंजिला मकान खरीदा था। वहां वो आठ साल रहे। वहां से वर्ष 2017 में वह अपने नवनिर्मित 'कैलाशपति' फार्म हाउस में आकर रहने लगे। आज वह भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के सबसे धनी खिलाड़ियों में शुमार हैं। इंग्लैंड दौरे से पहले वह अपनी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ अपने रांची के फार्म हाउस 'कैलाशपति' में ही वक्त बिता रहे हैं। ये फार्म हाउस सात एकड़ में फैला है। यह फार्म हाउस खूब सजा-धजा सा रहता है। धोनी अपना खाली वक्त इसी फार्म हाउस में बिताते हैं। टीम इंडिया के लगभग सभी क्रिकेटर इस फार्म हाउस का लुत्फ उठा चुके हैं। यह भव्य फार्म हाउस तीन साल में तैयार हुआ था। फार्म हाउस में इंडोर स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, नेट प्रैक्टिसिंग मैदान, अल्ट्रा मार्डन जिम आदि की व्यवस्था है। वुडन और मार्बल वाला ये फार्म हाउस काफी हरा-भरा रहता है। उसमें तरह-तरह के पेड़-पौधे हैं, साथ ही उनकी पसंदीदा गाड़ियां और बाइकों वाली पार्किंग की भी व्यवस्था है। लॉन में विदेशी कुत्ते चौकसी करते रहते हैं। धोनी उनके साथ अक्सर खेलते रहते हैं।

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