क्रिप्टो मार्केट में गिरावट के बीच क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Rooba Finance ने जुटाए 10 करोड़ रुपये

Rooba Finance के लिए यह सीड फंडिंग है. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Inflection Point Ventures (IPV) ने किया. LetsVenture, Endurance Capital, KubeVC समेत दूसरे प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स ने भी इस राउंड में भाग लिया.
0 CLAPS
0

इंस्टीट्यूशनल क्रिप्टो और डिजिटल एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म Rooba Finance ने Inflection Point Ventures (IPV) के नेतृत्व में सीड फंडिंग राउंड में 1.3 मिलियन डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपये) जुटाए हैं. इस राउंड में LetsVenture, Endurance Capital, KubeVC समेत दूसरे प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स की भी भागीदारी देखी गई. स्टार्टअप इस ताजा फंडिंग का उपयोग प्लेटफ़ॉर्म डेवलपमेंट, विदेशों में लाइसेंस प्राप्त प्लेटफ़ॉर्म शुरू करने और ग्लोबल GTM को सक्षम करने के लिए करेगा.

Rooba का सेल्फ कस्टोडियल फुल स्टैक डिजिटल एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है. यह इंस्टीट्यूट्स, फैमिली ऑफिसेज, HNIs, हेज फंड्स आदि को थ्रेसहोल्ड मल्टी पार्टी कम्प्यूटेशन बेस्ड कस्टडी नेटवर्क के जरिए अपनी डिजिटल असे्टस को सिक्योर रखने में मदद करता है. यह एक ही डैशबोर्ड पर Defi ऐप, लेयर 1 की एक बड़ी रेंज के साथ ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी बनाता है.

प्लेटफॉर्म इंस्टीट्यूट्स को कुशल और पारदर्शी बाजारों को सक्षम करने के लिए फिजिकल असेट को टोकन करने की अनुमति देता है. यह भारत से बाहर काम करने वाला पहला डिजिटल कमोडिटी और डेरिवेटिव एक्सचेंज होगा.

इस स्टार्टअप का नेतृत्व उत्साही फाउंडर श्रीनिवास एल करते हैं, जो McAfee, Research in Motion Microsoft और Samsung जैसी कंपनियों के साथ 22 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ एक क्रिप्टोग्राफ़ी और सिक्योरिटी एक्सपर्ट हैं. उनका दृष्टिकोण Rooba को सबसे सिक्योर और फास्ट नेटवर्क के रूप में स्थापित करना है ताकि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स, एंटरप्राइजेज और रिटेल कस्टमर्स Web3 इकोसिस्टम में इसे अपना सकें.

Rooba Finance के फाउंडर और सीईओ श्रीनिवास एल ने कहा, “Rooba Finance में, हम ट्रेडिशनल सिक्योरिटी, बैंकिंग, एंटरप्राइज और क्रिप्टोग्राफिक स्पेस में वर्षों के अनुभव वाले शानदार लोगों की टीम हैं. हम Web3 इकोसिस्टम को और अपनाने में सहायता के लिए सबसे लॉजिकल और फंक्शनल नेटवर्क बनाने के लिए तैयार हैं."

Inflection Point Ventures के को-फाउंडर मितेश शाह ने कहा, "भारत में क्रिप्टो और दूसरी डिजिटल असेट्स तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही है. हालांकि, इस असेट क्लास के कई इच्छुक इन्वेस्टर्स को अभी भी ऐसी असेट्स में ट्रेडिंग को समझना मुश्किल लगता है. चूंकि ये असेट्स Web3 और डिसेंट्रलाइजेशन के पिलर्स पर बनी हैं, इसलिए सिस्टम को स्वभाव से ही भरोसेमंद बनाया गया है. क्योंकि यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड है. इसलिए, एक सुरक्षित, तेज और कुशल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है जिसे एंटरप्राइजेज द्वारा डिजिटल एसेट ट्रेडिंग को सक्षम करके लाभ के लिए अपनाया जा सके. Rooba इस बड़े बाजार में काम कर रही है, जिसके बारे में हमारा मानना ​​है कि अगले 24 महीनों में इसमें तेजी से वृद्धि होगी."

प्लेटफॉर्म में एक इंस्टीट्यूशनल-ग्रेड लेयर 2 नेटवर्क और एक थ्रेसहोल्ड मल्टी पार्टी कम्प्यूटेशन वॉलेट शामिल है. यह ग्राहकों को कभी भी एक प्राइवेट की (private key) बनाने या मैनेज करने की आवश्यकता के बिना अपनी असेट को मैनेज करने देगा.

मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के साथ, प्लेटफॉर्म आगामी 22 अक्टूबर को लाइव होने के लिए तैयार है. Research and Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1.7 ट्रिलियन डॉलर के मौजूदा मार्केट साइज के साथ ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के 58.4% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) पर 2027 तक 32.42 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

Latest

Updates from around the world