दिल्ली गुरुद्वारा ने कोरोनो रोगियों के लिए दिल्ली में तैनात कर दीं 12 मुफ्त एम्बुलेंस

By yourstory हिन्दी
July 17, 2020, Updated on : Fri Jul 17 2020 12:31:30 GMT+0000
दिल्ली गुरुद्वारा ने कोरोनो रोगियों के लिए दिल्ली में तैनात कर दीं 12 मुफ्त एम्बुलेंस
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने COVID-19 रोगियों के लिए दिल्ली-एनसीआर में 12 एम्बुलेंस तैनात की हैं।

(चित्र साभार: ANI)

(चित्र साभार: ANI)



बीते कुछ दिनों से देश भर के कोविड-19 देखभाल केंद्र और अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या में अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।


बेड, पीपीई किट, वेंटिलेटर की कमी के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के कम परीक्षण ने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को अराजकता में डाल दिया है। ऐसे समय में मरीजों को परिवहन के लिए एम्बुलेंस मिलना तक कठिन हो गया है।


ANI के अनुसार, इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) ने 14 जुलाई को दस सिख गुरुओं में से एक गुरु हरिशरण साहिब की जयंती के मौके पर COVID-19 रोगियों के लिए एक मुफ्त एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। ये एंबुलेंस पूरे दिल्ली में 12 अलग-अलग इलाकों में तैनात होंगी।


DSGMCके अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने रिपब्लिक वर्ल्ड को बताया,

"हम आने वाले दिनों में और अधिक एम्बुलेंस प्रदान करेंगे। अभी उपलब्ध 12 एम्बुलेंस सभी सुविधाओं से लैस हैं। जब तक हम COVID-19 के खिलाफ लड़ाई नहीं जीतेंगे तब तक यह उपलब्ध रहेंगी। जरूरतमंद लोग सोशल मीडिया हैंडल के जरिये पास के गुरुद्वारों से संपर्क कर सकते हैं। एम्बुलेंस 24x7 उपलब्ध होगी और यह मुफ़्त है, जिसमें ड्राइवर और वार्ड बॉय पीपीई किट पहनेंगे।"

मुश्किल समय में सिख समुदाय अक्सर सभी के लिए 'लंगर' या सामुदायिक रसोई का आयोजन करता है, जो समुदाय के लिए सभी के मन में सम्मान को और बढ़ा देता है। इसके पहले गुरुद्वारा समिति ने जून में ‘लंगर ऑन व्हील्स’ सेवा भी शुरू की थी, जिसके लिए उसने 15 वैन प्रदान की थीं।





DSGMC के महासचिव, हरमीत सिंह कालका ने द क्विंट को बताया, “चूंकि लोगों के लिए लंगर के लिए निकटतम गुरुद्वारा खोजना अव्यवहारिक था, समिति ने एक मोबाइल सुविधा स्थापित करने और उनकी सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने का फैसला किया।”


यहां तक कि अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में विदेश में रहने वाले सिखों ने भी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या और उसके बाद के ब्लैक लाइव्स मैटर्स आंदोलन में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को खिलाने के लिए सामुदायिक रसोई स्थापित की थी।


क्वींस, न्यूयॉर्क में लगभग 30 रसोइयों ने लगभग 10 सप्ताह में 1.45 लाख से अधिक भोजन तैयार किया और परोसा है।


17 जुलाई की सुबह तक दिल्ली में 3,500 से अधिक मौतों के साथ 1.18 लाख COVID-19 मामले दर्ज किए गए।