बच्चों को स्किल, हॉबी से लेकर सेविंग्स तक करना सिखा रहे ये स्टार्टअप्स

By Upasana
November 14, 2022, Updated on : Tue Nov 15 2022 04:44:38 GMT+0000
बच्चों को स्किल, हॉबी से लेकर सेविंग्स तक करना सिखा रहे ये स्टार्टअप्स
बच्चों के लिए कोई भी स्किल या हॉबी सीखना आसान होता है. इसलिए जरूरी हो जाता है कि सही समय पर सभी चीजों की जानकारी दी जाए ताकि वो अपनी पसंद समझ सकें और उस चीज को सीख सकें. ऐसे कुछ स्टार्टअप हैं जो बच्चों को उन्हीं की भाषा में पढ़ाई-लिखाई से लेकर सेविंग्स करने के गुण सीखा रहे हैं.
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भारत के पास दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम है. सरकार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक 30 जून, 2022 तक देश में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कुल 72993 स्टार्टअप थे. इनमें से 4500 से ज्यादा स्टार्टअप इमर्जिंग टेक्नॉलजी सेक्टर जैसे कि रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, AI, एनालिटिक्स से जुड़े थे.


ये सभी स्टार्टअप अलग-अलग परेशानियों और अलग-अलग ऑडिएंस को टारगेट कर रहे हैं. आज हम जानेंगे कुछ ऐसे स्टार्टअप्स के बारे में जो स्कूली बच्चों के लिए काम कर रहे हैं. या यूं कहें जिनकी टारगेट ऑडियंस स्कूली बच्चे हैं.......

Junio

इस कैटिगरी में एक नाम आता है जूनियो(Junio) का. इसे पेटीएम के वाइस प्रेजिडेंट शंकर नाथ पेटीएम के ही एल्युमनाई अंकित गेरा के साथ मिलकर शुरू किया है. जूनिया बच्चों के लिए फोकस्ड स्मार्ट कार्ड है जो उन्हें ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन हर तरह की खरीद करने की सहूलियत देता है. यह बच्चों के लिए क्रेडिट कार्ड की तरह भी काम करता है जिसके उपयोग से बच्चे कम उम्र में ही अपनी वेल्थ के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं.


पैरंट्स ऐप के जरिए बच्चों के स्मार्ट कार्ड कंट्रोल कर सकते हैं. जो काम करवाना चाहते हैं उस टास्क के बदले उन्हें कुछ बेनेफिट ऑफर कर सकते हैं. ऐप पर इंस्टैंट फंड ट्रांसफर, नोटिफिकेशन और किसी भी समय कार्ड कैंसिल करने की सुविधा मिलती है.


इसे इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है. जूनियो ऐप पर जाकर पैरंट्स को बस कार्ड रिचार्ज करना होगा. ये अपने बच्चों को ऑनलाइन पॉकेट मनी देना जैसा है. फर्क इतना है कि पैरेंट्स बच्चों के खर्च को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे.

Piggy Ride

पिग्गी राइड बच्चों के लिए एक ई-लर्निंग प्लैटफॉर्म है, जहां वे पढ़ाई के अलावा कई अन्य तरह की एक्टिविटीज में हिस्सा ले सकते हैं. इस प्लैटफॉर्म को IIT वाराणसी से पासआउट मनीष तिवारी और IIT दिल्ली के पासआउट रोहन कौशल ने बनाया है. इस प्लैटफॉर्म पर बच्चे 10 साल से ज्यादा अनुभव वाले एक्सपर्ट और प्रोफेशनल से ट्रेनिंग ले सकते हैं. 


बच्चे डांस, मार्शल आर्ट्स, स्पोर्ट्स, सिंगिंग, हेल्थ और फिटनेस जैसे क्षेत्रों में अपने पसंद की हॉबी सीख सकते हैं. पिग्गी राइड पर सर्टिफिकेशन कोर्सेज के साथ-साथ कस्टमाइज करिकुलम भी उपलब्ध हैं.  प्लैटफॉर्म पर बच्चों को 10000 से ज्यादा लाइव ऑनलाइन क्लासेज ऑफर किए जा रहे हैं, जिस पर एक लाख से ज्यादा लर्नर हिस्सा ले रहे हैं.

Hobspace

पिग्गी राइड की तरह हॉबस्पेस भी बच्चों के लिए ऑनलाइन लर्निंग प्लैटफॉर्म है. मगर ये उनके अंदर अलग अलग तरह के स्किल डिवेलपमेंट पर फोकस करता है. ऐप पर बच्चों की मेमोरी, लॉजिकल थिंकिंग, इमैजिनेशन और क्रिएटिविटी डिवेलपमेंट के साथ उनके कंसंट्रेशन और स्कूल में उनकी परफॉर्मेंस सुधार पर काम करता है.


हॉबस्पेस को Eduk8 लर्निंग लैब्स प्राइवेट लिमिटेड चलाता है. इसे 2019 में प्रियो गोयल सेठ और हर्षित जैन ने मिलकर सुरू किया था. हॉबस्पेस स्कूलों की बिल्डिंग्स, प्लेग्राउंड, क्लबहाउसेज और कम्युनिटी सेंटर का इस्तेमाल बच्चों को अतिरिक्त एक्विविटीज सीखाने के लिए करता है.


बच्चे इनडोर एक्टिविटी से लेकर बैले, चेस और रोबोटिक्स जैसी चीजें सीख सकते हैं. हॉबस्पेस ने इसके लिए स्कूलों के साथ प्रोफेशनल्स के साथ पार्टनरशिप की है.

Ginny’s Planet

गिन्नी प्लानेट प्लैटफॉर्म के जरिए आप बच्चों से विविधता, दयालुता, सहानुभूति, अक्षमता जैसे विषयों पर बातें करने के तरीके सीख सकते हैं. जो माता-पिता चाहते हैं उनके बच्चों के अंदर ये खूबियां हों वो इस प्लैटफॉर्म की मदद से ये गुण उनके अंदर भर सकते हैं.


इसकी फाउंडर श्वेता वर्मा हैं जिन्होंने 2019 में इस प्लटैफॉर्म को शुरू किया था. प्लैटफॉर्म डायरी, कलरबुक, खिलौनों, बुकमार्क, टीशर्ट के जरिए बच्चों के अंदर ये बदलाव लाने की कोशिश करता है. बच्चों के अंदर एक समावेशी समाज के प्रति स्वीकार्यता बढ़ती है. वो अपने आस पास मौजूद सभी तरह के लोगों के प्रति दयालु बनते हैं.

KidzByte

किड्सबाइट एक ऐसा प्लैटफॉर्म है जो स्कूली बच्चों (क्लासIV-XII) को समाचार, करंट अफेयर्स, दुनिया भर में घटने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी देता है. ये सभी जानकारियां बिल्कुल आसान लहजे में पेश की जाती हैं जो बच्चों के लिए समझने में बेहद आसान होती हैं.


इसे 2018 में चेतन डिसूजा और स्वागत सालुंके ने शुरू किया था. उनके मुताबिक ये जानकारियां तो कई अन्य चैनल और वेबसाइट भी दे रहे थे मगर वो एक बच्चे के दिमाग के लिए हेल्दी नहीं थे. इसलिए दोनों ने एक ऐसा प्लैटफॉर्म बनाया जो सिर्फ बच्चों के लिए तमाम करंट अफेयर्स या ग्लोबल इवेंट्स की जानकारी देता था.


ऐप पर करियर, एजुकेशन से लेकर देश विदेश की खबरें, खेल और विज्ञान की खबरें दी जाती हैं. जिज्ञासु बच्चों के लिए ऐप पर वोकैब लैब और ब्रेन ट्रेन जैसे फीचर हैं. उसके अलावा बच्चे स्पेलिंग कॉन्टेस्ट, लॉजिक एग्जाम्स और जनरल नॉलेज ओलंपियाड में भी हिस्सा ले सकते हैं.

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