भारत में स्टार्टअप सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह का पहला 'इनोवेशन वीक' आयोजित करेगा केंद्र

सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम में स्टार्टअप, इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, मेंटर्स, वेंचर कैपिटल (वीसी) फंड, निवेशक, सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम), कॉरपोरेट्स, छात्र, उद्यमी, इकोसिस्टम एनेबलर्स, सरकारी अधिकारी आदि शामिल होंगे।

भारत में स्टार्टअप सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह का पहला 'इनोवेशन वीक' आयोजित करेगा केंद्र

Monday December 13, 2021,

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आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम "सेलिब्रेटिंग इनोवेशन इकोसिस्टम" का आयोजन करेगा जो जनवरी 2022 में प्रस्तावित है। DPIIT के सचिव अनुराग जैन ने उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना की समीक्षा की। यह आयोजन स्टार्टअप इंडिया पहल के शुभारंभ की छठी वर्षगांठ के अवसर पर होगा।


इस नवाचार सप्ताह का मुख्य उद्देश्य देश के प्रमुख स्टार्टअप, उद्यमियों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और अन्य राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों को नवाचार और उद्यमिता पर विशेष रूप से आयोजित कार्यक्रम के लिए एक साथ लाना और स्टार्टअप परितंत्र के विकास के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञान का आदान-प्रदान करना होगा।


इस पहल से युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित करने और उद्यमशीलता परितंत्र की क्षमता विकसित करने में बल मिलेगा। नवाचार सप्ताह स्टार्टअप्स को बाजार पहुंच के अवसर प्रदान करने में मदद करेगा और स्टार्टअप्स में निवेश के लिए वैश्विक और घरेलू पूंजी जुटाने में मदद करेगा। इस आयोजन में भारत के उच्च गुणवत्ता, उच्च प्रौद्योगिकी और कम खर्चीले नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा।

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दुनिया भर के सर्वोत्तम स्टार्टअप्स तंत्रों से अच्छी प्रथाओं पर विचार-विमर्श करने के अलावा सत्रों को भारत में नवाचार के आधार पर उद्यमिता के प्रसार और गहराई को प्रदर्शित करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा।


सप्ताह भर चलने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम में विशिष्ट विषयों के साथ आयोजित गतिविधियां शामिल होंगी। इसमें संभावित विषय अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव, बाजार पहुंच और इनक्यूबेशन सपोर्ट, स्टार्टअप को वित्त पोषण सहायता आदि हैं और ये नवाचार जीवन चक्र के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करेंगे।


सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम में स्टार्टअप, इनक्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, मेंटर्स, वेंचर कैपिटल (वीसी) फंड, निवेशक, सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम), कॉरपोरेट्स, छात्र, उद्यमी, इकोसिस्टम एनेबलर्स, सरकारी अधिकारी आदि शामिल होंगे।


इस आयोजन में चुनिंदा स्टार्टअप्स (DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स, नेशनल स्टार्टअप अवार्ड्स फाइनलिस्ट, स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स द्वारा समर्थित स्टार्टअप्स, भारत सरकार के मंत्रालयों / राज्यों के लाभार्थी स्टार्टअप्स सहित) के लिए एक समर्पित प्रदर्शनी क्षेत्र होगा। एआईएम नीति आयोग, डीएसटी, डीबीटी, एमईआईटीवाई, DPIIT, इन्वेस्ट इंडिया और अन्य जैसी साझेदार एजेंसियों के सहयोग से कार्यक्रम में सलाह और इन्क्यूबेशन सपोर्ट भी प्रदान किया जाएगा।


विभिन्न क्षेत्रों और चरणों में स्टार्टअप्स (एनएसए फाइनलिस्ट और स्टार्टअप इंडिया शोकेस से चुनिंदा स्टार्टअप) के लिए कई पिचिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उन्हें कुछ प्रमुख निवेशकों और कॉरपोरेट्स के सामने अपने नवाचार पेश करने का अवसर मिलेगा।


नवाचार सप्ताह के दौरान विभिन्न सत्रों का प्रस्ताव है ताकि अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव और बाजार पहुंच के लिए हितधारकों को और सक्षम बनाया जा सके। अपने स्टार्टअप परिदृश्य को विश्व पटल पर लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे सर्वोत्तम अभ्यासों को उजागर करने वाली प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, निवेश और इसमें तेजी लाने वाले माहौल के भीतर के दिग्गजों के साथ कार्यशालाओं में उनकी वैश्विक यात्रा, उस दौरान सीखी गई प्रमुख बातें और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर उनकी अंतर्दृष्टि पर चर्चा होगी। वैश्विक बाजार में प्रवेश करने के लिए रणनीतियों और तरीकों पर बल देते हुए एक फायरसाइड चैट भी आयोजित की जाएगी।

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प्रदर्शनी क्षेत्र में इनोवेशन लैब स्थापित करने के लिए कॉरपोरेट्स को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए कुछ प्रौद्योगिकियों के कार्यशील-मॉडल प्रदर्शित करने का प्रस्ताव है। वहां मौजूद लोगों के लिए संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आदि जैसी नवीन तकनीकों का अनुभव करने के लिए कार्यक्रम में क्षेत्रों / सत्रों को आवंटित किया जाएगा।


कार्यशालाओं, प्रस्तुतियों, पिचिंग और रिवर्स पिचिंग, पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट, अनुभव साझा करने आदि जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम पहचाने गए विषयों पर आधारित होंगे और इनका संचालन एक या एक से अधिक प्रमुख वक्ताओं से कराया जाएगा। सत्र वर्चुअल और/या भौतिक मोड में आयोजित किए जाएंगे और स्टार्टअप इंडिया सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से लाइवस्ट्रीम किए जाएंगे।


कॉरपोरेट कनेक्ट प्रोग्राम का उद्देश्य स्टार्टअप्स को विशिष्ट समस्याओं के लिए नवीन समाधान प्रदान करने के लिए 5 प्रमुख कॉरपोरेट्स के साथ काम करने का अवसर प्रदान करना है। उच्च स्तरीय डोमेन विशेषज्ञों, इनक्यूबेटर और निवेशक नेटवर्क आदि से युक्त एक पैनल एक मजबूत प्रक्रिया के माध्यम से स्टार्टअप्स के सबसे बेहतरीन सेट को शॉर्टलिस्ट करेगा।


वाणिज्य और उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में एक नियामक गोलमेज सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों, कोषों, अन्य नियामकों और स्टार्टअप्स के दिग्गजों को महत्वपूर्ण नियामक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा जो स्टार्टअप तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।