'मेक इन इंडिया': चेन्नई की MSME ने बनाया UAE के पहले चंद्रयान का पूरा स्ट्रक्चर, 11 दिसंबर को हुई रवानगी

STAC कंपोजिट्स विनिर्माता है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए इंजीनियर्ड कंपोजिट उत्पाद मुहैया कराती है.

'मेक इन इंडिया': चेन्नई की MSME ने बनाया UAE के पहले चंद्रयान का पूरा स्ट्रक्चर, 11 दिसंबर को हुई रवानगी

Monday December 19, 2022,

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 11 दिसंबर 2022 को अपना पहला चंद्रयान रवाना किया. यह तारीख व क्षण केवल अरब के लिए ऐतिहासिक नहीं था, बल्कि चेन्नई के एक एमएसएमई ST Advanced Composites (STAC) के लिए भी ऐतिहासिक था. इस प्रक्षेपण ने एसटीएसी के दो साल के लंबे प्रयास के परिणाम को भी चिह्नित किया क्योंकि इसी कंपनी को चंद्र रोवर के लिए मैन्युफैक्चरिंग और प्रमुख संरचनात्मक पार्ट्स की आपूर्ति का काम सौंपा गया था.

STAC कंपोजिट्स विनिर्माता है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए इंजीनियर्ड कंपोजिट उत्पाद मुहैया कराती है. कंपनी मुख्य रूप से रक्षा और एयरोनॉटिकल इंडस्ट्रीज के लिए धातु और कार्बन फाइबर जैसे एडवांस्ड कंपोजिट मैटेरियल्स में पुर्जे बनाती है. कंपनी की शुरुआत 2014 में हुई थी. इसकी टीम में प्राकृतिक, कांच, कार्बन और केवलर फाइबर का उपयोग करके डिजाइन असिस्टेंस, मैटेरियल सिलेक्शन कंसल्टेशन और एडवांस्ड कंपोजिट मैटेरियल्स की मैन्युफैक्चरिंग की पेशकश में विशेषज्ञ शामिल हैं. यह ऑन-साइट विनिर्माण सुविधा के साथ एक व्यापक वन-स्टॉप कंपोजिट शॉप के रूप में उभरी है, जो डिजाइन आवश्यकताओं को शुरू से अंत तक पूरा करती है.

न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट में STAC के डायरेक्टर डॉ. देवेन्द्रन थिरूनावुकारासु के हवाले से कहा गया कि STAC ने इसरो और डीआरडीओ के लिए प्रॉजेक्ट किए हैं. इसके अलावा कुछ वैश्विक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए भी प्रॉजेक्ट किए हैं, जिनमें ब्रिटेन की एक कंपनी भी शामिल है. हालांकि, राशिद का स्ट्रक्चर बनाना एक डिमांडिंग प्रोजेक्ट साबित हुआ. कंपनी के अनुसंधान और डिजाइन फोकस ने STAC को संयुक्त अरब अमीरात का विश्वास जीतने में मदद की और उनकी अत्यधिक संतुष्टि के लिए एंड टू एंड सॉल्युशंस प्रदान किए.

रशीद रोवर है चंद्रयान का नाम

यूएई के पहले चंद्रयान का नाम रशीद रोवर रखा गया. इसके लिए लैंडर Hakuto-R का निर्माण जापान ने किया. SpaceX के Falcon 9 रॉकेट ने अमेरिका के फ्लोरिडा से 11 दिसंबर को उड़ान भरी. यूएई के रोवर के चेन्नई कनेक्शन से रक्षा व एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भारत के मेक इन इंडिया मूवमेंट को और एयरोस्पेस प्रॉडक्ट्स के मामले में निकट भविष्य में देश के ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की उम्मीदों को बल मिलने की संभावना है. 10 किलो से थोड़ा कम वजनी, राशिद रोवर अरब दुनिया का पहला चंद्र रोवर है. इसकी परिकल्पना संयुक्त अरब अमीरात की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी, मोहम्मद बिन राशिद अंतरिक्ष केंद्र द्वारा की गई है.

कैसे चुना गया STAC को

यह देखते हुए कि रोवर का स्ट्रक्चर बनाने में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल का वजन, शक्ति और विश्वसनीयता, चंद्र मिशन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है, यूएई की अंतरिक्ष एजेंसी ने आवश्यक विशेषज्ञता वाली कंपनी की पहचान करने के लिए दुनिया भर में छानबीन की. उसकी खोज STAC पर आकर खत्म हुई और फिर कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया गया. यूएई का चंद्र रोवर चंद्रमा की सतह पर महीनों तक रहेगा और पानी की उपस्थिति और ग्रह की परीक्षण मिट्टी की स्थिति की पहचान करेगा. यह पृथ्वी से चंद्नमा तक की अपनी 385,000 किमी की यात्रा पूरी करने वाला है. ऐसे में STAC के पास इनोवेटिव कंपोजिट पार्ट्स बनाने में अपनी एक्सपर्टीज साबित करने का एक अच्छा मौका है.

Source: ANI/NewsVoir


Edited by Ritika Singh